'क्या मैं आतंकवादी हूं', कोर्ट में पवन खेड़ा की ओर से ऐसा क्यों कहा गया
4 अप्रैल को पवन खेड़ा ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में आरोप लगाया था कि रिनिकी के पास तीन देशों के पासपोर्ट हैं और दुबई में लग्जरी प्रॉपर्टीज हैं, जिन्हें अमेरिकी कंपनी के नाम पर रजिस्टर्ड किया गया है। उन्होंने हिमंत सरमा पर भी कुछ गंभीर आरोप लगाए।

कांग्रेस नेता पवन खेड़ा को सुप्रीम कोर्ट से एक और झटका लगा है। सुप्रीम कोर्ट ने तेलंगाना हाई कोर्ट की ओर से दी गई एक सप्ताह की ट्रांजिट अग्रिम जमानत पर लगाए गए स्टे को नहीं हटाया। इससे पवन खेड़ा असम पुलिस की ओर से गिरफ्तारी के खतरे में बने हुए हैं। मामला असम के मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा की पत्नी रिंकी भुइयां सरमा के खिलाफ खेड़ा के बयानों से जुड़ा है।
तेलंगाना हाई कोर्ट ने 10 अप्रैल को खेड़ा को एक सप्ताह की ट्रांजिट अग्रिम जमानत दी थी ताकि वे गुवाहाटी हाई कोर्ट में नियमित जमानत के लिए अर्जी दाखिल कर सकें। लेकिन असम पुलिस ने सुप्रीम कोर्ट में चुनौती दी। सुप्रीम कोर्ट की बेंच ने तेलंगाना हाई कोर्ट के आदेश पर स्टे बरकरार रखा और खेड़ा को गुवाहाटी हाई कोर्ट में जमानत याचिका दाखिल करने का निर्देश दिया। कोर्ट ने कहा कि गुवाहाटी हाई कोर्ट मामले को उसके मेरिट पर ही सुनवाई करेगा, सुप्रीम कोर्ट की सुनवाई से प्रभावित नहीं होगा। खेड़ा की ओर से सीनियर एडवोकेट अभिषेक मनु सिंघवी ने दलीलें दीं, लेकिन कोर्ट ने मंगलवार तक गिरफ्तारी से सुरक्षा देने से इनकार कर दिया।
आतंकवादी वाली बात क्यों कही गई
जब सुरक्षा की मांग ठुकराई गई तो पवन खेड़ा की ओर से कहा गया, 'क्या मैं आतंकवादी हूं?' कोर्ट ने खेड़ा की तरफ से गलत आधार कार्ड जमा करने पर भी नाराजगी जताई। यह कांग्रेस के लिए लगातार कानूनी झटकों की श्रृंखला में एक और कड़ी है। इससे पहले भी सुप्रीम कोर्ट ने तेलंगाना हाई कोर्ट के ट्रांजिट बेल ऑर्डर पर स्टे लगाया था। खेड़ा को पहले इस मामले में प्री-अरेस्ट बेल मिली थी, लेकिन अब स्थिति फिर जटिल हो गई है।
4 अप्रैल को पवन खेड़ा ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में आरोप लगाया था कि रिनिकी के पास तीन देशों के पासपोर्ट हैं और दुबई में लग्जरी प्रॉपर्टीज हैं, जिन्हें अमेरिकी कंपनी के नाम पर रजिस्टर्ड किया गया है। साथ ही उन्होंने हिमंत सरमा पर भी कुछ गंभीर आरोप लगाए। इन बयानों के बाद गुवाहाटी में एफआईआर दर्ज की गई। सरमा परिवार ने इन आरोपों को सिरे से खारिज करते हुए उन्हें पाकिस्तानी सोशल मीडिया ग्रुप्स की ओर से फैलाई गई एआई जनरेटेड फर्जी दस्तावेज बताया। असम और दिल्ली पुलिस ने खेड़ा के दिल्ली स्थित आवास पर सर्च अभियान भी चलाया, जिसके बाद खेड़ा को गिरफ्तारी का डर सताने लगा।




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