कर्मचारियों को अंडरवियर जुटाने में लगा दिया, BSNL डायरेक्टर पर ऐक्शन की तैयारी में सरकार
BSNL डायरेक्टर विवेक बंजल के प्रयागराज दौरे के लिए 50 कर्मचारियों को 'स्नान किट', तौलिया और चॉकलेट जैसी वीआईपी व्यवस्था में लगाने पर भारी बवाल। केंद्र सरकार ने इसे 'अजीबोगरीब' बताते हुए अधिकारी को कारण बताओ नोटिस जारी किया है।

केंद्र सरकार ने भारत संचार निगम लिमिटेड (BSNL) के शीर्ष अधिकारी के खिलाफ अनुशासनात्मक कार्रवाई शुरू कर दी है। यह कार्रवाई अधिकारी के प्रस्तावित प्रयागराज दौरे के लिए की गई बेहद विस्तृत और वीआईपी (VIP) प्रोटोकॉल व्यवस्था से जुड़े विवाद के बाद की गई है। शीर्ष सरकारी सूत्रों ने इस पूरी घटना को बेहद अजीब और अस्वीकार्य करार दिया है।
विवाद का कारण
यह पूरा विवाद तब खड़ा हुआ जब BSNL के निदेशक विवेक बंजल के प्रस्तावित प्रयागराज दौरे से जुड़ा एक आंतरिक कार्यालय आदेश (ऑफिस ऑर्डर) सोशल मीडिया पर वायरल हो गया। इस आदेश के सामने आने के बाद सार्वजनिक क्षेत्र के कर्मचारियों और संसाधनों के कथित दुरुपयोग को लेकर तीखी आलोचना शुरू हो गई, क्योंकि यह दौरा मुख्य रूप से व्यक्तिगत और धार्मिक प्रकृति का प्रतीत हो रहा था।
इस कार्यालय आदेश में निदेशक की प्रयागराज यात्रा के लिए उनके साजो सामान जिसमें उनके अंडरवियर, तौलिये, कंघी और आईने की व्यवस्था सुनिश्चित करने को लेकर दी गई हिदायत चर्चा का विषय बन गई। कार्यालय आदेश के अनुसार बंजल की प्रस्तावित दो दिवसीय यात्रा 25 फरवरी और 26 फरवरी को निर्धारित की गई थी। हालांकि अधिकारियों के मुताबिक उनकी यह यात्रा किन्हीं कारणों से रद्द कर दी गई है।
सरकार द्वारा की गई कार्रवाई
इंडिया टुडे ने सूत्रों के हवाले से लिखा है कि सरकार ने अधिकारी विवेक बंजल को कारण बताओ नोटिस जारी कर दिया है और उनसे 7 दिनों के भीतर जवाब मांगा है। सरकार ने स्पष्ट किया है कि इस मामले को हल्के में नहीं लिया जाएगा। सरकारी सूत्रों के मुताबिक, प्रोटोकॉल योजना में जिस तरह का आचरण दिखा है, उसे अत्यधिक निंदनीय माना गया है। अधिकारी द्वारा दिए गए जवाब और स्पष्टीकरण की जांच के बाद ही आगे की कार्रवाई तय की जाएगी। सूत्रों ने जोर देकर कहा कि इस तरह की घटनाएं संस्था की विश्वसनीयता को नुकसान पहुंचाती हैं, इसलिए जवाबदेही जरूर तय की जाएगी।
और क्या था उस 'विवादित आदेश' में?
उप महाप्रबंधक (DGM) स्तर से जारी किए गए इस कार्यालय आदेश में कई चौंकाने वाली व्यवस्थाओं का जिक्र था। प्रस्तावित प्रयागराज दौरे से जुड़े 21 अलग-अलग कार्यों को पूरा करने के लिए दो दिनों तक BSNL के लगभग 50 कर्मचारियों की ड्यूटी लगाई गई थी।
सबसे ज्यादा आलोचना 'स्नान किट' की
इस प्रोटोकॉल में रेलवे स्टेशन पर अधिकारी के स्वागत से लेकर, मंदिर दर्शन और नाव की सवारी का समन्वय शामिल था। सबसे ज्यादा आलोचना 'स्नान किट' तैयार करने को लेकर हुई। स्नान किट में तौलिया, अतः वस्त्र, हवाई चप्पल, कंघी, आईना और एक तेल की शीशी का इंतजाम करना शामिल था।
कार्यालय आदेश में यह भी उल्लेख किया गया था कि छह पुरुष किट (तौलिया, अंडरवियर, दर्पण, कंघी, साबुन, शैम्पू, तेल) और दो महिला किट की भी व्यवस्था की जाए। सामान्य उपयोग के लिए एक चादर की व्यवस्था करने का भी निर्देश जारी किया गया था। आदेश में कहा गया है कि होटल और सर्किट हाउस में ड्राई फ्रूट बाउल, फ्रूट बाउल, शेविंग किट, तौलिया, टूथपेस्ट, ब्रश, साबुन, शैम्पू, कंघी और तेल की व्यवस्था की जाए। धार्मिक गतिविधियों के लिए पूरी लॉजिस्टिक व्यवस्था भी की जानी थी।
जलपान और फोटोग्राफी: कर्मचारियों को कपड़े व्यवस्थित करने, दौरे की फोटोग्राफी का प्रबंधन करने और यह सुनिश्चित करने की जिम्मेदारी भी दी गई थी कि अधिकारी की गाड़ियों में पानी की बोतलें, चॉकलेट और स्नैक्स हमेशा उपलब्ध रहें।
भारत संचार निगम लिमिटेड (बीएसएनएल) की वेबसाइट के अनुसार बंजल को भारत में दूरसंचार नेटवर्क संभालने का 34 साल से ज़्यादा का अनुभव है। बीएसएनएल की वेबसाइट पर कहा गया है कि 2016 से, वे भारत फाइबर, बीएसएनएल आईटी फ्रेमवर्क और दूसरी सेवाओं को आगे बढ़ा और संभाल रहे हैं। उनके दिशा निर्देशन में ही बीएसएनएल की सेवा का डिजिटाइजेशन हुआ है और उपभोक्ताओं के लिए नए समाधान आए हैं। कुल मिलाकर, एक सरकारी उपक्रम के संसाधनों का इस स्तर पर निजी इस्तेमाल सरकार की नजरों में गंभीर कदाचार माना गया है, जिसके चलते यह त्वरित कार्रवाई की गई है।




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