AAP MP Vikramjit Singh Sahney tells how revolt happens due to sildeline of 3 leaders ये तीन नेता साइडलाइन ना होते तो टूटती नहीं AAP; सांसद ने बताई बगावत की इनसाइड स्टोरी, India News in Hindi - Hindustan
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ये तीन नेता साइडलाइन ना होते तो टूटती नहीं AAP; सांसद ने बताई बगावत की इनसाइड स्टोरी

विक्रमजीत सिंह साहनी ने कहा कि यह फैसला सामूहिक तौर पर लिया गया। भाजपा में जाने वाले सातों सांसदों ने मिलकर निर्णय लिया था और इसके बाद ही पाला बदला गया। उन्होंने कहा कि राघव चड्ढा, स्वाति मालीवाल, संदीप पाठक और राजिंदर गुप्ता समेत सभी ने मिलकर AAP से अलग होना तय किया था।

Mon, 27 April 2026 03:56 PMSurya Prakash लाइव हिन्दुस्तान, नई दिल्ली
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ये तीन नेता साइडलाइन ना होते तो टूटती नहीं AAP; सांसद ने बताई बगावत की इनसाइड स्टोरी

आम आदमी पार्टी के 7 राज्यसभा सांसदों के भाजपा में शामिल हो जाने की घटना ने सभी को चौंका दिया है। एक दशक पहले अपने गठन के बाद से आम आदमी पार्टी के लिए यह सबसे बड़ा झटका रहा है। फिलहाल चर्चा यही है कि आखिर AAP में इतनी बड़ी बगावत कैसे हो गई और क्या अरविंद केजरीवाल को इसके बारे में पता भी नहीं लगा? इस बारे में जब पूछा गया तो 7 बागी सांसदों में से एक विक्रमजीत सिंह साहनी ने कहा कि यह फैसला सामूहिक तौर पर लिया गया। भाजपा में जाने वाले सातों सांसदों ने मिलकर निर्णय लिया था और इसके बाद ही पाला बदला गया। उन्होंने कहा कि राघव चड्ढा, स्वाति मालीवाल, संदीप पाठक और राजिंदर गुप्ता समेत सभी ने मिलकर AAP से अलग होना तय किया था।

उन्होंने इंडियन एक्सप्रेस से बातचीत में कहा कि हम सभी लोगों ने मिलकर अलग होने का फैसला लिया था। आम आदमी पार्टी से मेरा रिश्ता तो यही था कि संसद में पंजाब के मुद्दे उठाऊं। मैंने पंजाब सरकार की तब भी मदद की , जब पंजाब के लोग दूसरे देशों में फंस गए और उन्हें निकालना था। ऐसा इसलिए हुआ क्योंकि केंद्र सरकार और भाजपा के साथ मेरे सही संबंध थे। मेरी प्राथमिकता में पंजाब के लोग रहे हैं। कभी भी मैंने किसी पार्टी के नेता के तौर पर विचार नहीं किया। मैं हमेशा केजरीवाल और आम आदमी पार्टी का आभारी रहूंगा कि उन्होंने पंजाब के लिए कुछ करने के मकसद से राज्यसभा में भेजा था।

विक्रमजीत सिंह साहनी ने कहा कि आम आदमी पार्टी में इतनी बड़ी फूट ही नहीं होती। ऐसा इसलिए हुआ क्योंकि AAP के कोर मेंबर्स को ही साइडलाइन कर दिया गया। राघव चड्ढा, स्वाति मालीवाल, संदीप पाठक जैसे नेता किनारे लगाए गए। ये लोग कभी पार्टी की रीढ़ की हड्डी होते थे। उन्होंने कहा कि संदीप पाठक ने पंजाब में 2022 के चुनाव में खूब मेहनत की थी। अकेले पाठक ने ही 94 कैंडिडेट तय किए थे। उन्होंने और राघव चड्ढा ने कैंपेन चलाया था और इसने पार्टी को बहुमत दिलाने में मदद की। इसी तरह दिल्ली में स्वाति मालीवाल की अहम भूमिका थी। सांसद ने कहा कि मैं कभी आम आदमी पार्टी के राजनीतिक ब्यूरो का सदस्य नहीं रहा। लेकिन यह बात सही है कि कुछ अहम चेहरों को नजरअंदाज करने से पार्टी की हालत खराब हुई।

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'राघव चड्ढा को सलाहकार बोर्ड में डाला, जो कुछ करता ही नहीं'

उन्होंने कहा कि स्वाति मालीवाल को पहले साइडलाइन किया गया। इसके बाद जब 2025 के विधानसभा चुनाव में दिल्ली में हार हुई तो संदीप पाठक को परेशान किया गया। राघव चड्ढा लगातार चीजें सही करना चाहते थे। लेकिन दिल्ली की हार के बाद उनके भी पर कतरे गए। उन्हें पंजाब ही छोड़ने को कहा गया और फिर ऐसे सलाहकार बोर्ड में डाला गया, जो चलता ही नहीं।

ई़डी रेड के बाद पालाबदल के दावे पर क्या बोले साहनी

अंत में उन्हें राज्यसभा के उपनेता के पद से भी हटा दिया गया। इन चीजों ने हमेशा परेशान किया। इसके बाद हम सभी के मन में एक ही सवाल था कि आखिर इस पार्टी के साथ पंजाब का भविष्य क्या होगा। साहनी ने कहा कि ईडी के डर से पालाबदल के दावे भी गलत हैं। उन्होंने कहा कि यदि ऐसा ही है तो फिर मेरे खिलाफ तो कोई रेड नहीं पड़ी। मुझसे भाजपा ने कभी संपर्क भी नहीं किया।

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