India Facing Unprecedented Challenges, How Many Indians Have Returned from West Asia PM Modi Informs Parliament भारत के सामने अप्रत्याशित चुनौतियां, पश्चिम एशिया से अब तक कितने भारतीय लौटे; PM ने संसद में बताया, India News in Hindi - Hindustan
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भारत के सामने अप्रत्याशित चुनौतियां, पश्चिम एशिया से अब तक कितने भारतीय लौटे; PM ने संसद में बताया

प्रधानमंत्री ने बताया कि तीन हफ्ते के युद्ध के दौरान मिडिल-ईस्ट से अब तक 3 लाख 75 हजार भारतीय सुरक्षित अपने देश लौटे हैं। उन्होंने बताया कि युद्धग्रस्त ईरान से ही अब तक एक हजार से ज्यादा लोग स्वदेश लौटे हैं, इनमें 700 के करीब मेडिकल छात्र हैं।

Mon, 23 March 2026 02:37 PMPramod Praveen लाइव हिन्दुस्तान, नई दिल्ली
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भारत के सामने अप्रत्याशित चुनौतियां, पश्चिम एशिया से अब तक कितने भारतीय लौटे; PM ने संसद में बताया

PM Modi on Iran War in Lok Sabha: पश्चिम एशिया में चल रहे संघर्ष और उस संकट का भारत पर आए प्रभाव विषय पर लोकसभा में चर्चा में भाग लेते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा कि पश्चिम एशिया में युद्ध ने भारत के समक्ष अप्रत्याशित चुनौतियां खड़ी कर दी हैं। पीएम ने कहा कि ये चुनौतियां आर्थिक भी हैं, राष्ट्रीय सुरक्षा से जुड़ी भी हैं और मानवीय भी हैं। उन्होंने ने कहा कि मिडिल ईस्ट में हालात चिंताजनक बने हुए हैं। हालांकि, उन्होंने कहा कि भारतीयों की सुरक्षा उनकी सरकार की प्राथमिकता रही है। प्रधानमंत्री ने बताया कि तीन हफ्ते के युद्ध के दौरान मिडिल-ईस्ट से अब तक 3 लाख 75 हजार भारतीय सुरक्षित अपने देश लौटे हैं। उन्होंने बताया कि युद्धग्रस्त ईरान से ही अब तक एक हजार से ज्यादा लोग स्वदेश लौटे हैं, इनमें 700 के करीब मेडिकल छात्र हैं।

प्रधानमंत्री मोदी ने इस बात पर भी जोर दिया कि तनाव खत्म होना चाहिए। उन्होंने कहा कि होर्मुज की रुकावट अस्वीकार है। उन्होंने यह भी कहा कि यह जरूरी है कि संसद से एकजुट आवाज दुनिया में जाए। प्रधानमंत्री ने सोमवार को लोकसभा में कहा कि पश्चिम एशिया में युद्ध ने भारत के समक्ष कई अप्रत्याशित चुनौतियां खड़ी कर दी हैं, लेकिन सरकार स्थिति से निपटने के लिए सजग और तत्पर है। उन्होंने सदन में दिए अपने वक्तव्य में यह भी कहा कि सरकार यह सुनिश्चित कर रही है कि देश में पेट्रोल, डीजल और एलपीजी की कमी नहीं हो तथा देश के नागरिकों को परेशानी नहीं हो।

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देश के पास 53 लाख मीट्रिक टन तेल का भंडार

प्रधानमंत्री मोदी ने सदन को बताया कि देश के पास 53 लाख मीट्रिक टन का रणनीतिक पेट्रोलियम भंडार है। उन्होंने कहा कि हर संभव माध्यम से पेट्रोल और गैस की उपलब्धता सुनिश्चित करने का प्रयास किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि सरकार ने पिछले एक दशक में ऊर्जा सुरक्षा को लेकर जो भी कदम उठाए हैं, वे मौजूदा स्थिति को देखते हुए और भी प्रासंगिक हो गए हैं।

अफवाहवाजों को सफल होने नहीं देना

प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि पश्चिम एशिया संकट शुरू हुए तीन सप्ताह से ज्यादा हो गया है तथा सभी देशों की अर्थव्यवस्था और जनजीवन पर इसका प्रतिकूल असर पड़ रहा है। उन्होंने कहा, ''इस युद्ध ने भारत के समक्ष अप्रत्याशित चुनौतियां खड़ी कर दी हैं। ये (चुनौतियां) न केवल आर्थिक, बल्कि राष्ट्रीय सुरक्षा से जुड़ी और मानवीय भी हैं।'' प्रधानमंत्री ने लोगों को इस बात के लिए भी आगाह किया है कि इस संकट के समय में अफवाहवाजों को सफल होने नहीं देना है। उन्होंने कहा कि जमाखोरों के खिलाफ सरकार कड़े कदम उठाएगी और उन्हें कड़ी सजा दी जाएगी।