'आरी आरी आरी', इमैनुएल मैक्रों ने धुरंधर के गाने संग शेयर किया पीएम मोदी का वीडियो
प्रधानमंत्री मोदी और फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों के बीच रविवार को हुई द्विपक्षीय वार्ता में 13 अहम समझौतों और पहलों पर सहमति बनी। दोनों देशों ने अगले पांच वर्षों के भीतर आपसी व्यापार को दोगुना करने का लक्ष्य तय किया।

फ्रांस के नीस शहर में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और फ्रांसीसी राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों की मुलाकात हुई, जिसने कूटनीतिक हलकों के साथ-साथ सोशल मीडिया पर भी खूब सुर्खियां बटोरीं। जी-7 शिखर सम्मेलन से इतर हुई मुलाकात का एक वीडियो राष्ट्रपति मैक्रों ने शेयर किया, जिसमें उनकी और पीएम मोदी की शानदार बॉन्डिंग देखने को मिली। वीडियो के बैकग्राउंड में बॉलीवुड फिल्म धुरंधर का गाना ‘आरी-आरी’ बजता सुनाई देता है, जिसे सोशल मीडिया पर लोगों ने काफी पसंद किया। वीडियो में दोनों नेता एक-दूसरे का गर्मजोशी से अभिवादन करते, गले मिलते, हाथ मिलाते और साथ चलते हुए दिखाई दे रहे हैं।
पीएम मोदी और राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों के बीच रविवार को हुई बातचीत में 13 मुद्दों पर सहमति बनी, जिनमें अगले पांच वर्षों में वार्षिक द्विपक्षीय व्यापार को दोगुना करने का लक्ष्य और एक एआई ढांचा शामिल हैं। दोनों पक्षों ने तीव्र गति रेलवे क्षेत्र में सहयोग के लिए एक घोषणा-पत्र और गोपनीय डेटा की सुरक्षा के लिए सुरक्षा समझौते को भी अंतिम रूप दिया। उन्होंने भारत की यूनिफाइड पेमेंट्स इंटरफेस (UPI) सिस्टम का विस्तार पेरिस हवाई अड्डे और नीस तक करने पर भी सहमति व्यक्त की।
पीएम मोदी और मैक्रों के बीच क्या हुई बातचीत
दोनों नेताओं के बीच हुई बातचीत मुख्य रूप से तकनीक और नवाचार के क्षेत्र में संबंधों को मजबूत करने पर केंद्रित थी, जिसमें प्रधानमंत्री मोदी ने वैज्ञानिक प्रगति के लिए मानव-केंद्रित दृष्टिकोण की आवश्यकता पर जोर दिया। पीएम मोदी शनिवार रात अपने सप्ताहभर के फ्रांस और स्लोवाकिया दौरे के तहत इस फ्रांसीसी शहर पहुंचे। विदेश सचिव विक्रम मिसरी ने कहा कि मोदी–मैक्रों की चर्चा में द्विपक्षीय संबंधों के पूरे दायरे को शामिल किया गया, जिसमें रक्षा, सुरक्षा, अंतरिक्ष, असैन्य परमाणु ऊर्जा, व्यापार और निवेश, तकनीक, नवाचार, शिक्षा, गतिशीलता तथा दोनों देशों के लोगों के बीच परस्पर संबंध शामिल हैं।
विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने कहा कि भारत–फ्रांस नवाचार रूपरेखा 2030 का उद्देश्य अत्याधुनिक और उभरती हुई प्रौद्योगिकियों के साथ-साथ स्टार्टअप के क्षेत्र में सहयोग को गहरा करना है। साथ ही, शैक्षणिक गतिशीलता और उद्योग–शिक्षा जगत के बीच संबंधों को बढ़ावा देना भी है। दोनों पक्षों ने अगले पांच वर्षों में द्विपक्षीय व्यापार को दोगुना करने के लक्ष्य को हासिल करने के लिए एक उच्च-स्तरीय तंत्र के गठन की भी घोषणा की। वर्तमान में द्विपक्षीय व्यापार लगभग 16 अरब अमेरिकी डॉलर का है। आर्थिक सुरक्षा के लिए एक अलग संवाद तंत्र की भी घोषणा की गई।




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