किम जोंग उन की तरह काम कर रही भाजपा, राज्यसभा की सीट चोरी कर ली: रेवंत रेड्डी
रेवंत रेड्डी ने कहा कि बीजेपी पहले वोट चोरी करती थी, लेकिन जब वह मध्य प्रदेश में कांग्रेस विधायकों को अपने पाले में करने में नाकाम रही तो उसने रिटर्निंग ऑफिसर के जरिए सीट चोरी का रास्ता चुना।

तेलंगाना के मुख्यमंत्री ए. रेवंत रेड्डी ने राज्यसभा चुनावों को लेकर भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) पर बेहद गंभीर और तीखे आरोप लगाए हैं। मुख्यमंत्री ने मध्य प्रदेश में कांग्रेस की राज्यसभा उम्मीदवार मीनाक्षी नटराजन का नामांकन रद्द होने के मामले में बीजेपी के शीर्ष नेतृत्व और वहां के रिटर्निंग ऑफिसर को साजिशकर्ता करार दिया है। उन्होंने आरोप लगाया कि बीजेपी ने चुनाव जीतने के लिए उत्तर कोरिया के तानाशाह किम जोंग उन का मॉडल अपना लिया है।
हैदराबाद में पत्रकारों से बात करते हुए रेवंत रेड्डी ने कहा कि बीजेपी पहले वोट चोरी करती थी, लेकिन जब वह मध्य प्रदेश में कांग्रेस विधायकों को अपने पाले में करने में नाकाम रही तो उसने रिटर्निंग ऑफिसर के जरिए सीट चोरी का रास्ता चुना। उन्होंने मीनाक्षी नटराजन का नामांकन रद्द किए जाने के फैसले को एक गलती बताया।
उत्तर कोरिया का हवाला देते हुए मुख्यमंत्री ने कहा, "इन दिनों उत्तर कोरिया के सर्वोच्च नेता किम जोंग उन बीजेपी के रोल मॉडल बन गए हैं। जैसे उत्तर कोरिया के चुनावों में सिर्फ एक ही चुनाव चिह्न होता है। ठीक वैसा ही मॉडल बीजेपी ने मध्य प्रदेश के राज्यसभा चुनावों में लागू करने की कोशिश की है। जब उनके पास पर्याप्त संख्या बल नहीं था तो उन्होंने तीसरा उम्मीदवार मैदान में उतारा ही क्यों?"
राज्यसभा चुनाव में किसने दिया धोखा?
जब संवाददाताओं ने रेवंत रेड्डी से पूछा कि सुप्रीम कोर्ट ने भी मीनाक्षी नटराजन को इस मामले में कोई राहत नहीं दी है तो उन्होंने साफ किया, "मैं चुनाव आयोग पर नहीं, बल्कि वहां के रिटर्निंग ऑफिसर पर आरोप लगा रहा हूं। वह पूरी तरह से पक्षपाती हैं और बीजेपी के एक कार्यकर्ता की तरह काम कर रहे हैं। बीजेपी ने लोकतंत्र को ताक पर रखकर चुनाव अधिकारी को एक हथियार की तरह इस्तेमाल किया।"
रेड्डी ने बीजेपी को महिला विरोधी और अलोकतांत्रिक बताते हुए कहा कि यह लड़ाई गांधीवादी और गोडसे की विचारधारा के बीच की है, क्योंकि मीनाक्षी नटराजन एक सच्ची गांधीवादी नेता हैं। उन्होंने स्पष्ट किया कि नटराजन के खिलाफ कोई आपराधिक मामला दर्ज नहीं है और केवल एक पुराने राजनीतिक विवाद में अदालत ने उन्हें प्रतिवादी के रूप में समन भेजा था, न कि एक आरोपी के रूप में।
TMC की बगावत पर भी बोले
पश्चिम बंगाल में तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) के भीतर चल रही बगावत और विलय की खबरों पर बोलते हुए रेवंत रेड्डी ने कहा कि केवल फ्लोर लीडर्स के मिलने से किसी दल का विलय नहीं हो सकता। इसके लिए या तो पूरी पार्टी का विलय होना चाहिए या फिर दो-तिहाई विधायकों को एक साथ पाला बदलना होगा। कानूनन विधायकों के पास व्यक्तिगत रूप से पार्टी विलय का अधिकार नहीं है।
मोदी के साथ तस्वीरों पर सफाई
पिछले दिनों प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के साथ अपनी मुलाकात के दौरान की एक तस्वीर पर प्रतिक्रिया देते हुए रेड्डी ने कहा, "वह मैंने नहीं बल्कि प्रधानमंत्री ने मेरा हाथ पकड़ा था। यह असल में भारत सरकार द्वारा तेलंगाना का हाथ थामने जैसा था। विकास के लिए केंद्र को राज्यों का सहयोग करना ही होगा। हम चुनाव में भले एक-दूसरे के खिलाफ लड़ें, लेकिन विकास के लिए मिलकर काम करना जरूरी है।" उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि विपक्षी दलों द्वारा शासित राज्यों के साथ केंद्र भेदभाव कर रहा है और इस भेदभाव को खत्म करने का एकमात्र तरीका प्रधानमंत्री को बदलना है।




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