अभिषेक पर हमला INDIA गठबंधन के लिए बनेगा संजीवनी? ममता बनर्जी के साथ आया विपक्ष
पश्चिम बंगाल के सोनारपुर में तृणमूूल कांग्रेस सांसद अभिषेक बनर्जी पर हुए हमले के मुद्दे पर पूरा विपक्ष एकजुट नजर आ रहा है। राहुल गांधी, अखिलेश यादव और अरविंद केजरीवाल ने भारतीय जनता पार्टी के खिलाफ मोर्चा खोला है।

पश्चिम बंगाल में ममता बनर्जी के भतीजे और तृणमूल कांग्रेस (TMC) सांसद अभिषेक बनर्जी पर हुए हमले ने राष्ट्रीय स्तर पर व्यापक चर्चा बटोरी हुई हैं। शनिवार को हुए हमले ने भारतीय जनता पार्टी (BJP) के खिलाफ विपक्ष की उन तमाम पार्टियों को एक जुट कर दिया, जो कुछ समय पहले तक INDIA गठबंधन के नीचे कमजोर स्थिति में खड़ी हुई थीं। आपस में तमाम मतभेदों के बीच इनकी स्थिति और भी ज्यादा कमजोर लग रही थी। लेकिन अभिषेक बनर्जी पर हुए हमले ने इन सभी पार्टियों ने एक साथ आकर खुलकर भाजपा पर निशाना साधा। इस पूरे घटनाक्रम ने एक बात और साफ कर दी कि भले ही ममता बनर्जी ने बंगाल की सत्ता गंवा दी है, लेकिन गठबंधन में उनका कद कम नहीं हुआ है।
शनिवार दोपहर को दक्षिण 24 परगना में अभिषेक बनर्जी पर हुए हमलों का आरोप भाजपा के ऊपर लगा। इस हमले की खबर जैसे ही राष्ट्रीय स्तर पर पहुंची, तमाम विरोधाभासों से जूझ रहा INDIA गठबंधन इस मुद्दे पर साथ खड़ा दिखाई दिया। कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे, लोकसभा नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी, आम आदमी पार्टी (AAP) के संयोजक अरविंद केजरीवाल, समाजवादी पार्टी (SP) के अध्यक्ष अखिलेश यादव ने भाजपा को जमकर निशाना बनाया।
कांग्रेस ने बोला तीखा हमला
लोकसभा नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने सोशल मीडिया साइट पर अभिषेक बनर्जी के प्रति अपना समर्थन जाहिर करते हुए बंगाल और केंद्र में बैठी भाजपा सरकार पर निशाना साधा। उन्होंने सोनारपुर में अभिषेक पर हुए हमले को निंदनीय करार दिया। उन्होंने लिखा, "एक सांसद पर हमला सिर्फ एक व्यक्ति पर हमला नहीं है, यह हमला उस जनता पर है, जिसने उन्हें चुना है। यह उस लोकतंत्र पर हमला है, जो हमारी साझी विरासत है। यह भाजपा की बदले की राजनीति का घिनौना रूप है।"
राहुल गांधी के अलावा कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ने निशाना साधते हुए सुभेंदु सरकार के ऊपर जानबूझकर अभिषेक को सुरक्षा न देने का आरोप लगाया। उन्होंने लिखा, "राज्य में चुनाव के बाद हुई हिंसा से प्रभावित परिवारों से मिलने जा रहे सांसद अभिषेक बनर्जी पर हमला निंदनीय है। मैं इसकी कड़ी निंदा करता हूं।"
अखिलेश यादव ने साधा निशाना
इसके बाद ममता बनर्जी के करीबी माने जाने वाले समाजवादी पार्टी के अध्यक्ष अखिलेश यादव ने भी इस घटना को 'घिनौनी साजिश' करार दिया। उन्होंने लिखा, "तृणमूल कांग्रेस के वरिष्ठ नेता अभिषेक बनर्जी पर जानलेवा हमला करवाकर अराजकतावादी भाजपा सरकार ने साबित कर दिया है कि वह नफरत और हिंसा की राजनीति के अलावा कुछ नहीं कर सकती।"
केजरीवाल का हमला
