बाबरी मस्जिद वाले हुमायूं कबीर ममता बनर्जी की हार से क्यों इतने गदगद, कहा- अच्छा हुआ
पश्चिम बंगाल के मुर्शिदाबाद में बाबरी मस्जिद बनवाने का ऐलान कर चुके हुमायूं कबीर टीएमसी की हार से गदगद हैं। उन्होंने ममता बनर्जी के सत्ता से बाहर होने पर खुशी जाहिर की और इसके कारण भी गिनाए।

पश्चिम बंगाल के मुर्शिदाबाद में बाबरी मस्जिद बनवाने का ऐलान कर चुके हुमायूं कबीर अपनी पूर्व पार्टी की हार से गदगद हैं। उन्होंने टीएमसी की सत्ता से विदाई पर खुशी जाहिर करते हुए कहा है कि 'जो हुआ वह अच्छा हुआ।' बाबरी मस्जिद के निर्माण का ऐलान करने के बाद टीएमसी ने अपने विधायक को बाहर का रास्ता दिखा दिया था। हालांकि, तब तक काफी देर हो चुकी थी और बाबरी मुद्दे ने बंगाल जिस ध्रुवीकरण को हवा दी उसका भाजपा को बड़ा फायदा मिला है।
हुमायूं कबीर ने न्यूज एजेंसी एएनआई से बातचीत करते हुए ममता बनर्जी की पार्टी को हराने के लिए बंगाल के लोगों को बधाई दी और कहा कि टीएमसी शासन में अंग्रेजों से भी ज्यादा लूटा गया। उन्होंने पहली प्रतिक्रिया में कहा, 'जो हुआ ,अच्छा हुआ, यह होना ही था। ममता बनर्जी ने तीन-तीन बार सीएम बनकर भतीजा को इतना ताकत दिया। लोगों के साथ इतना धोखाधड़ी किया। लोगों का इतना पैसा लूटा। ब्रिटिश ने 100-200 साल में जितना लूटा, उतना 15 साल में ही लूट लिया। आज के दिन बंगाल के लोगों को बधाई दूंगा कि टीएमसी को, लूटने वाले को अच्छा जवाब दिया।'
हुमायूं कबीर ने एक और सवाल के जवाब में कहा कि टीएमसी को भ्रष्टाचार का जवाब मिला है। उन्होंने कहा, 'क्या बोलूंगा... मेरा हक है राजनीति करने का, ममता बनर्जी को हक है राजनीति करने का। वह जो गलत काम में जुटा है। भ्रष्टाचार में ज्यादा डूब गया, उनका जवाब मिल गया उनको।' दो सीटों से जीत पक्की कर चुके हुमायूं कबीर ने कहा कि वह दोनों सीट से जीत का सर्टिफिकेट लेकर घर जाएंगे। कबीर ने कहा कि यह बाद में तय करेंगे कि किस सीट को बरकरार रखेंगे और किसे खाली करेंगे।
टीएमसी की हार में हुमायूं कबीर के क्यों चर्चे
पश्चिम बंगाल में टीएमसी की हार के लिए जिम्मेदार वजहों में हुमायूं कबीर का भी नाम लिया जा रहा है। दरअसल, टीएमसी के विधायक रहते हुए हुमायूं कबीर ने पश्चिम बंगाल में बाबरी मस्जिद बनाने का ऐलान कर दिया था। शुरुआत में पार्टी इस मुद्दे से किनारा करती रही और जब ध्रुवीकरण बढ़ने लगा तो हुमायूं कबीर को पार्टी से बाहर का रास्ता दिखा दिया गया। हुमायू कबीर पुलिस के संरक्षण में बाबरी मस्जिद की नींव रखने में भी कामयाब रहे। इसकी वजह से बंगाल में ध्रुवीकरण को हवा मिली और इसका खामियाजा ममता बनर्जी और उनकी पार्टी को उठाना पड़ा है।
हुमायूं कबीर ने टीएमसी से अलग होने के बाद अपनी पार्टी का गठन किया और एआईएमआईएम के साथ मिलकर कई सीटों पर उम्मीदवार उतारे। हालांकि, बीच चुनाव उनका एक वीडियो सामने आने के बाद असदुद्दीन ओवैसी की पार्टी ने गठबंधन तोड़ लिया। वायरल हुए वीडियो में हुमायूं कबीर भाजपा से मिलीभगत की बात कबूल करते सुनाए दिए थे। बाद में उन्होंने इस वीडियो को फर्जी बताया था।




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