will Bhabanipur become nandigram for mamta banerjee why bjp and suvendu hopes क्या ममता बनर्जी के लिए नंदीग्राम बन जाएगा भबानीपुर? किन आंकड़ों से भाजपा को उम्मीद, West-bengal Hindi News - Hindustan
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क्या ममता बनर्जी के लिए नंदीग्राम बन जाएगा भबानीपुर? किन आंकड़ों से भाजपा को उम्मीद

भबानीपुर विधानसभा सीट पर 20 फीसदी मुस्लिम आबादी है। ऐसे में भाजपा को उम्मीद है कि यदि ममता ने बांग्ला या मुस्लिम कार्ड चला तो फिर बाहरी वोटर उसके पक्ष में गोलबंदी कर सकते हैं। ऐसी स्थिति भाजपा के लिए फायदेमंद होगी।

Wed, 18 March 2026 04:34 PMSurya Prakash लाइव हिन्दुस्तान, कोलकाता
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क्या ममता बनर्जी के लिए नंदीग्राम बन जाएगा भबानीपुर? किन आंकड़ों से भाजपा को उम्मीद

पश्चिम बंगाल के विधानसभा चुनाव का शेड्यूल घोषित होते ही भाजपा और टीएमसी पूरी तरह ऐक्टिव हो चुके हैं। भाजपा ने तेजी दिखाते हुए 144 सीटों पर कैंडिडेट घोषित कर दिए तो वहीं टीएमसी ने भी 291 सीटों की एकमुश्त सूची जारी कर दी है। ममता बनर्जी को भबानीपुर विधानसभा से ही उतरी हैं, जहां से वह 2021 के उपचुनाव में जीती थीं। इससे पहले वह विधानसभा चुनाव में नंदीग्राम सीट पर भाजपा नेता शुभेंदु अधिकारी से हार गई थीं। अब भाजपा ने शुभेंदु अधिकारी को नंदीग्राम के साथ ही भबानीपुर से भी उतार दिया है। ऐसे में देखना होगा कि क्या भबानीपुर ही ममता बनर्जी के लिए 2021 वाला नंदीग्राम साबित होगा? या वह भबानीपुर जीतने के साथ ही चौथी बार सत्ता में फिर वापसी कर पाएंगी।

चुनाव का नतीजा 4 मई को आएगा, लेकिन फिलहाल बंगाल की हॉट सीट भबानीपुर बन चुकी है। अब भाजपा की बात करें तो उसने शुभेंदु अधिकारी को यहां से इसलिए उतारा है ताकि एक कदम से कई चीजों को साधा जा सके। पहली बात तो यह कि नंदीग्राम में शुभेंदु के मुकाबले हार झेल चुकीं ममता बनर्जी पर मनोवैज्ञानिक दबाव बनाने में मदद मिलेगी। इसके अलावा उन्हें अपनी ही सीट पर ज्यादा समय बिताने के लिए विवश किया जा सकेगा। ममता की सीट पर उनके और भतीजे अभिषेक बनर्जी के अलावा ज्यादा चेहरे नहीं हैं, जिन पर प्रचार के लिए निर्भर रहा जा सके। ऐसी स्थिति में भाजपा चाहेगी कि ममता बनर्जी को ज्यादा से ज्यादा भबानीपुर में रोका जाए।

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बाहरी वोटरों की संख्या 40 फीसदी, दूसरी सीटों से अलग

भाजपा का भबानीपुर सीट को लेकर नंदीग्राम जैसा प्लान भी माना जा रहा है। पार्टी सूत्रों का कहना है कि इस सीट पर जो डेमोग्राफी है, उससे उम्मीद है। यहां कि आबादी में 40 फीसदी लोग गैर-बांग्ला हैं। मुख्य तौर पर गुजराती, मारवाड़ी, पंजाबी और उड़िया लोग यहां रहते हैं। फिर बड़ी आबादी झारखंड और बिहार के लोगों की भी है। ऐसे में भाजपा को उम्मीद है कि ममता बनर्जी के बांग्ला फोकस चुनाव करने पर उसे यहां बाहरी समुदायों को लुभाने में मदद मिलेगी। आमतौर पर चुनावों के दौरान ममता बनर्जी खुलकर बांग्ला कार्ड खेलती रही हैं। ऐसा हुआ तो भाजपा को भबानीपुर में ध्रुवीकरण की उम्मीद रहेगी।

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भबानीपुर में 20 फीसदी मुस्लिम वोट, ध्रुवीकरण की संभावना

इस सीट पर 20 फीसदी मुस्लिम आबादी है। ऐसे में भाजपा को उम्मीद है कि यदि ममता ने बांग्ला या मुस्लिम कार्ड चला तो फिर बाहरी वोटर उसके पक्ष में गोलबंदी कर सकते हैं। ऐसी स्थिति भाजपा के लिए फायदेमंद होगी। गौरतलब है कि ममता को भी यहां की डेमोग्राफी का अंदाजा है। यही कारण है कि उन्होंने जैन समाज के लोगों को सब्सिडी रेट पर कोलकाता के न्यू टाउन इलाके में जैन मंदिर के लिए जमीन दी है। आमतौर पर बांग्ला कार्ढ चलने वालीं ममता बनर्जी का यह कदम अलग था। इसे भबानीपुर से ही जोड़कर देखा जा रहा है।

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