आप नेता अरविंद केजरीवाल ने भी इस घटना के लिए भाजपा सरकार के अंतर्गत बंगाल की बिगड़ती कानून व्यवस्था पर हमला बोला। उन्होंने लिखा, "मैं अभिषेक बनर्जी पर हुए हमले की कड़ी निंदा करता हूं। पश्चिम बंगाल में इस समय कानून व्यवस्था बेहद चिंताजनक रूप से चरमरा गई है। भाजपा जहां भी सत्ता में आती है, वहां यही हाल होता है।
बंगाल में हार के बाद ममता बनर्जी का INDIA ब्लॉक की तरफ झुकाव
पश्चिम बंगाल में 15 साल तक एकछत्र राज करने वालीं ममता बनर्जी का चुनावी हार के बाद विपक्षी एकता की तरफ झुकाव बढ़ा है। हालांकि, इंडिया गठबंधन के शुरुआती दौर में ममता बनर्जी ने ही पार्टी को प्राथमिकता देते हुए किसी भी तरह से झुकने से इनकार कर दिया था। रिपोर्ट्स के मुताबिक, बिहार के मुख्यमंत्री रहे और इंडिया ब्लॉक बनाने की रूपरेखा तय करने वाले नीतीश कुमार को गठबंधन का नेता बनाने से ममता बनर्जी ने ही असहमति जताई थी, जिसके बाद नीतीश भाजपा के साथ चले गए और बिहार एनडीए का हिस्सा हो गया।
दूसरी तरफ 2024 के लोकसभा चुनाव में भी पश्चिम बंगाल में तृणमूल कांग्रेस ने कांग्रेस के साथ गठबंधन करने से इनकार कर दिया। इसका परिणाम यह रहा कि राज्य की 42 सीटों पर दोनों पार्टियां आमने-सामने चुनाव लड़ीं। इससे तृणमूल कांग्रेस को तो फायदा हुआ, लेकिन जमीनी स्तर पर दोनों पार्टियों के कार्यकर्ता उलझे नजर आए। कांग्रेस के दिग्गज नेता अधीर रंजन चौधरी भी अपना चुनाव हार गए। उत्तर प्रदेश जैसे राज्य में जहां समाजवादी पार्टी और कांग्रेस साथ मिलकर चुनाव लड़ी, वहां यह गठबंधन मजूबत बनकर उभरा।
चुनाव में हार के बाद गठबंधन एकता की बात करने वालीं ममता बनर्जी ने विधानसभा चुनाव से पहले भी कांग्रेस के साथ गठबंधन करने से इनकार कर दिया था। इससे कांग्रेस और टीएमसी एक बार फिर से आमने-सामने दिखाई दिए। इस चुनाव में तृणमूल कांग्रेस को जबरदस्त झटके का सामना करना पड़ा। 15 साल की सत्ता उसके हाथ से चली गई। इतना ही नहीं, ममता बनर्जी, जो इंडिया गठबंधन में कभी राहुल गांधी के कद की नेता मानी जा रही थीं। उस मुद्दे पर भी सवालिया निशान लग गया।
विपक्षी एकता की बाद राष्ट्रीय स्तर पर कांग्रेस नेताओं की तरफ से जरूर की जा रही है, लेकिन राज्य के स्तर पर कांग्रेस टीएमसी से नाराज ही चल रही है। कांग्रेस नेता अधीर रंजन चौधरी से जब अभिषेक बनर्जी पर हुए हमले के बारे में पूछा गया। तो उन्होंने इसे तृणमूल कांग्रेस की ही परिपाटी बताया। उन्होंने कहा कि इन लोगों (तृणमूल कांग्रेस) ने जो व्यवस्था बनाई थी, यह उसी का नतीजा है। भाजपा और टीएमसी दोनों को ही हिंसा बंद करनी चाहिए। राजनीति करने का सभी का हक है।
इन सभी बातों के बीच बंगाल में चुनावी हार के बाद जब ममता बनर्जी ने विपक्षी एकता की बात की तो कांग्रेस के राष्ट्रीय स्तर के नेताओं ने इसका स्वागत किया। इंडिया गठबंधन के अहम हिस्सा अखिलेश यादव, चुनावी नतीजों के बाद ममता बनर्जी से मिलने के लिए पहुंचे। वहीं अरविंद केजरीवाल ने भी उनका साथ दिया।




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