Axis My India ने बताया बंगाल में क्यों फेल हुई उनकी एग्जिट पोल एक्सरसाइज, मतदाताओं में था कैसा भय?
Axis My India Bengal Exit Poll Exercise: प्रदीप गुप्ता ने बताया कि बंगाल में मैं भी गया था। वहां करीब 70 से 80 फीसदी लोग मुंह खोलने तक तैयार नहीं थे। वोट किसको दिया इस पर बात करना या ये बताना तो बहुत दूर की बात है।

Axis My India Bengal Exit Poll Exercise: पांचों राज्यों के विधानसभा चुनाव संपन्न होने के बाद बुधवार (29 अप्रैल) की शाम तमाम एजेंसियों ने अपने-अपने एग्जिट पोल सर्वे के अनुमान जारी किए थे। मशहूर सर्वे एजेंसी Axis My India ने भी यह कवायद की लेकिन इस एजेंसी ने पश्चिम बंगाल के लिए कोई सर्वे अनुमान जारी नहीं किए। Axis My India के संस्थापक और प्रबंध निदेशक ने बुधवार को बताया था कि वहां का सैम्पल साइज बहुत छोटा था, इसलिए बुधवार की जगह गुरुवार को सर्वे के आंकड़े जारी किए जाएंगे, ताकि इस दौरान कुछ और सैम्पल इकट्ठे किए जा सकें लेकिन गुरुवार की शाम होने से पहले ही उन्होंने हाथ खड़े कर लिए और स्पष्ट किया कि उनकी कंपनी Axis My India बंगाल के लिए इस बार एग्जिट पोल के आंकड़े जारी नहीं करेगी।
बाद में उन्होंने एक चैनल पर चर्चा में शामिल होते हुए इस बात का खुलासा किया कि क्यों उनकी कंपनी की ये एक्सरसाइज फेल हुई। प्रदीप गुप्ता ने बताया कि उनकी कंपनी हर विधानसभा क्षेत्र में फेस टू फेस सर्वे कर रही थी लेकिन इस बार बंगाल में एक अजीब तरह का खौफ मतदाताओं में दिखा। इसकी वजह से 80 फीसदी तक मतदाताओं ने उनकी एजेंसी के सर्वेयर से बात तक नहीं की। उन्होंने कहा कि लोगों ने अपनी जुबां पर ताला लगा रखा था और हूं,हां भी नहीं कर रहे थे।
70 से 80 फीसदी लोग मुंह खोलने तक तैयार नहीं
गुप्ता ने बताया, "बंगाल में मैं भी गया था। वहां करीब 70 से 80 फीसदी लोग मुंह खोलने तक तैयार नहीं थे। वोट किसको दिया इस पर बात करना या ये बताना तो बहुत दूर की बात है।" उन्होंने कहा कि Axis My India की मेथेडोलॉजी है कि फेस टू फेस इंटरव्यू करके जो रिप्रेजेंटेटिव सैम्पल के साथ जो आंकड़ा आता है, उसका एनालिसिस करके उसे एग्जिट पोल के जरिए प्रस्तुत किया जाय। गुप्ता ने बताया कि जैसे ही बंगाल में लोगों से इस मुद्दे पर बात करने की कोशिश की जाती थी लोग तुरंत हाथ जोड़ लेते थे और मुंह बंद कर लेते थे और कहते थे कि इस मुद्दे पर बात नहीं करनी है।
SIR की वजह से लोगों में एक अजीब तरह का भय
Axis My India के संस्थापक ने इसके पीछे के कारणों की चर्चा करते हुए बताया कि चूंकि इस बार बंगाल में SIR हुआ है, इसलिए वहां माहौल ऐसा बना हुआ था कि कोई भी किसी से चुनाव से संबंधित विषय पर बात नहीं करता दिखा। यानी SIR की वजह से लोगों में एक अजीब तरह का भय का माहौल था। गुप्ता ने यह भी बताया कि बंगाल के लोगों में इस बात के लिए भी खौफ था कि जब पिछले कुछ महीनों में वहां MLAs, MPs, मंत्री और कई नेताओं को भीड़ के गुस्से, धक्का मुक्की और पथराव का सामना करना पड़ा है तो आम आदमी की क्या बिसात? और इसी वजह से लोगों ने ऐसे माहौल में कि जब VIP सुरक्षित नहीं हैं तो एक आम आदमी द्वारा एक अनजान शख्स से चुनाव के मुद्दे पर बात करना खतरे से खाली नहीं है।
शहरी क्षेत्रों में लोग ज्यादा भयभीत थे
उन्होंने बताया कि लोगों में इस बात का खौफ दिखा कि अगर उसने भाजपा या टीएमसी के पक्ष में कुछ कह दिया तो दूसरी पार्टी के समर्थक उनके साथ कुछ बुरा न कर बैठें। इस डर की वजह से वहां भय का बड़ा माहौल कायम हुआ और एग्जिट पोल सर्वे की एक्सरसाइज नाकाम रही। प्रदीप गुप्ता ने बताया कि शहरी क्षेत्रों में लोग ज्यादा भयभीत थे। उन्होंने बताया कि कलकाता सिटी में 20 लोग भी बात करने को तैयार नहीं दिखे, जबकि उन्हें 200 लोगों से बात करनी थी। गुप्ता ने ये भी कहा कि ग्रामीण क्षेत्रों में शहरी क्षेत्रों के मुकाबले ज्यादा लोगों ने चुनाव के मुद्दे पर बात की लेकिन उनका भी सैम्पल साइज छोटा ही रहा।




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