PM Modi told Parliament that India was already preparing for the energy crisis Iran war तेल संकट के लिए पहले से ही तैयार हो रहा था भारत, संसद में पीएम मोदी ने बताई पूरी बात, India News in Hindi - Hindustan
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तेल संकट के लिए पहले से ही तैयार हो रहा था भारत, संसद में पीएम मोदी ने बताई पूरी बात

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सोमवार को संसद को संबोधित करते हुए कहा कि देश ऐसे ऊर्जा संकट से निपटने के लिए पहले से ही काम कर है। उन्होंने बताया कि एक दशक पहले तक भारत 27 देशों से ऊर्जा आयात करता था, आज यह संख्या बढ़कर 41 हो गई है।

Mon, 23 March 2026 03:09 PMUpendra Thapak लाइव हिन्दुस्तान
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तेल संकट के लिए पहले से ही तैयार हो रहा था भारत, संसद में पीएम मोदी ने बताई पूरी बात

PM Modi about energy crisis and Iran war: पश्चिम एशिया में जारी संकट को लेकर सोमवार को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने संसद को संबोधित किया। इस दौरान उन्होंने ऊर्जा संकट को लेकर भारत की पहले से की जा रही तैयारियों के बारे में भी जानकारी दी। उन्होंने बताया कि इस क्षेत्र में फंसे हजारों लोग वापस अपने देश लौटे हैं और जो लोग खाड़ी देशों में मौजूद है सरकार और वहां की भारतीय एंम्बेसी उनके लिए पर्याप्त इंतजाम कर रही है। इसके अलावा पीएम मोदी ने बताया कि उन्होंने स्वयं ने इस क्षेत्र में मौजूद सभी देशों के नेताओं से बातचीत की है। ऊर्जा जरूरत को लेकर बात करते हुए प्रधानमंत्री ने कहा कि देश ऐसे ही संकट के लिए पहले से तैयार कर रहा था।

प्रधानमंत्री मोदी ने कहा, "हम सभी जानते हैं कि देश 60 फीसदी एलपीजी आयात करता है। इसकी सप्लाई में अनिश्चितता के कारण एलपीजी के घरेलू उपयोग में वृद्धि की है। इसके अलावा विदेशों पर निर्भरता कम करने के लिए सरकार ने पहले से ही इसके घरेलू उत्पादन को बढ़ाने के प्रयास शुरू कर दिए हैं।"

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ऊर्जा आयात का किया विकेंद्रीकरण: पीएम मोदी

प्रधानमंत्री ने अपने संबोधन के दौरान संकेत दिया कि सरकार को ऐसे किसी संकट की आशंका थी। इसलिए भारत ने ऊर्जा आयात के केंद्रों का विकेंद्रीकरण किया है। उन्होंने कहा, "पिछले 11 सालों में सरकार ने अपने ऊर्जा आयात के केंद्रों का विकेंद्रीकरण किया है। पहले हम क्रूड ऑयल, एलपीजी जैसी जरूरी चीजों का 27 देशों से आयात किया जाता था। आज के समय में यह बढकर 41 देश हो गए हैं। बीते दशक में भारत ने संकट के ऐसे ही समय के लिए कच्चे तेल के भंडारण को प्राथमिकता दी थी। आज हमारे पास 53 लाख मीट्रिक टन कच्चे तेल का भंडारण क्षमता मौजूद है। देश 63 लाख मीट्रिक टन भंडारण क्षमता पर काम कर रहा है। इसके अलावा हमारे तेल कंपनियों के पास जो भंडारण है, वह अलग है। हमारी रिफाइनिंग क्षमता में भी वृद्धि हो रही है। हम दूसरे देशों के साथ भी लगातार बातचीत कर रहे हैं।"

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इथेनॉल के उत्पादन का मिला फायदा: पीएम मोदी

प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि पिछले एक दशक से सरकार द्वारा इथेनॉल की ब्लेंडिग को बढ़ावा देने का फायदा अब हमें मिल रहा है। उन्होंने कहा, "एक दशक पहले तक देश में केवल 1 से 1.5 प्रतिशत इथेनॉल ब्लेंडिंग क्षमता थी, आज हम पेट्रोल में 20 प्रतिशत इथेनॉल ब्लेंडिग कर सकते हैं। इसकी वजह से हमें हर साल 4.5 करोड़ बैरल कच्चा तेल कम खरीदना पड़ रहा है। इसके अलावा रेलवे के विद्युतीकरण का फायदा भी हमें हुआ है। अगर हम तेजी के साथ यह काम नहीं करते, तो हमें हर साल करीब 180 करोड़ लीटर डीजल आयात करना पड़ता। ऐसे ही हमने मेट्रो के नेटवर्क को बढ़ावा दिया है। 2014 में मेट्रो नेटवर्क 250 किमी था, आज करीब 1100 किलोमीटर हो गया है। इलेक्ट्रिक मोबिलिटी पर भी हमने बल दिया, केंद्र ने राज्यों को 15 हजार इलेक्ट्रिक बसें दी हैं, इन सब वजहों से कच्चे तेल का उपभोग कम हुआ है।"

आपात स्थिति से निपटने के लिए खाद की पर्याप्त व्यवस्था: प्रधानमंत्री

पश्चिम एशिया से भारत केवल कच्चा तेल ही नहीं बल्कि बड़ी मात्रा में खाद का आयात भी करता है। इस पर ध्यान केंद्रित करते हुए प्रधानमंत्री ने कहा कि सरकार ने लगातार इस ध्यान दिया है। पिछले सालों में सरकार ने ऐसी ही आपात स्थिति से निपटने के लिए खाद के पर्याप्त भंडार रखे हैं। सरकार ने कोरोना जैसे संकट में भी किसानों पर असर नहीं पड़ने दिया था। सरकार इस बार भी ऐसा नहीं होने देगी। देश में 6 नए यूरिया प्रोडेक्शन प्लांट शुरू हुए हैं। इससे सालाना 76 लाख मीट्रिक टन की उत्पादकता बढ़ी है। इसके अलावा डीएपी और एनपीके जैसी खाद का घरेलू उत्पादन भी 50 लाख मीट्रिक टन बढ़ाया गया है। तेल और गैस की तरफ खाद के आयात को विकेंद्रीकृत किया गया है। इसके अलावा मेड इन इंडिया नेनौ यूरिया का भी विकल्प दिया गया है।"

कुसुम योजना से किसानों को दिए सोलर पंप: पीएम मोदी

प्रधान मंत्री मोदी ने किसानों की सिंचाई के लिए सरकार द्वारा किए गए कामों पर जोर देते हुए कहा कि सरकार ने पीएम कुसुम योजना के तहत 22 लाख से ज्यादा सोलर पंप वितरित किए हैं। इससे भी डीजल पर उनकी निर्भरता कम हुई है। सरकार किसानों की हर संभव मदद करती रहेगी।

बिजली की डिमांड को पूरा करने के लिए, लगातार काम: पीएम मोदी

प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि भारत में सभी पावर प्लांट में कोर स्टॉक मौजूद है। भारत ने पिछले 2 साल से लगातार 100 करोड़ टन कोयला उत्पादन का रिकॉर्ड बनाया है। बिजली उत्पादन को और सप्लाई को लगातार बढ़ाया जा रहा है। बीते एक दशक में सरकार ने सोलर जैसी रिन्यूबल सोर्स पर काम किया है। हमारी ऊर्जा उत्पादकता का बड़ा हिस्सा इसी से आता है। इससे भी हमारी डीजल पर निर्भरता कम हुई है।