Inside Story of Omar Abdullah No Network Zone Meeting with Party MLAs विधायक, नो नेटवर्क जोन और एक दावा; उमर अब्दुल्ला की पिकनिक मीटिंग की इनसाइड स्टोरी, India News in Hindi - Hindustan
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विधायक, नो नेटवर्क जोन और एक दावा; उमर अब्दुल्ला की पिकनिक मीटिंग की इनसाइड स्टोरी

आमतौर पर पिकनिक मनाने का मकसद एंजॉय करना होता है। लेकिन उमर अब्दुल्ला की पार्टी नेताओं के साथ नो नेटवर्क मीटिंग का मकसद कुछ और ही है। पढ़िए और जानिए क्या है पूरा मामला…

Wed, 3 June 2026 04:33 PMDeepak Mishra लाइव हिन्दुस्तान, श्रीनगर
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विधायक, नो नेटवर्क जोन और एक दावा; उमर अब्दुल्ला की पिकनिक मीटिंग की इनसाइड स्टोरी

कहते हैं राजनीति में जो दिखता है, वैसा हमेशा होता नहीं। जम्मू कश्मीर में भी कुछ ऐसा ही हो रहा है। यहां पर मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला, अपनी पार्टी के सभी विधायकों-सांसदों को लेकर पिकनिक मनाने गए। वेन्यू था, राजधानी श्रीनगर से करीब 22 किमी दूर, दछिगम नेशनल पार्क। इसे नो नेटवर्क जोन कहा जाता है। बताया जाता है कि इस पिकनिक का उद्देश्य पार्टी के विधायकों और सांसदों को डिजिटल डिटॉक्स कराना था। लेकिन अंदरखाने कहानी कुछ और है। आइए जानते हैं क्या है पूरा मामला।

सोशल मीडिया पर तस्वीर
योजना के तहत पार्टी के सभी विधायक और सांसद मुख्यमंत्री के गुपकार रोड स्थित निजी ऑफिस में पहुंचे। इसके बाद यह सभी लोग बस में सवार हुए। खुद मुख्यमंत्री भी बस में सबके साथ सवार हुए। उन्होंने इसकी तस्वीरें भी सोशल मीडिया पर पोस्ट कीं। इसके बाद बस रवाना हुई दछिगम नेशनल पार्क के लिए। मुख्यमंत्री अब्दुल्ला ने बताया कि इस बैठक का उद्देश्य, पिछले 19 महीने के कार्यकाल जायजा लेना है। उन्होंने लिखा कि सरकार ने पिछले कुछ वक्त में कैसा काम किया, क्या अच्छा रहा, क्या खराब रहा, सारी बातों के बारे में समझा और जाना जाएगा।

अंदर की कहानी क्या
यह तो वो बातें हैं जो मुख्यमंत्री अब्दुल्ला ने बताईं। लेकिन अंदर की कहानी कुछ और है। जानकारी के मुताबिक इस बैठक के दौरान उमर अब्दुल्ला ने कई मसलों पर चर्चा की। इन मसलों में भविष्य की रणनीतियां, जम्मू कश्मीर को राज्य का दर्जा दिए जाने में देरी और प्रदेश के राजनीतिक अधिकारों पर बात की गई। जानकारी के मुताबिक इस दौरान इस धारणा पर भी बात की गई कि उमर अब्दुल्ला, जम्मू कश्मीर को फिर से राज्य का दर्जा दिलाने की दिशा में गंभीर प्रयास नहीं कर रहे हैं।

पार्टी नेताओं में नाराजगी
नेशनल कांफ्रेंस के कुछ नेताओं ने इस बात को लेकर सार्वजनिक रूप से नाराजगी जताई है कि अक्टूबर 2024 में सरकार बनने के बाद से पार्टी अपना लक्ष्य भूल गई है। पार्टी में उमर अब्दुल्ला के सबसे बड़े आलोचक, सांसद आगा रुहुल्ला हैं। उन्होंने खुलेआम अब्दुल्ला पर जनमत को धोखा देने का आरोप लगाया। साथ माफी मांगने और इस्तीफा देने की बात भी कही। गौरतलब है कि रुहुल्ला को इस ट्रिप के लिए नहीं बुलाया गया है। एनडीटीवी के मुताबिक रुहुल्लाह ने कहाकि उन्हें इस बैठक के लिए नहीं बुलाया गया।

विपक्ष से भी आलोचना
गौरतलब है कि नेशनल कांफ्रेंस को इन दिनों विपक्षी दलों, भाजपा और पीडीपी की आलोचना भी झेलनी पड़ रही है। जम्मू-कश्मीर विधानसभा में भाजपा के नेता और विपक्ष के नेता सुनील शर्मा ने इस बैठक को उमर अब्दुल्ला का फ्लोर टेस्ट बताया है। उन्होंने कहाकि उमर अब्दुल्ला पार्टी नेताओं को इसलिए साथ लेकर गए हैं ताकि देख सकें कि विधायक अभी भी उनके साथ हैं या नहीं। बस यात्रा में शामिल एक नेशनल कॉन्फ्रेंस विधायक ने कहाकि उमर अब्दुल्ला को पार्टी के राजनीतिक एजेंडे का पालन करना है जो 2024 में पार्टी के घोषणा पत्र में था।

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क्या सोच रहे उमर अब्दुल्ला
पार्टी के अंदरूनी सूत्रों के मुताबिक उमर अब्दुल्ला, बेहद हताश महसूस कर रहे हैं। केंद्र सरकार ने बार-बार उनसे जम्मू कश्मीर को राज्य का दर्जा वापस लौटाने का वादा किया। साथ ही उनसे यह भी कहा गया है कि उनकी सरकार को काम करने दिया जाएगा। एक विधायक ने कहाकि केंद्र सरकार ने जम्मू और कश्मीर में निर्वाचित सरकार को जीरो कर दिया है। हमारी सरकार के पास एक पटवारी तक पर भी नियंत्रण नहीं है। राजस्व विभाग निर्वाचित सरकार के अधीन है, लेकिन हकीकत में हम एक पटवारी का भी ट्रांसफर नहीं कर सकते। उन्होंने कहाकि बैठक का मकसद फिर से रीसेट बटन दबाना है।