Explained Why india seizes iranian shadow fleet tankers 16 indian sailors row पाक को तेल, भारतीय नाविकों की गिरफ्तारी; ईरान की इन हरकतों से तंग आ गया था भारत, फिर लिया ऐक्शन, India News in Hindi - Hindustan
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पाक को तेल, भारतीय नाविकों की गिरफ्तारी; ईरान की इन हरकतों से तंग आ गया था भारत, फिर लिया ऐक्शन

भारत ने ईरान की चालाकियों का करारा जवाब देते हुए उसकी 'शैडो फ्लीट' के तीन अवैध तेल टैंकरों को अरब सागर में जब्त कर लिया है। जानिए कैसे 16 भारतीय नाविकों को बंधक बनाए जाने के बाद, भारत ने समंदर में ईरान का घमंड तोड़ा।

Wed, 25 Feb 2026 12:50 PMAmit Kumar लाइव हिन्दुस्तान, मुंबई
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पाक को तेल, भारतीय नाविकों की गिरफ्तारी; ईरान की इन हरकतों से तंग आ गया था भारत, फिर लिया ऐक्शन

भारत और ईरान के रिश्ते ऐतिहासिक रूप से काफी अच्छे रहे हैं। दोनों देशों ने मिलकर कई बड़े प्रोजेक्ट्स (जैसे चाबहार पोर्ट) पर काम किया है। लेकिन पिछले कुछ समय से ईरान कुछ ऐसी हरकतें कर रहा था जिसे बर्दाश्त करना भारत के लिए मुश्किल हो गया था। इसी का नतीजा है कि भारत ने बीच समंदर में ईरान की 'शैडो फ्लीट' के तीन बड़े तेल टैंकरों को जब्त कर लिया। आखिर यह नौबत क्यों आई? चलिए, इस पूरी घटना को विस्तार से समझते हैं।

विवाद की शुरुआत: 16 भारतीय नाविकों को बंधक बनाना

इस तनाव की असली जड़ दिसंबर 2025 की एक घटना मानी जा रही है। संयुक्त अरब अमीरात (UAE) की एक कंपनी का जहाज 'एमटी वैलेंट रोर' अंतरराष्ट्रीय जलक्षेत्र से गुजर रहा था। इस जहाज पर 18 क्रू मेंबर्स (कर्मचारी) थे, जिनमें से 16 भारतीय थे। अचानक ईरान की रिवॉल्यूशनरी गार्ड्स (IRGC) ने समंदर के बीचों-बीच इस जहाज का पीछा करना शुरू कर दिया। उन्होंने बिना किसी उकसावे के गोलियां चलाईं और जहाज को जबरन अपने कब्जे में ले लिया।

ईरान ने दावा किया कि यह जहाज 60 लाख लीटर डीजल की अवैध तस्करी कर रहा था। हालांकि जहाज के कप्तान के पास पक्के सबूत थे कि वे कानूनी रूप से 'लो सल्फर फ्यूल ऑयल' ले जा रहे हैं, जो पूरी तरह वैध था।

लेकिन ईरान ने एक न सुनी। उसने सभी भारतीय नाविकों को बंधक बना लिया, उनके फोन-लैपटॉप छीन लिए और उन्हें एक छोटे से कमरे में बंद कर दिया। हालांकि, भारत के भारी दबाव के बाद फरवरी 2026 की शुरुआत में 8 भारतीय नाविकों को रिहा कर दिया गया, लेकिन बाकी 8 नाविक अब भी ईरान की कैद में हैं।

भारत का 'मास्टरस्ट्रोक' और पलटवार

जब कोई देश आपके बेगुनाह नागरिकों के साथ ऐसा बर्ताव करे, तो शांत बैठना कमजोरी मानी जाती है। भारत ने ईरान को कूटनीतिक रास्ते से समझाया, लेकिन साथ ही एक ऐसा 'मास्टरस्ट्रोक' खेला जिसने ईरान को हैरान कर दिया।

फरवरी 2026 के पहले हफ्ते में, भारतीय कोस्ट गार्ड (ICG) ने मुंबई के तट से लगभग 100 नॉटिकल मील दूर अरब सागर में एक सीक्रेट ऑपरेशन चलाया। तकनीकी निगरानी की मदद से भारत ने ईरान से जुड़े तीन विशाल तेल टैंकरों को धर दबोचा। इनके नाम हैं:

  • एमटी एस्फाल्ट स्टार
  • एमटी अल जाफजिया
  • एमटी स्टेलर रूबी

ईरान की गुप्त रणनीति

ईरान का यह 'शैडो फ्लीट' एक खास तरीके से काम करता था। ये टैंकर अरब सागर में एंटर करते ही अपना ट्रैकिंग सिस्टम (AIS) बंद कर देते थे। पहचान छिपाने के लिए ये अपने देश का झंडा बदल लेते थे। इसके बाद ये चुपचाप पाकिस्तान की ओर बढ़ते थे, जिसमें भारी मात्रा में डीजल और बिटुमेन लदा होता था। एक अनुमान के मुताबिक, ईरान का लगभग 20% से 25% गुप्त तेल व्यापार इसी रास्ते से पाकिस्तान तक पहुंच रहा था।

