ममता बनर्जी के भतीजे और TMC सांसद अभिषेक बनर्जी की पिटाई, लोगों ने कपड़े फाड़े
Abhishek Banerjee: पश्चिम बंगाल के सोनारपुर में तृणमूल कांग्रेस के कार्यकर्ताओं से मिलने पहुंचे सांसद अभिषेक बनर्जी के साथ मारपीट की गई है। कुछ लोगों ने उनके ऊपर अंडे फेंके और मारपीट करने की कोशिश की। इस दौरान उनकी शर्ट भी फट गई। बाद में अभिषेक को हेलमेट पहनाकर वहां से निकाला गया।

Abhishek Banerjee Beaten up: पश्चिम बंगाल की पूर्व मुख्यमंत्री ममता बनर्जी के भतीजे सांसद अभिषेक बनर्जी के साथ मारपीट हुई है। राज्य के सोनारपुर में चुनावी हिंसा में घायल पार्टी कार्यकर्ताओं से मिलने के लिए पहुंचे अभिषेक के ऊपर अंडे फेंके गए और उनके साथ मारपीट की गई। इस दौरान उनके कपड़ों को भी फाड़ दिया गया। मीडिया से बात करते हुए अभिषेक ने इस हिंसा का आरोप पश्चिम बंगाल की नई नवेली भाजपा सरकार के ऊपर लगाया। उन्होंने कहा, "यह भाजपा का किया धरा है। देखिए उन्होंने क्या किया। यह उनके लोकतंत्र का उदाहरण है। एक महीना भी नहीं हुआ है अभी, पुलिस कहीं भी देखने को नहीं है।"
टीएमसी की तरफ से आरोप लगाया गया है कि अभिषेक जिस वक्त वहां पर टीएमसी कार्यकर्ताओं से मिल रहे थे। उसी समय भाजपा के कुछ लोगों ने आकर चोर-चोर के नारे लगाना शुरू कर दिया और टीएमसी नेता के ऊपर अंडे भी फेंके। बाद में उनके साथ मारपीट करने की कोशिश भी की गई। इसी झूमा-झटकी में अभिषेक की शर्ट भी फट गई।
इस हिंसा के दौरान अभिषेक ने मीडिया से बात करते हुए इसका आरोप भारतीय जनता पार्टी की सरकार पर लगाया। उन्होंने कहा, “यह सब भाजपा सरकार का कराया हुआ है। यह लोग मुझे मारना चाहते हैं। मेरी शर्ट फाड़ दी है। देखिए आप लोग, मौके पर एक भी पुलिसवाला मौजूद नहीं था। हेलमेट की वजह से मेरा सिर बच गया है। वह लोग मुझे मारना चाहते थे। पूरा घटनाक्रम कैमरे पर है। वह इसको हाई कोर्ट के सामने ले जाएंगे। राज्यपाल के पास ले जाएंगे। हम कोर्ट जरूर जाएंगे।”
सोनारपुर क्यों गए थे अभिषेक बनर्जी?
पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव के दौरान दक्षिण 24 परगना की सोनारपुर सीट पर काफी हिंसा देखने को मिली थी। भाजपा की तरफ से यहां पर रूपा गांगुली उम्मीदवार थीं, जबकि टीएमसी ने अरुंधति मैत्रा पर भरोसा जताया था। चुनावी प्रचार अभियान के दौरान शुरुआत में भाजपा कार्यकर्ताओं के घरों पर हमला किया गया था, जिसका आरोप तृणमूल कांग्रेस के कार्यकर्ताओं के ऊपर लगा था। इसके बाद दोनों पार्टियों के कार्यकर्ताओं के बीच में हिंसा तेज हो गई। इस हिंसा में टीएमसी के संजू कर्माकर की हत्या कर दी गई थी। चुनावी हिंसा में कई और कार्यकर्ता भी घायल हुए थे। अभिषेक बनर्जी इन्हीं से मिलने के लिए वहां पहुंचे थे।
तृणमूल कांग्रेस ने जताया गुस्सा
तृणमूल कांग्रेस की तरफ से सबसे पहले सांसद डेरेक ओ ब्रायन ने सोशल मीडिया साइट एक्स पर पोस्ट के जरिए अपना गुस्सा जाहिर किया। उन्होंने लिखा, "आखिर बंगाल में हो क्या रहा है। लोकसभा की दूसरी सबसे मजबूत पार्टी के लोकसभा नेता के साथ तब लिंचिंग करने की कोशिश की गई, जब वह चुनावी हिंसा में मारे गए कार्यकर्ता के परिवार से मिलने पहुंचा। अभिषेक बनर्जी के ऊपर कुछ भाजपा कार्यकर्ताओं ने हमला करने की कोशिश की है। जिंदगी दांव पर है। पुलिस कहां है? काउंटिंग के बाद से उनकी सिक्योरिटी क्यों छीनी गई। गृह मंत्री को जवाब देना होगा।"
भाजपा बोली-जनता का गुस्सा
एक तरफ तृणमूल कांग्रेस ने अभिषेक बनर्जी के साथ हुई इस घटना की कड़ी निंदा करते हुए इसका आरोप भाजपा पर लगाया है। दूसरी तरफ भारतीय जनता पार्टी के प्रवक्ता प्रदीप भंडारी ने इसे जनता का गुस्सा करार दिया। उन्होंने लिखा, "अभिषेक बनर्जी के साथ हुई हिंसा का एक वीडिया शेयर करते हुए लिखा, “बंगाल के लोगों का अभिषेक बनर्जी के प्रति गुस्सा बंगाल की सड़कों पर दिखा...”




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