नहीं आएगी कोई आंच, चीन-पाकिस्तान की किसी भी चुनौती के लिए तैयार; थिएटर कमांड पर बोले नेवी चीफ
एडमिरल त्रिपाठी ने आत्मनिर्भरता पर विशेष जोर देते हुए कहा कि भारतीय नौसेना अब खरीदार नौसेना से निर्माता नौसेना बन चुकी है। वर्तमान में निर्माणाधीन सभी 45 युद्धपोत भारतीय शिपयार्ड में बनाए जा रहे हैं।

भारतीय नौसेना प्रमुख एडमिरल दिनेश के. त्रिपाठी ने देश की समुद्री सीमा सुरक्षा को लेकर बड़ा बयान दिया है। उन्होंने कहा कि भारतीय नौसेना चीन और पाकिस्तान से आने वाली किसी भी दो मोर्चे की चुनौती का सामना करने के लिए पूरी तरह तैयार है। उन्होंने कहा कि नौसेना ने समुद्री निगरानी नेटवर्क, पानी के नीचे की निगरानी प्रणाली, एंटी-सबमरीन वॉरफेयर क्षमताओं और नेटवर्क-केंद्रित ऑपरेशन को काफी मजबूत किया है। भारतीय महासागर क्षेत्र (IOR) में बढ़ती रणनीतिक प्रतिस्पर्धा और अतिरिक्त क्षेत्रीय शक्तियों की मौजूदगी को देखते हुए नौसेना अपनी क्षमताओं को लगातार बढ़ा रही है।
एडमिरल त्रिपाठी ने साफ किया कि नौसेना की रणनीति किसी खास देश को निशाना बनाने के बजाय क्षमता की जरूरतों और खतरे पर आधारित है। उन्होंने कहा, 'हम पूरी तरह जागरूक हैं कि भारतीय महासागर क्षेत्र बढ़ती रणनीतिक प्रतिस्पर्धा और अतिरिक्त क्षेत्रीय शक्तियों की मौजूदगी को देख रहा है, जो हमें सहयोग के युग से तीव्र प्रतिस्पर्धा के युग की ओर ले जा रहा है।'
नौसेना की तैयारी के बारे में क्या बताया
चीन के बढ़ते नौसैनिक प्रभाव और पाकिस्तान के साथ उसके गहरे रक्षा सहयोग को देखते हुए ये बयान काफी अहम है। नौसेना प्रमुख ने बताया कि मिशन-आधारित तैनाती, महत्वपूर्ण समुद्री चोक पॉइंट्स और शिपिंग लेन पर निरंतर उपस्थिति बनाए रखना नेवी की रणनीति का हिस्सा है। उन्होंने कहा कि निरोधक क्षमता सिर्फ संख्या से नहीं बल्कि विश्वसनीय क्षमता, तैयारी, तकनीकी विकास और जरूरत पड़ने पर लागत थोपने की क्षमता से बनती है।
नौसेना प्रोजेक्ट 75(I) के तहत 6 स्टेल्थ पनडुब्बियों को शामिल करने और बेड़े को 200 जहाजों से अधिक करने की योजना पर काम कर रही है। एडमिरल त्रिपाठी ने आत्मनिर्भरता पर विशेष जोर देते हुए कहा कि भारतीय नौसेना अब खरीदार नौसेना से निर्माता नौसेना बन चुकी है। वर्तमान में निर्माणाधीन सभी 45 युद्धपोत भारतीय शिपयार्ड में बनाए जा रहे हैं और हाल ही में शामिल किए गए जहाजों में लगभग 80 प्रतिशत स्वदेशी सामग्री है। 2025 के बाद से दो पनडुब्बियां और 18 युद्धपोत शामिल किए गए हैं।




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