Donald Trump China visit meeting with Xi Jinping significant for India as well amid Iran war भारत के लिए भी अहम है ट्रंप और शी जिनपिंग की मुलाकात, युद्ध खत्म होने का निकलेगा रास्ता?, India News in Hindi - Hindustan
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भारत के लिए भी अहम है ट्रंप और शी जिनपिंग की मुलाकात, युद्ध खत्म होने का निकलेगा रास्ता?

दुनियाभर में युद्ध की वजह से मची खलबली के बीच डोनाल्ड ट्रंप आधिकारिक दौरे पर चीन पहुंचे हैं। यहां ट्रंप चीनी राष्ट्रपति शी जिनपिंग से भी मुलाकात करेंगे और दोनों के बीच युद्ध को लेकर भी चर्चा होने की उम्मीद है।

Wed, 13 May 2026 08:57 AMJagriti Kumari लाइव हिन्दुस्तान
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भारत के लिए भी अहम है ट्रंप और शी जिनपिंग की मुलाकात, युद्ध खत्म होने का निकलेगा रास्ता?

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप और चीनी राष्ट्रपति शी जिनपिंग बुधवार को बीजिंग में आमने-सामने होंगे। डोनाल्ड ट्रंप अपने आधिकारिक दौरे पर चीन पहुंचे हैं। यह मुलाकात ऐसे समय में हो रही है जब पूरी अमेरिका और ईरान युद्ध की वजह से पूरी दुनिया में खलबली मची हुई है। स्ट्रेट ऑफ होर्मुज में तनाव बढ़ा हुआ है और इसकी वजह से सप्लाई चेन ठप पड़ गया है। ऐसे में यह मुलाकात भारत के लिए भी बेहद अहम है। अगर इस मुलाकात के जरिए युद्ध खत्म होने का रास्ता निकलता है तो यह भारत के लिए अच्छी खबर होगी।

इससे पहले वाइट हाउस से रवाना होते समय ट्रंप ने कहा है कि चीन के साथ कई मुद्दों पर चर्चा होगी, जिनमें व्यापार अहम है। रिपोर्ट्स के मुताबिक ट्रंप के इस दौरे पर अमेरिका और चीन के बीच एक 'बोर्ड ऑफ ट्रेड’ बनाने पर चर्चा होगी। इसके जरिए दोनों देश एक ट्रेड डील भी कर सकते हैं। विशेषज्ञों के मुताबिक अगर ट्रंप और शी जिनपिंग के बीच व्यापारिक सहमति बनती है और स्ट्रेट ऑफ होर्मुज को लेकर तनाव कम होता है, तो इसका बड़ा फायदा भारत को होगा।

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बता दें कि भारत अपनी तेल की जरूरतों का 85 फीसदी से अधिक हिस्सा आयात करता है और इसका एक बड़ा हिस्सा स्ट्रेट ऑफ होर्मुज से होकर भारत तक पहुंचता है। युद्ध शुरू होने के बाद से यह रास्ता बंद है और इसकी वजह से तेल की कीमतें बेतहाशा बढ़ गई हैं। ऐसे में चीन अमेरिका के बीच ट्रेड डील होने से तनाव कम हो सकता है और पेट्रोल-डीजल के दाम गिर सकते हैं। इससे वैश्विक बाजार में स्थिरता भी आएगी और रुपया मजबूत होगा।

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ईरान युद्ध को लेकर मांगेंगे चीन की मदद?

हालांकि ट्रंप ने कहा है कि ईरान युद्ध को लेकर चीन की मदद नहीं मांगेंगे। चीन रवाना होने से पहले जब ट्रंप से पूछा गया कि क्या वह ईरान के मुद्दे पर चीन की मदद लेंगे, तो उन्होंने कहा, "मुझे नहीं लगता कि ईरान पर हमें मदद की जरूरत है।” उन्होंने कहा, हम इसे किसी भी तरह से जीत लेंगे। चाहे शांति से या फिर किसी और तरीके से। उनकी नौसेना खत्म हो चुकी है। उनकी वायुसेना खत्म हो चुकी है। उनकी युद्ध लड़ने की क्षमता पूरी तरह खत्म हो गई है।" ट्रंप ने आगे कहा, “ईरान पूरी तरह से हमारे नियंत्रण में है। या तो हम कोई समझौता करेंगे या फिर वे पूरी तरह से तबाह हो जाएंगे। किसी भी तरह से, जीत हमारी ही होगी।”

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हालांकि यह उम्मीद जताई जा रही है कि चीन इस युद्ध में तनाव कम करने में बड़ी भूमिका निभा रहा है। बीते दिनों अमेरिका और ईरान के बीच सीजफायर कराने में भी चीन का रोल अहम बताया गया था। वहीं पिछले हफ्ते ईरान के विदेश मंत्री भी बीजिंग पहुंचे थे, जिससे संकेत मिलता है कि चीन इस युद्ध में एक महत्वपूर्ण मध्यस्थ की भूमिका निभा सकता है।