PM मोदी को फोन करके कहा 200% टैरिफ लगा दूंगा; ट्रंप ने फिर अलापा युद्ध रुकवाने का राग
Donald Trump: अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने एक बार फिर से भारत पाकिस्तान युद्ध को रुकवाने का दावा किया है। उन्होंने कहा कि युद्ध जोर पकड़ चुका था और फाइटर जेट गिराए जा रहे थे। ऐसे में उन्होंने दोनों देशों को फोन करके 200 फीसदी टैरिफ लगाने की बात कही।

अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने एक बार फिर से भारत और पाकिस्तान के बीच हुए संघर्ष को रुकवाने का दावा किया है। उन्होंने दावा किया कि इस युद्ध को रुकवाने के भारत और पाकिस्तान को फोन करके 200 फीसदी टैरिफ लगाने की धमकी दी थी। इसके बाद जाकर दोनों देश युद्ध को रोकने के लिए तैयार हुए। शुरुआत में इस युद्ध के दौरान 5 फाइटर जेट गिरने का दावा करने वाले ट्रंप ने अब इस संघर्ष में 11 फाइटर जेट गिरने का दावा किया है।
गुरुवार को वाइट हाउस में बोर्ड ऑफ पीस की एक बैठक के सभी सदस्य दलों के सामने ट्रंप ने एक बार फिर से युद्ध रुकवाने का दावा किया। पाकिस्तानी प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ की तरफ इशारा करते हुए ट्रंप ने कहा, "मैं हाल ही में पाकिस्तानी प्रधानमंत्री शहबाज और उनके महान फील्ड मार्शल से मिला था। इस दौरान उन्होंने (पाकिस्तानी प्रधानमंत्री ने) हमारे चीफ ऑफ स्टाफ के सामने कहा कि राष्ट्रपति ट्रंप ने 2.5 करोड़ लोगों की जान बचाई है, जब उन्होंने हमारे और भारत के बीच युद्ध को रुकवाया। वह युद्ध जोर पकड़ चुका था। विमानों को गिराया जा रहा था।"
दोनों को फोन लगाकर कहा कि टैरिफ लगाऊंगा: ट्रंप
ट्रंप ने आगे कहा, “मैंने दोनों को फोन लगाया, इन्हें (शहबाज शरीफ) को कम जानता था, लेकिन में प्रधानमंत्री मोदी को बहुत अच्छी तरह से जानता हूं। मैंने फोन किया और कहा कि मैं कोई डील नहीं करने वाला, अगर आप लोग लड़ते रहेंगे, इसको खत्म नहीं करेंगे तो 200 प्रतिशत टैरिफ लगा दूंगा। वे दोनों लड़ना चाहते थे, लेकिन जब बात पैसों की आई, तो पैसा जैसा कुछ नहीं होता है। जब बहुत सारा पैसा खोने की बात आई तो उन्होने कहा कि शायद हम लड़ना नहीं चाहते।इसके बाद दोनों सीजफायर के लिए मान गए।” ट्रंप ने दावा किया कि इस संघर्ष में 11 फाइटर जेट गिराए गए, जो कि काफी महंगे थे।
पहले भी दावा कर चुके हैं ट्रंप
यह पहली बार नहीं है, जब अमेरिकी राष्ट्रपति ने भारत और पाकिस्तान के बीच हुए संघर्ष को रोकने का श्रेय लेने की कोशिश की है। इसके पहले भी वह लगभग 100 बार इस बात का दावा कर चुके हैं। पाकिस्तान के लिए ट्रंप का यह दावा किसी जैकपॉट से कम नहीं है, क्योंकि वह शिमला समझौते के बाद से ही कश्मीर के मुद्दे का अंतर्राष्ट्रीयकरण करना चाहता है। इसलिए वह शुरुआत से ही ट्रंप को इसका श्रेय देता है। इतना ही नहीं पाकिस्तानी प्रधानमंत्री ने ट्रंप को नोबेल पुरस्कार के लिए भी नामित कर दिया था।
भारत ने हर बार नकारा
दूसरी तरफ भारत शुरुआत से ही इस बात से इनकार करता आ रहा है, कि सीजफायर के लिए किसी तीसरे देश की मदद ली गई है। भारत की तरफ से कहा गया था कि पाकिस्तान के डीजीएमओ का फोन भारतीय समकक्ष के पास आया था। इसके बाद सीजफायर को लेकर चर्चा हुई। प्रधानमंत्री मोदी ने भी संसद में खड़े होकर इस बात का जिक्र साफतौर पर किया था कि सीजफायर को लेकर किसी भी तीसरे देश की मदद नहीं ली गई है। हालांकि, ट्रंप लगातार इसका दावा करते रहे हैं। लेकिन भारत की तरफ से इसको पूरी तरह से नकार दिया गया है।
दोनों देशों के बीच में इसी वजह से लगातार तनातनी बनी हुई है। विशेषज्ञों के मुताबिक ट्रंप चाहते हैं कि भारत ऑपरेशन सिंदूर के बाद हुए सीजफायर के लिए उनकी बात को मानें, लेकिन भारत इसके लिए तैयार नहीं है। इसी वजह से ट्रंप ने नई दिल्ली के साथ अपने संबंधों को भी ताक पर रख दिया।




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