आ गया बंगाल चुनाव का ओपिनियन पोल, भाजपा को कितनी सीटें? लोगों ने बता दी पार्टी की कमजोरी
पश्चिम बंगाल सहित 4 राज्य और एक केंद्र शासित प्रदेश में चुनावों की घोषणा हो चुकी है। बंगाल चुनावों को लेकर लगभग सभी दलों ने अपने उम्मीदवारों की घोषणा भी कर दी है। चुनावों से पहले जानिए क्या कहता है ओपिनियन पोल।

West Bengal Election 2026: पश्चिम बंगाल में अगले महीने होने वाले चुनावों से पहले ताजा ओपिनियन पोल सामने आया है। इस ओपिनियन पोल के नतीजे मुख्यमंत्री ममता बनर्जी के हक में हैं। Vote Vibe और CNN-News18 द्वारा जारी इस ओपिनियन पोल के मुताबिक, राज्य में सत्तारूढ़ पार्टी तृणमूल कांग्रेस (TMC) पश्चिम बंगाल में लगातार चौथी बार सरकार बना सकती है। वहीं पोल के मुताबिक, मुख्यमंत्री के तौर पर ममता बनर्जी की लोकप्रियता भी बनी हुई है।
चुनाव से पहले किए गए इस सर्वे में अनुमान लगाया गया है कि ममता बनर्जी के नेतृत्व वाली TMC, 294 सदस्यों वाली पश्चिम बंगाल विधानसभा में 184 से 194 सीटें हासिल करेगी। यह बहुमत के आंकड़े से काफी ज्यादा है। वहीं ओपिनियन पोल के मुताबिक विपक्षी भारतीय जनता पार्टी (BJP) राज्य में 98-108 सीटें जीत सकती है। वोट शेयर के मामले में भी TMC को बढ़त मिली है। 41.9 फीसदी लोगों ने सत्ताधारी पार्टी के प्रति अपना समर्थन जताया, वहीं 34.9 फीसदी लोगों ने भाजपा को वोट दिया।
ममता पर भरोसा कायम
पोल की मानें तो मुख्यमंत्री ममता बनर्जी TMC की चुनावी जीत का मुख्य आधार बनी हुई हैं। सर्वे में हिस्सा लेने वाले लगभग आधे लोगों ने यानी 48.5 फीसदी लोगों ने उन्हें मुख्यमंत्री के तौर पर चुना। वहीं भाजपा के शुभेंदु अधिकारी को 33.4 फीसदी लोगों का समर्थन मिला। गौरतलब है कि 2021 के विधानसभा चुनावों में, TMC लगातार तीसरी बार सत्ता में लौटी थी और पार्टी ने 220 सीटें जीतीं थी।
शासन पर मिली-जुली राय
राज्य सरकार के कामकाज को लेकर लोगों की राय बंटी हुई है। लगभग 43.3 फीसदी लोगों ने सरकार के काम को अच्छा या बहुत अच्छा बताया, जबकि एक तिहाई से ज्यादा लोगों ने असंतोष जताया है। इनमें से 20.6 फीसदी ने सरकार के काम को बहुत खराब और 18.3 फीसदी लोगों ने खराब बताया। इसके अलावा 36.5 फीसदी जवाब देने वालों ने कहा है कि वे मौजूदा टीएमसी विधायकों को ही दोबारा वोट देना चाहते हैं।
जातिगत आंकड़े भी जानिए
अलग-अलग सामाजिक समूहों की बात करें तो मुस्लिम समुदाय के बीच ममता की प्रसिद्धि कायम है। 44.2 फीसदी लोगों ने सरकार के कामकाज को बहुत अच्छा बताया। इसके उलट सवर्ण हिंदू मतदाता और अनुसूचित जनजाति (ST) के लोग सरकार के कामकाज को लेकर सबसे ज्यादा आलोचनात्मक दिखे। इन दोनों ही समूहों के 26.6 फीसदी लोगों ने सरकार के कामकाज को बहुत खराब बताया।
लोगों ने बता दी पार्टी की कमजोरियां
ओपिनियन पोल से पता चलता है कि राज्य में भाजपा की सबसे बड़ी कमजोरी पार्टी के अंदर की फूट है। 19.9 फीसदी जवाब देने वालों ने पार्टी के अंदर की लड़ाई और गुटबाजी की ओर इशारा किया। वहीं 17.2 फीसदी लोगों को लगता है कि एक करिश्माई राज्य-स्तरीय नेता की कमी है और 12.5 फीसदी लोग यह सोचते हैं कि पार्टी बंगाल की संस्कृति को नहीं समझती।




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