सारी समस्याओं का जिम्मेदार, टीएमसी छोड़ने के बाद अभिषेक बनर्जी पर खूब बरसा यह नेता
ममता बनर्जी की पार्टी में इस्तीफों का दौर थमने का नाम नहीं ले रहा है। इसी कड़ी में टीएमसी के राज्य अल्पसंख्यक सेल सचिव अजमल सिद्दीकी ने भी इस्तीफा दे दिया है। अजमल सिद्दिकी ने शनिवार को इस बारे में बयान जारी किया।

ममता बनर्जी की पार्टी में इस्तीफों का दौर थमने का नाम नहीं ले रहा है। इसी कड़ी में टीएमसी के राज्य अल्पसंख्यक सेल सचिव अजमल सिद्दीकी ने भी इस्तीफा दे दिया है। अजमल सिद्दिकी ने शनिवार को इस बारे में बयान जारी किया और अपने इस्तीफे की वजह बताई। साथ ही यह भी कहाकि इस पार्टी में रहना अब असहज करने लगा है। उन्होंने सारी समस्याओं का जिम्मेदार ममता बनर्जी के भतीजे अभिषेक बनर्जी को बताया। गौरतलब है कि टीएमसी के करीब 60 विधायकों ने अलग होकर एक नया गुट बना लिया है। इन लोगों ने ऋतब्रत बनर्जी के नेतृत्व में विधानसभा में अपनी दावेदारी पेश की है। साथ ही ऋतब्रत के लिए नेता प्रतिपक्ष का पद भी हासिल कर दिया है।
यह पार्टी केवल बदनामी लाती है
अजमल सिद्दिकी ने कहाकि मैं हज यात्रा से महज दो दिन पहले ही लौटा हूं। लौटने के बाद मैंने फैसला किया कि टीएमसी पार्टी केवल बदनामी ही लाती है। उन्होंने कहाकि इसके अधिकांश सदस्य अवांछनीय गतिविधियों में लगे हुए हैं। लगातार तरह-तरह के स्कैंडल्स सामने आ रहे हैं। उन्होंने आशंका जताई कि भविष्य में शायद इस तरह की और भी घटनाएं सामने आएंगी। अजमल ने आगे कहाकि इस पार्टी में रहते हुए अब बहुत ज्यादा असहज महसूस हो रहा है। उन्होंने आरोप लगाया कि यह लोगों के लिए कोई वास्तविक काम नहीं कर रही है और सिर्फ नाम की पार्टी है। आप इसके भीतर कुछ भी सार्थक हासिल नहीं कर सकते। वहां केवल वही लोग सफल होते हैं जो चापलूसी के जरिए ऊपर उठे हैं।
यह सब असहनीय
टीएमसी में राज्य अल्पसंख्यक सेल सचिव रह चुके अजमल सिद्दिकी ने कहाकि यही वजह है कि हज से लौटने के बाद, मैंने तय किया कि इस्तीफा देना ही बेहतर रहेगा। इसके साथ ही उन्होंने ममता के भतीजे पर आरोप भी लगाया। उन्होंने कहाकि आज पार्टी सिर्फ एक आदमी की वजह से ध्वस्त हो रही है और वह है अभिषेक बनर्जी। उनका जो तानाशाही रवैया है और उन्होंने हमारा जिस तरह से दमन किया है, वह बर्दाश्त के बाहर है। हमारे खिलाफ 12 या 13 साल पहले झूठे मामले दर्ज कराना, फिर पैसे की मांग, यह सब असहनीय है।
जब अजमल सिद्दिकी से पूछा गया कि क्या वे भाजपा में कोई पद चाहते हैं? इसके जवाब में उन्होंने कहाकि हमने इसके बारे में अभी तक नहीं सोचा है। हमारी केवल एक इच्छा है कि बंगाल में विकास हो। यहां पर उद्योग-धंधे स्थापित हों और गरीबों को रोजगार मिले।




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