PM मोदी ने किया अलर्ट- हालात का फायदा लेने वाले झूठ फैलाएंगे, सावधान रहना
PM in Lok Sabha on Iran War: संकट के समय में फायदा उठाने वालों को भी PM ने आगाह किया और कहा कि अफवाहवाजों को सफल होने नहीं देना है। उन्होंने कहा कि जमाखोरों के खिलाफ सरकार कड़े कदम उठाएगी और उन्हें कड़ी सजा दी जाएगी।

PM in Lok Sabha on Iran War: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने पश्चिम एशिया संकट पर आज (सोमवार को) लोकसभा में अपना वक्तव्य देते हुए लोगों को आगाह किया और देशवासियों से अपील की कि जैसे कोरोना के समय देश ने एकजुटता से उसका सामना किया था, उसी तरह मौजूदा संकट में भी हमें एकजुट रहना होगा। पीएम ने कहा कि इस जंग से लंबे समय तक के लिए हालात खराब होने की संभावना है। इसलिए सभी को तैयार रहना होगा। प्रधानमंत्री ने कहा, "जैसे हम कोरोना में तैयार थे और उसका फायदा मिला था। उसी तरह हमें फिर से धीरज और संयम के साथ हर चुनौती का सामना करना है। यही हमारी पहचान है और यही हमारी ताकत है।"
प्रधानमंत्री ने संकट के समय में फायदा उठाने वालों को भी आगाह किया और कहा कि अफवाहवाजों को सफल होने नहीं देना है। उन्होंने कहा कि जमाखोरों के खिलाफ सरकार कड़े कदम उठाएगी और उन्हें कड़ी सजा दी जाएगी। पीएम ने कहा, “हमें बहुत सावधान और सतर्क भी रहना है। हालात का फायदा उठाने वाले झूठ फैलाने का भी प्रयास करेंगे। ऐसे लोगों की कोशिशों को सफल नहीं होने देना है।”
भारत के समक्ष कई अप्रत्याशित चुनौतियां
लोकसभा में प्रधानमंत्री ने कहा कि पश्चिम एशिया में युद्ध ने भारत के समक्ष कई अप्रत्याशित चुनौतियां खड़ी कर दी हैं, लेकिन सरकार स्थिति से निपटने के लिए सजग और तत्पर है। उन्होंने सदन में दिए एक वक्तव्य में यह भी कहा कि सरकार यह सुनिश्चित कर रही है कि देश में पेट्रोल, डीजल और एलपीजी की कमी नहीं हो तथा देश के नागरिकों को परेशानी नहीं हो। प्रधानमंत्री मोदी ने सदन को बताया कि देश के पास 53 लाख मीट्रिक टन का रणनीतिक पेट्रोलियम भंडार है।
अर्थव्यवस्था और जनजीवन पर प्रतिकूल असर पड़ रहा
उन्होंने कहा कि हर संभव माध्यम से पेट्रोल और गैस की उपलब्धता सुनिश्चित करने का प्रयास किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि सरकार ने पिछले एक दशक में ऊर्जा सुरक्षा को लेकर जो भी कदम उठाए हैं, वे मौजूदा स्थिति को देखते हुए और भी प्रासंगिक हो गए हैं। प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि पश्चिम एशिया संकट शुरू हुए तीन सप्ताह से ज्यादा हो गया है तथा सभी देशों की अर्थव्यवस्था और जनजीवन पर इसका प्रतिकूल असर पड़ रहा है। उन्होंने कहा, ''इस युद्ध ने भारत के समक्ष अप्रत्याशित चुनौतियां खड़ी कर दी हैं। ये (चुनौतियां) न केवल आर्थिक, बल्कि राष्ट्रीय सुरक्षा से जुड़ी और मानवीय भी हैं।'' (भाषा इनपुट्स के साथ)




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