भारत काफी समय से इस गतिविधि पर नजर रख रहा था, लेकिन कार्रवाई के पीछे मुख्य कारण ईरान द्वारा 16 भारतीय नाविकों को हिरासत में लेना बना। इस घटना के बाद भारत ने जवाबी कार्रवाई करते हुए अपनी समुद्री सुरक्षा बढ़ा दी और अब इन टैंकरों को राष्ट्रीय सुरक्षा कानूनों के तहत सार्वजनिक रूप से पकड़ा जा रहा है। भारत का यह कदम एक स्पष्ट संदेश है- 'आप किसी को भी तेल बेच सकते हैं, लेकिन हमारे दुश्मन (पाकिस्तान) को मजबूत करने के लिए नहीं।' दिलचस्प बात यह है कि पाकिस्तान इस पर खुलकर विरोध भी नहीं कर पा रहा है, क्योंकि यह पूरा व्यापार ही अवैध और गुप्त तरीके से हो रहा था।

आखिर क्या होती है यह 'शैडो फ्लीट'?

इस पूरी कहानी का सबसे दिलचस्प हिस्सा है 'शैडो फ्लीट'। इसे आसान भाषा में 'भूतिया जहाजों का बेड़ा' समझ सकते हैं। मान लीजिए कोई अपराधी अपनी कार की नंबर प्लेट बार-बार बदलता हो, अपना GPS बंद कर देता हो और छिपते-छिपाते गैरकानूनी सामान सप्लाई करता हो। 'शैडो फ्लीट' भी बिल्कुल यही करती है। अमेरिका और पश्चिमी देशों ने ईरान से तेल खरीदने और बेचने पर कड़े प्रतिबंध लगाए हुए हैं। इन प्रतिबंधों से बचने के लिए ईरान इन 'शैडो फ्लीट' जहाजों का इस्तेमाल करता है।

ये जहाज समंदर में छिपने के लिए क्या करते हैं?

ट्रैकिंग सिस्टम बंद करना: ये जहाज अपना ऑटोमैटिक आइडेंटिफिकेशन सिस्टम (AIS) बंद कर देते हैं ताकि कोई इन्हें रडार पर देख न सके।

लोकेशन बदलना: ये दुनिया को झूठी लोकेशन दिखाते हैं। जैसे पकड़े गए एक जहाज ने अपना ट्रैकर बंद करके कई दिन पाकिस्तान की समुद्री सीमा में बिताए थे।

चोरी-छिपे ट्रांसफर: ये जहाज बीच समंदर में चोरी-छिपे एक जहाज से दूसरे जहाज में तेल भरते हैं और फर्जी कागजातों का इस्तेमाल करते हैं।

भारत ने इन्हीं चालाकियों को पकड़ा और अपनी समुद्री सीमा (EEZ) का गलत इस्तेमाल करने के जुर्म में इन्हें जब्त कर लिया।

दुनिया में रिश्ते 'ताकत, नियम और सम्मान' के संतुलन से चलते हैं।

नागरिकों की सुरक्षा सर्वोपरि: कोई भी देश तभी महान बनता है जब वह अपने नागरिकों की परवाह करता है। भारत ने दुनिया को कड़ा संदेश दिया है कि अगर हमारे बेगुनाह नागरिकों को परेशान किया गया, तो हम सख्त से सख्त कार्रवाई करने से पीछे नहीं हटेंगे।

अंतरराष्ट्रीय नियमों का सम्मान: समंदर किसी एक देश की बपौती नहीं है। हर देश को कायदे-कानून मानने पड़ते हैं। फर्जीवाड़ा करके भारत के पानी का इस्तेमाल करने वालों को बख्शा नहीं जाएगा।

कूटनीति का खेल: यह भारत का एक बेहद सधा हुआ कूटनीतिक कदम था। दिलचस्प बात यह है कि जिन तीन जहाजों को भारत ने पकड़ा, उन पर अमेरिका ने 2025 में ही बैन लगाया हुआ था। इस कार्रवाई से भारत ने अमेरिका के साथ भी अपने रणनीतिक रिश्तों को और मजबूत किया है।

अंतरराष्ट्रीय राजनीति शतरंज के खेल की तरह है। भारत ने ईरान को यह स्पष्ट कर दिया है कि पुरानी दोस्ती अपनी जगह है, लेकिन अगर आप हमारी पीठ में छुरा घोंपेंगे या हमारे नागरिकों को बंधक बनाएंगे, तो आपके अवैध व्यापार को हम भी बीच समंदर में रोक देंगे।

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