'भाई साहब' न कहें... लोकसभा में पीठासीन सभापति ने भाजपा सांसद को टोका; सदन ठहाकों से गूंजा
इससे पहले, राजेश मिश्रा ने चर्चा में भाग लेते हुए सरकार से रेलगाड़ियों के आहार में महुआ का लड्डू और बिस्किट शामिल करने की मांग की थी। उन्होंने इसके पीछे तर्क दिया कि यह बिल्कुल 'शुगर फ्री' और पौष्टिक आहार होता है।

लोकसभा में मंगलवार (17 मार्च) को पीठासीन सभापति और भाजपा सांसद जगदंबिका पाल ने भारतीय जनता पार्टी के ही एक सांसद को हिदायत दी कि वह सदन की कार्यवाही के दौरान अध्यक्षता कर रहे सदस्य को ''भाई साहब'' कहकर संबोधित नहीं करें। दरअसल, हुआ यूं कि वित्त वर्ष 2026-27 के लिए रेल मंत्रालय से संबंधित अनुदान मांगों पर सदन में चर्चा हो रही थी। इस दौरान जब पीठासीन सभापति ने भाजपा के राजेश मिश्रा से अपनी बात समाप्त करने को कहा, तो भाजपा सांसद ने टिप्पणी की, ''एक मिनट भाई साहब, एक मिनट... कल से मैं दिनभर बैठा हूं, भाई साहब।''
इस पर जगदंबिका पाल ने नाराजगी जताते हुए उन्हें टोका और कहा, ''राजेश मिश्रा जी और सभी माननीय सदस्यों से मेरा आग्रह है कि कोई भी (सदस्य) जब आसन पर होते हैं, चाहे वह (लोकसभा) अध्यक्ष हों या पीठासीन सभापति हों, तो सदन की यह परंपरा है कि उनका उल्लेख आप चेयरपर्सन, अधिष्ठाता, सभापति के रूप में करेंगे, भाई साहब के रूप में नहीं करेंगे।''
सांसद जोर से लगाने लगे ठहाके
जगदंबिका पाल ने जैसे ही यह व्यवस्था दी, सदन में कुछ सांसद जोर से ठहाके लगाने लगे। इससे पहले, राजेश मिश्रा ने चर्चा में भाग लेते हुए सरकार से रेलगाड़ियों के आहार में महुआ का लड्डू और बिस्किट शामिल करने की मांग की थी। उन्होंने इसके पीछे तर्क दिया कि यह बिल्कुल 'शुगर फ्री' और पौष्टिक आहार होता है। बता दें कि राजेश मिश्रा मध्य प्रदेश के सीधी संसदीय क्षेत्र का प्रतिनिधित्व करते हैं।
राजेश मिश्रा की क्या मांगें?
लोकसभा में रेल मंत्रालय की अनुदान मांगों 2026 की चर्चा के दौरान मिश्रा ने अपने संसदीय क्षेत्र में आजीविका मिशन द्वारा निर्मित उत्पादों का रेलवे द्वारा क्रय करने और सिंगरौली से भोपाल तक चलने वाली ट्रेनों को सुपरफास्ट श्रेणी में जोड़ने की मांग भी रखी। इसके अलावा उन्होंने सीधी, सिंगरौली और ब्यौहारी संसदीय क्षेत्र से जुड़ी विभिन्न मांगें भी रखीं। मिश्रा ने सिंगरौली निजामुद्दीन ट्रेन का नियमितीकरण, सिंगरौली से इंदौर के लिए नई ट्रेन, प्रयागराज से मऊगंज होते हुए सीधी–शहडोल तक नई रेलवे लाइन का सर्वे कराने की भी मांग की।




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