केरल ने बचाई कांग्रेस की इज्जत! 2021 से 19 सीटें ज्यादा जीतीं, मगर फिर भी हुए 3 बड़े नुकसान
कांग्रेस के लिए ये परिणाम कुछ खास उत्साह पैदा करने वाले नहीं हैं, लेकिन नंबर गेम के लिहाज से भारत की सबसे पुरानी पार्टी खुशी मना सकती है। मगर गौर से देखने पर यही नंबर परेशानी की वजह भी बनते दिखाई दे रहे हैं।

4 राज्य और 1 केंद्र शासित प्रदेश में हुए विधानसभा चुनाव के नतीजे सामने आ चुके हैं। कांग्रेस के लिए ये परिणाम कुछ खास उत्साह पैदा करने वाले नहीं हैं, लेकिन नंबर गेम के लिहाज से भारत की सबसे पुरानी पार्टी खुशी मना सकती है। मगर गौर से देखने पर यही नंबर परेशानी की वजह भी बनते दिखाई दे रहे हैं। 4 मई को आए नतीजों में केरल एकमात्र ऐसा राज्य रहा, जिसने कांग्रेस की डूबती नाव को सहारा दिया। वहीं दूसरी तरफ तमिलनाडु, असम और पुड्डुचेरी में कांग्रेस की इज्जत डूबती नजर आ आई।
केरल में जीत पर पार्टी खुशी मना सकती है, लेकिन…
विधानसभा चुनाव के नतीजों को देखने पर साफ-साफ दिखाई देता है कि केरल में कांग्रेस ने बड़ी बढ़त हांसिल की है। पश्चिम बंगाल से भी राहत भरी खबर है, लेकिन बाकी के 2 राज्य और 1 केंद्र शासित प्रदेश से कांग्रेस के लिए बुरी खबर है। 2021 के केरल विधानसभा चुनाव में कांग्रेस ने 22 सीटें अपने नाम की थीं। इस बार ये नंबर बढ़कर 63 हो गया है। पश्चिम बंगाल में बीते चुनाव में कांग्रेस का खाता तक नहीं खुला था, लेकिन इस बार 2 सीटें जीतकर भारत की सबसे पुरानी पार्टी खुशी मना सकती है।
19 सीटें ज्यादा जीतीं, मगर फिर भी 3 बड़े नुकसान
2026 के विधानसभा चुनाव में कांग्रेस को सबसे बड़ा नुकसान तमिलनाडु, असम और पुड्डुचेरी में देखने को मिला है। 2021 के चुनाव में तमिलनाडु में कांग्रेस ने 18 सीटें जीतीं थीं, लेकिन इस बार ये घटकर 5 रह गईं। ऐसी ही कमी असम में देखने को मिली। कांग्रेस ने असम के 2021 चुनाव में 29 सीटें जीती थीं, जबकि इस बार 19 सीटों को अपने नाम किया है।
तीसरा नुकसान पुड्डुचेरी में हुआ है। यहां पार्टी ने 1 सीट खोई है। ऐसे में साफ है कि पार्टी अपना जनाधार बचाने में कामयाब नहीं हो पा रही है। वो तो गनीमत है कि केरल ने कांग्रेस की इज्जत बचा ली, नहीं तो अगर यहां भी पार्टी अपना जनाधार खो देती, तो स्थिति कुछ और होती।
केरल की बंपर जीत के बावजूद नुकसान
कुल मिलाकर तस्वीर साफ है- कांग्रेस को कुल सीटों में 20 का शुद्ध फायदा जरूर हुआ है, लेकिन यह फायदा एकतरफा है। केरल की बंपर जीत ने जहां पार्टी को राहत दी, वहीं असम, तमिलनाडु और पुड्डुचेरी में हुए नुकसान ने कई सवाल खड़े कर दिए हैं। ऐसे में 2026 के नतीजे कांग्रेस के लिए उत्साह और चिंता दोनों का संकेत लेकर आए हैं।




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