If Mamata Banerjee going to Next Uddhav Thackeray who are supposed to left TMC 50 विधायक, 20 सांसदों के TMC छोड़ने की अटकलें; कहीं उद्धव जैसा न हो जाए ममता बनर्जी का हाल, India News in Hindi - Hindustan
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50 विधायक, 20 सांसदों के TMC छोड़ने की अटकलें; कहीं उद्धव जैसा न हो जाए ममता बनर्जी का हाल

लगातार तीन बार बंगाल पर शासन करने वाली ममता बनर्जी की पार्टी अब सत्ता से बाहर है। इसके साथ ही बंगाल में कई उलटफेर देखने को मिल रहे हैं। इन सबके बीच एक भाजपा सांसद ने बड़ा दावा करके सियासी खलबली मचा दी है।

Thu, 28 May 2026 08:03 PMDeepak Mishra लाइव हिन्दुस्तान, कोलकाता
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50 विधायक, 20 सांसदों के TMC छोड़ने की अटकलें; कहीं उद्धव जैसा न हो जाए ममता बनर्जी का हाल

पश्चिम बंगाल में सत्ता परिवर्तन हो चुका है। लगातार तीन बार बंगाल पर शासन करने वाली ममता बनर्जी की पार्टी अब सत्ता से बाहर है। इसके साथ ही बंगाल में कई उलटफेर देखने को मिल रहे हैं। इन सबके बीच एक भाजपा सांसद ने बड़ा दावा करके सियासी खलबली मचा दी है। इस भाजपा सांसद का नाम है सौमित्र खान। सौमित्र खान ने दावा किया है कि ममता बनर्जी की पार्टी टीएमसी के करीब 50 विधायक और 20 विधायक टूटने वाले हैं। उन्होंने आगे कहाकि यह सभी पार्टी के नेतृत्व से नाराज हैं और भाजपा में शामिल हो सकते हैं। अगर ऐसा होता है कि बंगाल की सत्ता गंवाने के बाद ममता बनर्जी के बाद यह सबसे बड़ा झटका होगा। वहीं, यह भी अटकलें लगी हैं कि अगर हकीकत में ऐसा हुआ तो कहीं ममता बनर्जी का हाल भी उद्धव ठाकरे जैसा न हो जाए।

महाराष्ट्र में क्या हुआ था
आइए सबसे पहले यह जान लेते हैं कि महाराष्ट्र में हुआ था। एकनाथ शिंदे उद्धव ठाकरे के नेतृत्व वाले शिवसेना के कद्दावर नेता था। लेकिन जून 2022 में उन्होंने बगावत कर दिया। शिंदे ने दावा किया कि उनके पास 34 विधायकों का समर्थन है। असल में एकनाथ शिंदे चाहते थे कि शिवसेना महाविकास अघाड़ी से अलग हो जाए। बताया जाता है कि इसी के लिए उन्होंने उद्धव ठाकरे से बगावत की और बागी विधायकों को लेकर गुवाहाटी चले गए। लंबे समय तक सियासी ड्रामे के बाद आखिर एकनाथ शिंदे ने महाराष्ट्र में भाजपा को समर्थन देते हुए सरकार बनाने में सहयोग किया। एकनाथ शिंदे ही मुख्यमंत्री भी बने थे। इसके साथ ही उद्धव ठाकरे के पास से सत्ता तो गई ही, शिवसेना का नाम और चुनाव निशान भी चला गया। आज आलम यह है कि उद्धव ठाकरे खुद को बेहद असहाय हालत में पा रहे हैं। यहां तक जिस बीएमसी पर उनकी तूती बोलती थी, वहां से भी वह हट चुके हैं।

बंगाल में क्या हाल
पश्चिम बंगाल में भी ममता बनर्जी सियासी भूचाल से जूझ रही हैं। 15 साल तक सत्ता में रहने के बाद टीएमसी अब हारकर बाहर हो चुकी है। वहीं, भाजपा ने यहां पर सरकार बनाई है। सरकार बदलते ही, बंगाल में नेताओं की वफादारी भी ममता बनर्जी के प्रति बदलने लगी है। टीएमसी के तमाम पदाधिकारी इस्तीफा दे रहे हैं। वहीं, नई सरकार ने टीएमसी के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है। ममता बनर्जी के भतीजे अभिषेक बनर्जी समेत अन्य टीएमसी नेताओं की कुंडलियां खंगाली जा रही हैं। इनके खिलाफ भ्रष्टाचार के मुकदमों को खोला जा रहा है और जांच की जा रही है। बताया जा रहा है कि शुभेंदु सरकार के इस ऐक्शन से बेचैनी के बीच कई टीएमसी नेता पाला बदलने की फिराक में हैं।

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तो ममता का क्या होगा
अगर पश्चिम बंगाल में टीएमसी टूटती है तो फिर ममता बनर्जी के लिए मुश्किलें बढ़ जाएंगी। मां, माटी, मानुष के नारे के साथ ममता बनर्जी ने बंगाल में वाम मोर्च का गढ़ ढहाया था। इसके बाद उन्होंने तीन टर्म तक बंगाल पर शासन किया। लेकिन बदलने हालात में उनके लिए अस्तित्व बचाने की लड़ाई मुश्किल हो रही है। भाजपा यहां पर पहली बार सत्ता में आई है। अब भाजपा इस फिराक में है कि ममता बनर्जी की आगे का रास्ता मुश्किल कर दिया जाए। शुभेंदु अधिकारी, चूंकि लंबे अरसे तक ममता के साथ ही रहे हैं, उन्हें टीएमसी की कमजोरियों का अंदाजा है। ऐसे में वह टीएमसी की जड़ों को कमजोर करने में कोई कसर नहीं उठा रखेंगे।