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लू के महीने में अचानक क्यों ठंडा हुआ मौसम? यूपी में टूटा रिकॉर्ड! जानें IMD का जवाब

मई के महीने में चिलचिलाती गर्मी के बीच देश के कई हिस्सों में तापमान अचानक गिर गया है। यूपी में रिकॉर्ड टूट गया है। जानें IMD ने इस असामान्य सुहावने मौसम और बारिश की क्या वजह बताई है।

Sat, 9 May 2026 08:17 PMAmit Kumar लाइव हिन्दुस्तान, नई दिल्ली
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लू के महीने में अचानक क्यों ठंडा हुआ मौसम? यूपी में टूटा रिकॉर्ड! जानें IMD का जवाब

भारत में मई का महीना आमतौर पर भीषण गर्मी और लू के लिए जाना जाता है। लेकिन, साल 2026 की मई ने अपने मिजाज से सबको हैरान कर दिया है। देश के कई हिस्सों में मौसम असामान्य रूप से खुशनुमा बना हुआ है, जिससे लोगों को चिलचिलाती गर्मी से बड़ी राहत मिली है।

उत्तर, पूर्व और मध्य भारत के बड़े हिस्से में दिन का तापमान सामान्य से काफी नीचे दर्ज किया गया है। हालात ये हैं कि कुछ इलाकों में मौसमी औसत की तुलना में तापमान 8 से 13 डिग्री सेल्सियस तक नीचे गिर गया है।

यूपी के हरदोई में टूटा रिकॉर्ड

तापमान में गिरावट का सबसे हैरान करने वाला आंकड़ा उत्तर प्रदेश से सामने आया। यहां हरदोई वेधशाला (ऑब्जर्वेटरी) में 7 मई को दिन का अधिकतम तापमान महज 26 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। बताया जा रहा है कि हरदोई में मई के महीने में दिन का यह अब तक का सबसे कम तापमान है।

भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (IMD) के अनुसार, इस पूरे महीने देश के कई क्षेत्रों में सामान्य से अधिक ठंडा मौसम बने रहने की संभावना है। अपनी मासिक भविष्यवाणी में मौसम विभाग ने भी कहा था कि मई 2026 के दौरान देश के कई हिस्सों में अधिकतम तापमान सामान्य या उससे नीचे रहने की उम्मीद है।

आखिर मई में मौसम के ठंडा होने की क्या है वजह?

अगर आपके मन में भी यह सवाल है कि अचानक मौसम इतना ठंडा क्यों हो गया, तो मौसम विज्ञानियों ने इसकी मुख्य वजहें स्पष्ट की हैं:

पश्चिमी विक्षोभ और पूर्वी हवाएं: इस असामान्य ठंडक की मुख्य वजह लगातार चलने वाली पूर्वी हवाएं और बार-बार आने वाले पश्चिमी विक्षोभ हैं। इनके कारण ही कई राज्यों में रुक-रुक कर बारिश हो रही है।

तापमान पर लगाम: बारिश और बादलों ने विशेष रूप से सुबह और शाम के समय तापमान को तेजी से बढ़ने से रोक दिया है।

मार्च और अप्रैल की बारिश का असर: इस साल की शुरुआत में ही पश्चिमी और मध्य भारत के कुछ हिस्सों में तापमान 45 डिग्री तक पहुंच गया था, जिसके बाद मार्च से मई के बीच भयंकर हीटवेव (लू) की चेतावनी दी गई थी। लेकिन मार्च और अप्रैल के दौरान हुई बारिश की गतिविधियों ने गर्मी को उस तरह से बढ़ने नहीं दिया, जैसी आशंका थी।

आईएमडी का ताजा अनुमान है कि मई के दौरान देश के ज्यादातर हिस्सों में सामान्य से अधिक बारिश होगी। हालांकि, पूर्व, पूर्वोत्तर और पूर्व-मध्य भारत के कुछ इलाकों में अभी भी सामान्य से कम बारिश होने के आसार हैं।

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अभी पूरी तरह टला नहीं है हीटवेव का खतरा

भले ही अभी मौसम सुहावना है, लेकिन IMD और मौसम विशेषज्ञों ने आगाह किया है कि गर्मी का खतरा अभी खत्म नहीं हुआ है:

इन राज्यों में लू का अलर्ट: आईएमडी की चेतावनी के मुताबिक, इस महीने के अंत में दक्षिण, पूर्वोत्तर और पश्चिमोत्तर भारत के कुछ हिस्सों में तापमान सामान्य से अधिक हो सकता है और हीटवेव के दिनों में बढ़ोतरी देखी जा सकती है।

गर्म होती रातें: कई राज्यों में रात के तापमान में वृद्धि एक बड़ी चिंता का विषय है। जिन इलाकों में दिन का मौसम सुहावना है, वहां भी रातें सामान्य से ज्यादा गर्म रह रही हैं। इससे सूर्यास्त के बाद प्राकृतिक रूप से मिलने वाली ठंडक कम हो रही है, जिससे खासकर शहरी केंद्रों में 'हीट स्ट्रेस' (गर्मी का तनाव) बढ़ रहा है।

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अल नीनो का साया: वैज्ञानिक इस साल के अंत में 'अल नीनो' की स्थिति विकसित होने की संभावना पर भी करीब से नजर रख रहे हैं। अगर ऐसा होता है, तो मानसूनी गतिविधियां कमजोर पड़ सकती हैं, बारिश में देरी हो सकती है और पूरे उपमहाद्वीप में गर्मी का मौसम लंबा खिंच सकता है।

जलवायु विशेषज्ञों का स्पष्ट रूप से कहना है कि पश्चिमी विक्षोभ जैसे अस्थायी मौसमी सिस्टम कुछ समय के लिए राहत जरूर दे रहे हैं, लेकिन अगर लंबे समय के 'वार्मिंग ट्रेंड्स' को देखें तो आने वाले वर्षों में भारत में गर्मियां और अधिक प्रचंड व तेज ही होंगी।