बिहार-बंगाल के बाद अब दिल्ली-महाराष्ट्र समेत इन राज्यों में होगा SIR, चुनाव आयोग का बड़ा आदेश
चुनाव आयोग ने जिन राज्यों में तीसरे चरण में एसआईआर करवाने का फैसला लिया है, उनमें आंध्र प्रदेश, अरुणाचल प्रदेश, चंडीगढ़, हरियाणा, झारखंड, कर्नाटक, महाराष्ट्र, मणिपुर, मेघालय, मिजोरम, नागालैंड, दिल्ली, ओडिशा, पंजाब, सिक्किम, त्रिपुरा, तेलंगाना, उत्तराखंड शामिल हैं।

बिहार-बंगाल के बाद चुनाव आयोग ने अब दिल्ली-महाराष्ट्र समेत देशभर में बचे हुए राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में मतदाता सूचियों के विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) करवाने का आदेश दिया है। हालांकि, इससे हिमाचल, जम्मू-कश्मीर और लद्दाख को बाहर रखा गया है। आयोग ने जिन राज्यों में तीसरे चरण में एसआईआर करवाने का फैसला लिया है, उनमें आंध्र प्रदेश, अरुणाचल प्रदेश, चंडीगढ़, हरियाणा, झारखंड, कर्नाटक, महाराष्ट्र, मणिपुर, मेघालय, मिजोरम, नागालैंड, दिल्ली, ओडिशा, पंजाब, सिक्किम, त्रिपुरा, तेलंगाना, उत्तराखंड आदि शामिल हैं।
आयोग ने कहा कि एसआईआर का तीसरा चरण पूरा होने के बाद, हिमाचल प्रदेश, जम्मू और कश्मीर और लद्दाख को छोड़कर, पूरा देश इसके दायरे में आ जाएगा। EC ने एक बयान में कहा कि SIR के तीसरे चरण के दौरान, 3.94 लाख से ज़्यादा बूथ लेवल अधिकारी (BLO) घर-घर जाकर 36.73 करोड़ मतदाताओं से मिलेंगे। इस काम में उनकी मदद 3.42 लाख बूथ लेवल एजेंट (BLA) करेंगे, जिन्हें राजनीतिक पार्टियों ने एन्यूमरेशन चरण के दौरान नियुक्त किया था।
चुनाव आयोग के शेड्यूल के अनुसार, इस साल 16 राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में बीएलओ द्वारा घर-घर जाकर सर्वे का काम 30 मई से 14 अक्टूबर के बीच होना है, जबकि वोटर लिस्ट का ड्राफ्ट 5 जुलाई से 21 अक्टूबर तक जारी किया जाएगा। आयोग का कहना है कि SIR एक सहभागी प्रक्रिया है जिसमें मतदाता, राजनीतिक दल और चुनाव अधिकारियों सहित सभी शामिल होते हैं। चुनाव आयोग ने सभी राजनीतिक दलों से अनुरोध किया कि वे प्रत्येक मतदान केंद्र के लिए BLA नियुक्त करें, ताकि राजनीतिक दलों की पूर्ण भागीदारी सुनिश्चित हो सके और SIR को पूरी पारदर्शिता तथा राजनीतिक दलों की पूर्ण भागीदारी के साथ संपन्न किया जा सके।
चुनाव आयोग ने कहा, “SIR के पहले दो चरणों में, 13 राज्यों/केंद्र शासित प्रदेशों में, जहां एसआईआर का आदेश जारी होने की तारीख तक लगभग 59 करोड़ मतदाता शामिल थे, 6.3 लाख से ज्यादा BLOs और राजनीतिक पार्टियों द्वारा नियुक्त 9.2 लाख बीएलए SIR प्रक्रिया के अलग-अलग चरणों में शामिल थे।” बता दें कि SIR एक मतदाता सूची शुद्धिकरण अभियान है, जिसे चुनाव आयोग ने पिछले साल जून में बिहार से शुरू किया था। यह अभियान नकली, डुप्लीकेट और अयोग्य मतदाताओं को लेकर जताई गई चिंताओं के चलते शुरू किया गया था।




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