CJI Suryakant Angry on NCERT Issue Says Even if They are Hiding Outside Country Will Not Spare Them भले ही वो देश के बाहर छिपे हैं, मैं छोड़ूंगा नहीं; NCERT विवाद में किस पर भड़के CJI सूर्यकांत, India News in Hindi - Hindustan
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भले ही वो देश के बाहर छिपे हैं, मैं छोड़ूंगा नहीं; NCERT विवाद में किस पर भड़के CJI सूर्यकांत

सीजेआई सूर्यकांत ने सरकार को निर्देश दिया कि इनके पीछे लोगों की पूरी डिटेल्स के साथ जानकारी दें ताकि ऐक्शन लिया जा सके। ऐसे शरारती तत्वों के खिलाफ कानून अपना काम करेगा। भले ही वह देश के बाहर भी छिपे हैं, मैं उन्हें छोड़ूंगा नहीं।

Wed, 11 March 2026 03:00 PMMadan Tiwari लाइव हिन्दुस्तान, नई दिल्ली
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भले ही वो देश के बाहर छिपे हैं, मैं छोड़ूंगा नहीं; NCERT विवाद में किस पर भड़के CJI सूर्यकांत

सुप्रीम कोर्ट ने बुधवार को एनसीईआरटी की आठवीं की सोशल साइंस की किताब में न्यायपालिका में भ्रष्टाचार के चैप्टर वाले विवाद के बाद सोशल मीडिया पर की गई कुछ 'गैर-जिम्मेदाराना टिप्पणियों' पर सख्ती दिखाई। सीजेआई सूर्यकांत, जस्टिस जॉयमाल्या बागची और जस्टिस विपुल एम पंचोली की बेंच ने केंद्र सरकार से उन वेबसाइट्स की और उन लोगों की पहचान करने का निर्देश दिया, जिन्होंने ऐसे कंटेंट्स को पब्लिश किया। सीजेआई सूर्यकांत ने दो टूक कहा कि ऐसे लोग भले ही देश के बाहर भी छिपे हों, वह उन्हें छोड़ने वाले नहीं हैं।

'लाइव लॉ' के अनुसार, सीजेआई सूर्यकांत ने कहा, ''कुछ लोगों ने मीडिया में गैर-जिम्मेदाराना तरीके से काम किया है। हमें यकीन है कि इसे सीधे तरीके से कहना चाहिए। हम भारत सरकार को निर्देश देते हैं कि ऐसी साइट्स, इनके पीछे लोगों की पूरी डिटेल्स के साथ जानकारी दें ताकि उनके खिलाफ ऐक्शन लिया जा सके। ऐसे शरारती तत्वों के खिलाफ कानून अपना काम करेगा। भले ही वह देश के बाहर भी छिपे हैं, मैं उन्हें छोड़ूंगा नहीं।''

सुप्रीम कोर्ट ने अपने आदेश में यह भी कहा कि न्यायपालिका किसी भी आलोचना के खिलाफ नहीं है। हमारा मकसद न्यायपालिका के इंस्टीट्यूशनल कामकाज को किसी भी सही और हेल्दी आलोचना से रोकना नहीं है। अगर जूडिशियरी किसी भी कमियों से जूझ रही और एक्सपर्ट कमेटी हाईलाइट करती है तो यह आने वाली पीढ़ियों के लिए अच्छा कदम होगा।

सुनवाई के दौरान, भारत के सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता ने बेंच को बताया कि नेशनल काउंसिल ऑफ़ एजुकेशनल रिसर्च एंड ट्रेनिंग (NCERT) के डायरेक्टर ने एक एफिडेविट के ज़रिए बिना शर्त माफी मांगी है। मेहता ने कहा, “NCERT के डायरेक्टर ने जो एफिडेविट जमा किया है, उसमें बिना शर्त माफी मांगी गई है। एक लाइन की बिना शर्त माफी पब्लिश की गई है। केंद्र सरकार ने पहले ही एनसीईआरटी को इस मामले में सभी स्टैंडर्ड की टेक्स्टबुक्स का रिव्यू करने का निर्देश दिया है।”

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बता दें कि सुप्रीम कोर्ट ने बुधवार को केंद्र, सभी राज्य सरकारों और पब्लिक फंड पाने वाले संस्थानों को निर्देश दिया कि वे NCERT सोशल साइंस करिकुलम के चेयरपर्सन प्रोफेसर मिशेल डैनिनो और उनके दो एसोसिएट मेंबर्स को स्कूल करिकुलम तैयार करने या अगली पीढ़ी के लिए टेक्स्टबुक्स को फाइनल करने में किसी भी भूमिका से अलग कर दें। यह आदेश क्लास 8 की NCERT सोशल साइंस टेक्स्टबुक में 'ज्यूडिशियरी में करप्शन' नाम के विवादित सब-चैप्टर को लेकर दिया गया है। चीफ जस्टिस ऑफ इंडिया सूर्यकांत की अगुवाई वाली एक बेंच ने यह भी निर्देश दिया कि डैनिनो और उनकी टीम को किसी भी ऐसे संस्थान में कोई भी सर्विस देने से अलग कर दिया जाए, जिसमें उन्हें पब्लिक फंड से पेमेंट करना शामिल हो।

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