Arunachal Pradesh CM Pema Khandu Case Supreme Court orders CBI probe अरुणाचल प्रदेश के CM का परिवार अब CBI के रडार पर, 1270 करोड़ का मामला; सुप्रीम कोर्ट बोला- जांच करो, India News in Hindi - Hindustan
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अरुणाचल प्रदेश के CM का परिवार अब CBI के रडार पर, 1270 करोड़ का मामला; सुप्रीम कोर्ट बोला- जांच करो

पिछले साल दो दिसंबर को उच्चतम न्यायालय ने अरुणाचल प्रदेश सरकार को मुख्यमंत्री के परिजन की कंपनियों को दिए गए ठेकों समेत 2015 से 2025 तक दिए गए सभी ठेकों के बारे में विस्तृत हलफनामा दाखिल करने को कहा था।

Mon, 6 April 2026 12:18 PMNisarg Dixit भाषा
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अरुणाचल प्रदेश के CM का परिवार अब CBI के रडार पर, 1270 करोड़ का मामला; सुप्रीम कोर्ट बोला- जांच करो

सुप्रीम कोर्ट ने सोमवार को CBI यानी केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो को निर्देश दिया कि अरुणाचल प्रदेश में सार्वजनिक कार्यों के ठेके मुख्यमंत्री पेमा खांडू के परिजन से जुड़ी कथित कंपनियों को दिए जाने के मामले में जांच करे। शीर्ष न्यायालय ने केंद्रीय एजेंसी को 2 सप्ताह के अंदर जांच शुरू करने के लिए कहा है। पीठ ने सीबीआई को निर्देश दिया कि वह इस मामले में 16 सप्ताह में अपनी स्थिति रिपोर्ट अदालत में दाखिल करे।

सीबीआई को सख्त निर्देश

जस्टिस विक्रम नाथ की अध्यक्षता वाली पीठ ने कहा कि आदेश के तहत राज्य में 1 जनवरी 2015 से 31 दिसंबर 2025 तक सार्वजनिक कार्यों, ठेकों और कार्य आदेशों के आवंटन और उनके कामों की जांच की जाए। जस्टिस नाथ ने आदेश सुनाते हुए कहा, 'सीबीआई इस निर्णय की तारीख से दो सप्ताह में प्रारंभिक जांच (पीई) दर्ज करेगी और कानून के अनुसार आगे बढ़ेगी।'

1200 करोड़ रुपये से ज्यादा के काम जांच के दायरे में

विस्तृत आदेश का इंतजार है। शीर्ष अदालत ने 17 फरवरी को इस मामले में अपना फैसला सुरक्षित रख लिया था। सुनवाई के दौरान अदालत को बताया गया कि पिछले 10 वर्ष में अरुणाचल प्रदेश में लगभग 1,270 करोड़ रुपये के सरकारी ठेके और कार्य आदेश मुख्यमंत्री खांडू के परिजन से जुड़ी चार कंपनियों को दिए गए।

याचिकाकर्ता एनजीओ 'सेव मोन रीजन फेडरेशन' और 'वॉलंटरी अरुणाचल सेना' की ओर से पेश अधिवक्ता प्रशांत भूषण ने राज्य सरकार द्वारा दायर हलफनामे का हवाला देते हुए दलील दी कि कई ठेके मुख्यमंत्री के परिवार के सदस्यों के स्वामित्व वाली कंपनियों को दिए गए। राज्य की ओर से पेश वकील ने पहले दलील दी थी कि यह याचिका 'प्रायोजित मुकदमा' है।

सरकार से मांगा था हलफनामा

पिछले साल दो दिसंबर को उच्चतम न्यायालय ने अरुणाचल प्रदेश सरकार को मुख्यमंत्री के परिजन की कंपनियों को दिए गए ठेकों समेत 2015 से 2025 तक दिए गए सभी ठेकों के बारे में विस्तृत हलफनामा दाखिल करने को कहा था। इस जनहित याचिका (पीआईएल) में पेमा खांडू को पक्षकार बनाया गया है। पेमा खांडू के पिता दोरजी खांडू की दूसरी पत्नी रिंचिन ड्रेमा और उनके भतीजे त्सेरिंग ताशी को भी मामले में पक्षकार बनाया गया है।

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दोरजी खांडू 2007 से लेकर अप्रैल 2011 में हेलीकॉप्टर दुर्घटना में निधन होने तक अरुणाचल प्रदेश के मुख्यमंत्री रहे थे। याचिका में दावा किया गया है कि ड्रेमा की कंपनी 'ब्रांड ईगल्स' को हितों के स्पष्ट टकराव के बावजूद बड़ी संख्या में सरकारी ठेके दिए गए।