Big Offers to Siddaramaiah for leaving CM Chair of Karnataka what are the promises ओबीसी चेहरा, 2029 में बड़ा रोल; CM की कुर्सी के बदले सिद्धारमैया से कांग्रेस ने किए क्या-क्या वादे, India News in Hindi - Hindustan
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ओबीसी चेहरा, 2029 में बड़ा रोल; CM की कुर्सी के बदले सिद्धारमैया से कांग्रेस ने किए क्या-क्या वादे

सिद्धारमैया को सामने रखकर कांग्रेस एक बड़ी रणनीति पर काम कर रही है। इसीलिए कर्नाटक में कांग्रेस की कुर्सी छोड़ने के बदले, उनसे बड़े-बड़े वादे किए गए हैं। जानिए क्या-क्या कहा है कांग्रेस ने…

Tue, 26 May 2026 10:31 PMDeepak Mishra लाइव हिन्दुस्तान, नई दिल्ली
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ओबीसी चेहरा, 2029 में बड़ा रोल; CM की कुर्सी के बदले सिद्धारमैया से कांग्रेस ने किए क्या-क्या वादे

कर्नाटक में लंबे अरसे से चली आ रही सियासी खींचतान थमती नजर आ रही है। रिपोर्ट्स के मुताबिक कांग्रेस ने यहां पर मुख्यमंत्री सिद्धारमैया को मुख्यमंत्री की गद्दी छोड़ने के लिए मना लिया है। ऐसी भी खबरें हैं कि सिद्धारमैया गुरुवार तक अपने पद से इस्तीफा दे देंगे। हालांकि कांग्रेस के लिए सिद्धारमैया को मनाना इतना आसान नहीं रहा। सीएम पद छोड़ने के एवज में कांग्रेस ने उनसे भारी-भरकम वादे किए हैं। इन वादों की लिस्ट में राज्यसभा की कुर्सी, ओबीसी चेहरा और साल 2029 के लोकसभा चुनाव में बड़ा चेहरा बनाने की बातें हैं।

क्या-क्या कहा गया है सिद्धा से
जानकारी के मुताबिक कांग्रेस नेतृत्व की तरफ से सिद्धारमैया से कहा गया है कि पार्टी को दिल्ली में उनकी ज्यादा जरूरत है। साल 2029 के लोकसभा चुनाव में कांग्रेस को एक प्रॉमिनेंट ओबीसी चेहरे की जरूरत है। खासकर यह देखते हुए कि किस तरह से राहुल गांधी पूरे देश में जाति-जनगणना और सोशल जस्टिस का मुद्दा उठा रहे हैं। सिद्धारमैया से कहा गया है कि 2029 के आम चुनाव में पार्टी उन्हें आगे रखकर बड़ी रणनीति की तरफ देख रही है। साथ ही उन्हें यह भी आश्वासन दिया गया है कि अगर वह राज्यसभा से होते हुए दिल्ली आते हैं तो उनकी सभी बातों का पूरी तरह से ख्याल रखा जाएगा। हालांकि इन सभी प्रस्तावों पर अभी सिद्धारमैया ने हां नहीं किया है।

सिद्धारमैया कर रहे करीबियों से चर्चा
कर्नाटक के मुख्यमंत्री ने अभी कोई निश्चित उत्तर नहीं दिया है। उन्होंने फिलहाल सोचने के लिए वक्त मांगा है। सूत्र बताते हैं कि इस बात ने कांग्रेस खेमे में और ज्यादा खलबली मचा दी है। ऐसी खबरें हैं कि दिल्ली से वापस आते ही सिद्धारमैया ने अपने करीबी मंत्रियों और भरोसेमंदों को बुलावा भेजा है और पार्टी के प्रस्ताव पर उनसे चर्चा शुरू कर दी है। गौरतलब है कि कर्नाटक में राज्यसभा चुनाव होने वाला है। इसके नामांकन की तारीख भी करीब आ गई है। ऐसे में कांग्रेस इस मौके को भुनाने में कसर नहीं छोड़ना चाहती।

करीब 7 घंटे तक मंथन
दिल्ली में कर्नाटक के नेताओं और कांग्रेस शीर्ष नेतृत्व की बैठक करीब 7 घंटे तक चली। इंडिया टुडे के मुताबिक इस दौरान सिद्धारमैया को मनाने की पुरजोर कोशिशें हुईं। कांग्रेस के शीर्ष नेतृत्व इस बात का पूरा ख्याल रखा कि मुख्यमंत्री पद छोड़ने का प्रस्ताव कहीं सिद्धारमैया को नाराज न कर दे। इसलिए हर एक बात बहुत सलीके से और बहुत ही सावधानी के साथ उनके सामने रखी गई। हालांकि खुले तौर पर कांग्रेस नेताओं ने कर्नाटक में नेतृत्व परिवर्तन की बातों से इनकार किया। आधिकारिक तौर पर कहा गया कि इस दौरान केवल राज्यसभा चुनाव समेत कुछ अन्य बातों पर चर्चा हुई। लेकिन अंदरखाने की कहानी कुछ और है।

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क्या बोली भाजपा
वहीं, इसको लेकर भाजपा ने कांग्रेस पर तंज कसा है। कर्नाटक विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष आर. अशोक ने राज्य में सत्तारूढ़ कांग्रेस के आंतरिक नेतृत्व संघर्ष पर निशाना साधते हुए मंगलवार को दावा किया कि इस सत्ता संघर्ष ने सरकार को कोमा की स्थिति में धकेल दिया है। भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) नेता अशोक ने राज्य में प्रशासन के "पूरी तरह चरमरा जाने" का आरोप लगाते हुए कहा कि कांग्रेस का इतना 'कमजोर' है कि वह मुख्यमंत्री सिद्धरमैया और उनके उपमुख्यमंत्री डी.के. शिवकुमार के बीच जारी सत्ता संघर्ष को सुलझाने में सक्षम नहीं है।