How Did an Air Force Jawan Become Suvendu Adhikari Most Trusted Confidant Chandranath Rath Connection with TMC वायुसेना जवान कैसे बना शुभेंदु अधिकारी का सबसे भरोसेमंद? चंद्रनाथ रथ का TMC से कैसा नाता, India News in Hindi - Hindustan
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वायुसेना जवान कैसे बना शुभेंदु अधिकारी का सबसे भरोसेमंद? चंद्रनाथ रथ का TMC से कैसा नाता

चंद्रनाथ रथ ने वायु सेना से स्वैच्छिक सेवानिवृत्ति लेने के बाद कुछ समय के लिए कॉर्पोरेट क्षेत्र में काम किया और फिर धीरे-धीरे राजनीतिक और प्रशासनिक जिम्मेदारियों की ओर अग्रसर हुए।

Thu, 7 May 2026 10:24 AMHimanshu Jha भाषा
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वायुसेना जवान कैसे बना शुभेंदु अधिकारी का सबसे भरोसेमंद? चंद्रनाथ रथ का TMC से कैसा नाता

पश्चिम बंगाल में भारतीय जनता पार्टी (BJP) की शानदार जीत के बाद बंगाल से हिंसक झड़प की खबरें आ रही हैं। उत्तर 24 परगना जिले में भवानीपुर और नंदीग्राम सीट पर शानदार जीत दर्ज करने वाले शुभेंदु अधिकारी के करीबी सहयोगी चंद्रनाथ रथ की बुधवार रात गोली मारकर हत्या कर दी गई। वह वायुसेना (IAF) में सेवा देने के बाद भाजपा नेता के करीबी सहयोगी बन गए। भारतीय वायु सेना में सेवा देने से लेकर शुभेंदु के सबसे भरोसेमंद राजनीतिक सहयोगियों में से एक बनने वाले चंद्रनाथ का भाजपा नेता से दो दशक से अधिक पुराना नाता रहा।

पार्टी सूत्रों के मुताबिक, 41 साल के चंद्रनाथ रथ मूल रूप से पूर्वी मेदिनीपुर जिले के चांदीपुर के रहने वाले थे। पूर्वी मेदिनीपुर, बंगाल की राजनीति में शुभेंदु के उदय का मुख्य केंद्र रहा है। शांत स्वभाव और जमीनी स्तर से जुड़े चंद्रनाथ वर्षों तक अधिकारी के करीबी लोगों में शामिल होने के बावजूद लोगों की नजरों से काफी हद तक दूर रहे।

IAF में दो दशक तक सेवा

चंद्रनाथ रथ ने सक्रिय राजनीतिक में प्रवेश से पहले राहारा रामकृष्ण मिशन से अपनी शिक्षा पूरी करने के बाद भारतीय वायु सेना में लगभग दो दशक सेवा की। परिवार के करीबी लोगों ने बताया कि चंद्रनाथ ने एक बार आध्यात्मिक जीवन अपनाने पर विचार किया था और छात्र जीवन के दौरान रामकृष्ण मिशन के आदर्शों से गहरे प्रभावित हुए थे।

चंद्रनाथ रथ ने वायु सेना से स्वैच्छिक सेवानिवृत्ति लेने के बाद कुछ समय के लिए कॉर्पोरेट क्षेत्र में काम किया और फिर धीरे-धीरे राजनीतिक और प्रशासनिक जिम्मेदारियों की ओर अग्रसर हुए।

तृणमूल से भी कनेक्शन

शुभेंदु अधिकारी के परिवार की तरह चंद्रनाथ का परिवार भी पहले तृणमूल कांग्रेस से जुड़ा हुआ था। चंद्रनाथ की मां हासी रथ तृणमूल के शासनकाल के दौरान पूर्वी मेदिनीपुर की एक स्थानीय पंचायत में पद पर थीं और 2020 में उन्होंने शुभेंदु के साथ भाजपा में शामिल होने का फैसला किया। परिवार के जानकारों का कहना है कि रथ परिवार और शुभेंदु का रिश्ता दो दशक से भी अधिक पुराना है।

कैसे इतने करीब आए?

चंद्रनाथ औपचारिक रूप से 2019 के आसपास शुभेंदु की आधिकारिक टीम का हिस्सा बने जब शुभेंदु ममता बनर्जी सरकार में मंत्री थे। चंद्रनाथ ने शुरुआत में शुभेंदु के मंत्री पद से जुड़ी जिम्मेदारियां संभालीं और बाद में उनके भाजपा में शामिल होने के बाद भी इसी तरह की भूमिका निभाते रहे। पिछले कुछ वर्षों में चंद्रनाथ, शुभेंदु के राजनीतिक अभियानों में एक महत्वपूर्ण भूमिका निभाने वाले व्यक्ति के रूप में उभरे।

उन्होंने संगठनात्मक कार्यों का समन्वय, प्रबंधन और पार्टी कार्यकर्ताओं के साथ संचार बनाए रखने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। वह भाजपा के भवानीपुर चुनाव अभियान सहित कई चर्चित विधानसभा सीटों पर प्रचार के दौरान पार्टी की मुख्य टीम का हिस्सा भी थे।

बुधवार रात को मोटरसाइकिल पर सवार हमलावरों ने मध्यग्राम के दोहरिया इलाके के पास चंद्रनाथ की गाड़ी को कथित तौर पर रोका और उन पर करीब से गोलियां चलाईं। चंद्रनाथ की हत्या ने बंगाल में राजनीतिक हलचल उत्पन्न कर दी है और विधानसभा चुनाव परिणामों के बाद पहले से ही अस्थिर माहौल को तनावपूर्ण बना दिया है।