Axis My India के प्रदीप गुप्ता ने 9 साल बाद खोली ममता सरकार के टॉर्चर की पोल, बोले- 30 दिनों तक...
Axis My India: गुप्ता ने दावा किया कि टीएमसी ने तब राज्य तंत्र का दुरुपयोग करके उनके सर्वेक्षकों को डराया-धमकाया था और कुछ मामलों में उन्हें गिरफ्तार भी कर लिया था। उन्होंने कहा कि बंगाल में इस चुनाव के दौरान भी हमारे 6 लोगों को जेल में डाल दिया गया था।

मशहूर सर्वे एजेंसी Axis My India के चेयरमैन प्रदीप गुप्ता ने खुलासा किया है कि 9 साल पहले उनकी टीम के लोगों को तत्कालीन ममता बनर्जी सरकार के कोपभाजन का शिकार होना पड़ा था। PTI को दिए एक इंटरव्यू में गुप्ता ने कहा, "2017 में (बंगाल में) Axis My India के लोगों को 30 दिनों के लिए जेल में डाल दिया गया था। उसके बाद, हमने उन्हें जमानत पर बाहर निकलवाया।" गुप्ता ने कहा कि तब उनके छह सर्वेक्षकों को दमदम जेल में बंद कर दिया गया था और उन पर आरोप लगाया गया था कि हम लोगों से यह पूछने की कोशिश कर रहे थे कि वे किसे वोट देंगे। और अगर कोई TMC कहता, तो उसका वोट काट दिया जाता। यह आरोप था।
एक्सिस माय इंडिया के एमडी ने आगे बताया कि इसके बाद उन्होंने कलकत्ता हाई कोर्ट का दरवाजा खटखटाया था, जहां से उन्हें राहत मिली। उन्होंने कहा, "फिर हमने हाई कोर्ट में उनकी जमानत के लिए अर्ज़ी दी; तब अदालत ने हमसे अपना काम जारी रखने के लिए कहा।" उन्होंने कहा कि हमारी कई चीज़ें अभी भी जेल में ही हैं।
सर्वेक्षकों को डराया-धमकाया गया
गुप्ता ने दावा किया कि टीएमसी ने तब राज्य तंत्र का दुरुपयोग करके उनके सर्वेक्षकों को डराया-धमकाया था और कुछ मामलों में उन्हें गिरफ्तार भी कर लिया था। उन्होंने कहा, ''बंगाल में इस चुनाव के दौरान भी हमारे छह लोगों को जेल में डाल दिया गया था। उन्हें अदालतों द्वारा राज्य सरकार को फटकार लगाए जाने के बाद ही रिहा किया गया।'' गुप्ता ने कहा कि इस बार पूरे पश्चिम बंगाल में पुलिस थानों को 'एक्सिस माय इंडिया के सर्वेक्षकों पर नजर रखने के लिए सतर्क कर दिया गया था।
बंगाल में 'भय का माहौल'
इस बार के चुनाव पर बातचीत करते हुए चुनाव विश्लेषक प्रदीप गुप्ता ने बुधवार को कहा कि पश्चिम बंगाल में ''भय का माहौल'' बनाने वाले तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) के वर्षों के 'कुशासन', प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के करिश्माई व्यक्तित्व तथा अमित शाह और आरएसएस की संगठनात्मक क्षमताओं ने भाजपा को सत्ता में पहुंचाया। 'एक्सिस माय इंडिया' के संचालक गुप्ता ने इस बात को खारिज किया कि 15 साल सत्ता में रहने के बाद ममता बनर्जी की टीएमसी को सत्ता से बाहर करने में हिंदू मतों के एकीकरण की भूमिका है।
हिंदू और मुस्लिम मुद्दे जीत या हार का निर्धारण नहीं करते
उन्होंने भारतीय मतदाताओं की सराहना करते हुए कहा कि वह सबसे गरीब गांव से लेकर सबसे अमीर शहर तक सभी को परिपक्व और समझदार मानते हैं, तथा वे चुनावी वादों, मुफ्त उपहारों या धर्म से ज्यादा प्रभावित नहीं होते। उन्होंने जोर देकर कहा कि धार्मिक ध्रुवीकरण के बजाय सुशासन ही भाजपा को अपना वर्चस्व स्थापित करने में मदद कर रहा है। गुप्ता ने कहा, ''हिंदू और मुस्लिम मुद्दे जीत या हार का निर्धारण नहीं करते। जब आप भाजपा की जीत का श्रेय हिंदू मतों के एकीकरण को देते हैं, तो आप उन राज्यों में किए गए अच्छे विकास और अच्छे कार्यों को कम करके आंकते हैं।''
इस बार बंगाल पर कोई सर्वे जारी नहीं किया
विशेष रूप से बंगाल के संदर्भ में उन्होंने कहा कि टीएमसी ने भय का माहौल बनाया जो 23 अप्रैल को पहले चरण के मतदान के बाद उनके सर्वेक्षकों के लोगों से बातचीत करने पर स्पष्ट रूप से सामने आया। गुप्ता के अनुसार, लोगों ने सर्वेक्षकों से बात करने से इनकार कर दिया, जो इस बात का स्पष्ट संकेत था कि उन्होंने टीएमसी से अलग होकर भाजपा को वोट दिया था। उन्होंने साक्षात्कार में विधानसभा चुनावों के हालिया परिणामों से लेकर भारतीय मतदाता की बदलती मानसिकता तक कई विषयों पर चर्चा की। गुप्ता ने कहा, ''पूजा से ज्यादा महत्व पेट का है, और पेट से बड़ा महत्व जान का है।'' बता दें कि तमिलनाडु, केरल और पुचुडेरी में सटीक भविष्यवाणी करने वाले एक्सिस माय इंडिया ने इस बार बंगाल पर कोई सर्वे जारी नहीं किए थे। (भाषा इनपुट्स के साथ)




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