CJI Suryakant Says Allahabad Hai Bhai Bhang Ka Nasha Utarne Me Ek Hafta Lag Jayega Supreme Court इलाहाबाद है भाई, भांग का नशा उतरने में हफ्ताभर तो लग जाएगा, CJI सूर्यकांत ने ऐसा क्यों कहा, India News in Hindi - Hindustan
More

इलाहाबाद है भाई, भांग का नशा उतरने में हफ्ताभर तो लग जाएगा, CJI सूर्यकांत ने ऐसा क्यों कहा

CJI सूर्यकांत ने कहा कि इसे होली ब्रेक के बाद लिस्ट करो। नहीं नहीं, इसे उसके भी एक हफ्ते बाद करो। इलाहाबाद है भाई, एक हफ्ता तो लग जाएगा भांग का नशा उतरने में। सीजेआई की यह हल्के-फुल्के अंदाज में की गई टिप्पणी सोशल मीडिया पर वायरल हो गई है।

Fri, 27 Feb 2026 03:23 PMMadan Tiwari लाइव हिन्दुस्तान, नई दिल्ली
share
इलाहाबाद है भाई, भांग का नशा उतरने में हफ्ताभर तो लग जाएगा, CJI सूर्यकांत ने ऐसा क्यों कहा

सुप्रीम कोर्ट में रोजाना कई मामलों की सुनवाई होती है। इसमें कुछ चीफ जस्टिस ऑफ इंडिया के कोर्ट में होती है। शुक्रवार को हुई एक सुनवाई चर्चा का विषय बन गई। इसमें सीजेआई सूर्यकांत ने हल्के-फुल्के अंदाज में एक केस को लिस्ट करने के मामले में कहा कि इसे होली के हफ्तेभर बाद लिस्ट करो, क्योंकि इलाहाबाद है भाई, भांग का नशा उतरने में हफ्ताभर तो लग जाएगा।

बार एंड बेंच के अनुसार, सुप्रीम कोर्ट में सुरेश देवी वर्सेज हाई कोर्ट ऑफ इलाहाबाद से जुड़ी एक सुनवाई को लेकर सीजेआई सूर्यकांत ने यह टिप्पणी की। उन्होंने कहा, ''इसे होली ब्रेक के बाद लिस्ट करो। नहीं नहीं, इसे उसके भी एक हफ्ते बाद करो। इलाहाबाद है भाई, एक हफ्ता तो लग जाएगा भांग का नशा उतरने में।'' सीजेआई की यह हल्के-फुल्के अंदाज में की गई टिप्पणी सोशल मीडिया पर वायरल हो गई है।

बता दें पूरे देशभर में होली धूमधाम से मनाई जाती है। प्रयागराज में भी होली के त्योहार को लेकर काफी उत्सुकता है। इस बार चार मार्च को रंग खेलने वाली होली पड़ रही है। कई जगह होली के दिन भांग का भी सेवन किया जाता है। माना जा रहा है कि इसी संदर्भ में सीजेआई सूर्यकांत ने यह मजाकिया अंदाज में टिप्पणी की और मामले को सुनवाई के लिए होली के थोड़े और दिन बाद रखा।

वहीं, एक अन्य मामले में सीजेआई सूर्यकांत ने एक वकील को जमकर फटकार लगाई। पूरन चंद्र सेन बनाम राजस्थान राज्य के मामले में सीजेआई सूर्यकांत ने वकील से कहा कि इन पर जुर्माना नहीं लगाया हाईकोर्ट ने? बंद वंद पहने नहीं हैं, लग रहा कोई दंगल में उतरने आया है। इस पर जस्टिस बागची ने कहा कि हाई कोर्ट ने जुर्माना लगाया है। फिर सीजेआई ने पूछा कि आपको वकालत करते हुए कितने साल हो गए है, जिसपर वकील ने कहा कि 1995 से कर रहा हूं।

read moreये भी पढ़ें:
ये भी पढ़ें:दंगल में उतरने आए हैं? वकील पर क्यों भड़क गए CJI; PM मोदी और HM शाह से क्या नाता
ये भी पढ़ें:चैप्टर लिखने वालों पर ही लगा बैन, नहीं कर पाएंगे काम; पर CJI इस सजा से खुश नहीं
ये भी पढ़ें:NCERT में हड़कंप, CJI सूर्यकांत के गुस्से के बाद बिकी किताबें वापस बुलाईं

सीजेआई सूर्यकांत इतना सुनते ही भड़क गए और पूछा कि आपको लाइसेंस देने की गलती किसने की। प्लीज ऐसी पिटीशन फाइल न करें। लोग आप पर विश्वास करते हैं। अगर आप यह सब फाइल करेंगे तो लोग आप पर विश्वास कैसे करेंगे। इस पर वकील ने कहा कि आरएसएस के आदर्श संविधान के खिलाफ है, जिस पर जस्टिस बागची ने जवाब दिया कि अगर आप और दबाव डालेंगे तो हमें कॉस्ट बढ़ानी पड़ेगी। आपकी आइडियोलॉजी या पॉलिटिक्स वगैरह से राय अलग हो सकती है, लेकिन इससे कोई ऑफेंस नहीं होता या आप किसी अथॉरिटी के खिलाफ एफआईआर करने को नहीं कहते। कृपया पीछे हटें, खुद को शर्मिंदा न करें।

इंडिया न्यूज़ , विधानसभा चुनाव और आज का मौसम से जुड़ी ताजा खबरें हिंदी में | लेटेस्ट Hindi News, बॉलीवुड न्यूज , बिजनेस न्यूज , क्रिकेट न्यूज पढ़ने के लिए Live Hindustan App डाउनलोड करें।