ईरान ने अमेरिका को फिर भेजा शांति प्रस्ताव, डोनाल्ड ट्रंप ने देखते ही किया खारिज
ईरान और अमेरिका के बीच स्थायी युद्धविराम का कोई रास्ता ही नहीं निकल रहा है। ईरान ने एक और शांति प्रस्ताव अमेरिका के पास भेजा था। इसमें यह भी शर्त थी कि होर्मुज पर ईरान की संप्रभुता स्वीकार की जाए। ट्रंप ने इसे देखते हीखारिज कर दिया।

अमेरिका और ईरान के बीच चल रहे युद्ध को खत्म करने की तमाम कोशिशें नाकाम ही होती नजर आ रही हैं। उधऱ होर्मुज बंद होने और अमेरिका की नाकेबंदी की वजह से दुनियाभर में तेल और गैस का संकट गहराता हीचला जा रहा है। ईरान ने अमेरिका को एक और शांति का प्रस्ताव भेजा था लेकिन डोनाल्ड ट्रंप ने उसे स्वीकार करने से सीधे तौर पर इनकार करद या। रविवार को ईरान ने अमेरिका के सामने एक नया प्रस्ताव रखा था। इसके मुताबिक हर मोर्चे पर युद्धविराम करने की मांग की गई थी। खास तौर पर लेबनान में संघर्ष रोका जाना और होर्मुज स्ट्रेट में सुरक्षित आवाजाही पर जोर दिया गया था।
क्या थीं ईरान की शर्तें
ईरान का कहना था कि युद्ध में जो उसे नुकसान हुआ है उसकी अमेरिका भरपाई करे और मुआवजा दे। इसके अलावा ईरान की शर्त थी कि अमेरिका अपने प्रतिबंध हटा ले और ईरान के तेल को अंतरराष्ट्रीय बाजार में बेचने की पूरी छूट दी जाए। इस प्रस्ताव में कहा गया था कि होर्मुज पर ईरान की संप्रभुता को स्वीकार किया जाए। डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान के इस प्रस्ताव को तत्काल खारिज कर दिया।
डोनाल्ड ट्रंप ने सोशल मीडिया पर ही साफ कर दिया है कि यह डील उनके लिए अस्वीकार्य है। ईरानी राष्ट्रपति मसूद पेजेश्कियन ने रविवार को कहा कि अमेरिका के साथ बातचीत में शामिल होने का मूल मकसद देश के अधिकारों को सुरक्षित करना और राष्ट्रीय हितों की मजबूती से रक्षा करना है। इसका अर्थ किसी के आगे आत्मसमर्पण करते हुए पीछे हटना नहीं है। गौरतलब है कि ईरानी सरकारी मीडिया की रिपोर्ट के अनुसार पेजेश्कियन ने कहा कि ईरानी राष्ट्र 'दुश्मन के सामने कभी नहीं झुकेगा।'
अमेरिका ने भी दिया था शांति प्रस्ताव
वाशिंगटन और तेहरान के बीच जारी वार्ता में पाकिस्तान मध्यस्थता कर रहा है। मौजूदा तनाव के चलते होर्मुज जलडमरूमध्य से होकर गुजरने वाले जहाजरानी तंत्र में व्यवधान उत्पन्न हुआ है और वैश्विक ऊर्जा बाजार हिल गए हैं। भारत के साथ पाकिस्तान के पिछले संघर्ष (ऑपरेशन सिंदूर) की पहली वर्षगांठ के अवसर पर आयोजित एक कार्यक्रम को संबोधित करते हुए शरीफ ने रविवार को कहा: "फिलहाल, फील्ड मार्शल (आसिम मुनीर) ने मुझे सूचित किया है कि हमें ईरान का जवाब मिल गया है। मैं इससे अधिक विवरण नहीं दे सकता।"
इससे पहले, ईरानी मीडिया ने बताया था कि तेहरान ने अमेरिकी प्रस्ताव पर अपनी प्रतिक्रिया पाकिस्तान को सौंप दी थी, जिसे बाद में वाशिंगटन को भेज दिया गया था। अमेरिका और इजराइल द्वारा 28 फरवरी को ईरान पर किए गए संयुक्त हमलों और तेहरान की जवाबी कार्रवाई के परिणामस्वरूप युद्ध शुरू हुआ था। फिलहाल आठ अप्रैल से युद्धविराम जारी है।
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