AAP intends to invoke the Right to Recall against 7 rebels including Raghav Chadha राघव चड्ढा समेत 7 बागियों के खिलाफ ‘राइट टु रीकॉल ’ का इस्तेमाल करना चाहती है AAP, क्या है नियम?, India News in Hindi - Hindustan
More

राघव चड्ढा समेत 7 बागियों के खिलाफ ‘राइट टु रीकॉल ’ का इस्तेमाल करना चाहती है AAP, क्या है नियम?

राघव चड्ढा समेत सात सांसदों के आम आदमी पार्टी छोड़ने को लेकर पार्टी अब आगे की योजना बना रही है। राज्यसभा सांसद संजय सिंह ने कहा कि वह इसको लेकर उपराष्ट्रपति को पत्र लिखेंगे और उन्हें अयोग्य ठहराने की मांग करेंगे। 

Sun, 26 April 2026 06:43 AMAnkit Ojha लाइव हिन्दुस्तान
share
राघव चड्ढा समेत 7 बागियों के खिलाफ ‘राइट टु रीकॉल ’ का इस्तेमाल करना चाहती है AAP, क्या है नियम?

राघव चड्ढा, अशोक मित्तल और हरभजन सिंह समेत सात सांसदों के बीजेपी में शामिल होने से आम आदमी पार्टी (AAP) को तगड़ा झटका लगा है। इस मामले को लेकर AAP नेताओँ और जानकारों का कहना है कि अब पार्टी राज्यसभा के चेयरमैन सीपी राधाकृष्णन और राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू से इन सांसदों के खिलाफ एक्शन की मांग कर सकती है। बता दें कि पंजाब में विधानसभा के चुनाव होने वाले हैं। चुनाव से पहले यह आम आदमी पार्टी के लिए बड़ा झटका है। इसका असर निश्चित तौर पर विधानसभा चुनाव में दिखाई देगा।

राज्यसभा सांसद और AAP के वरिष्ठ नेता संजय सिंह ने कहा कि वह इन सांसदों के खिलाफ ऐक्शन के लिए उपराष्ट्रपति राधाकृष्णन को पत्र लिखेंगे और सातों सांसदों को अयोग्य ठहराने की मांग करेंगे। संजय सिंह ने कहा, जिस तरह से सात सांसद बीजेपी में गए हैं, यह असंवैधानिक और संसदीय नियमों के खिलाफ है। मैं राज्यसभा के सभापति को पत्र लिखूंगा और मांग करूंगा कि इन सांसदों को अयोग्य ठहराया जाए।

read moreये भी पढ़ें:
ये भी पढ़ें:दिल्ली में हार और पंजाब से राघव-संदीप हुए साइडलाइन; कैसे एक घटना ने AAP को तोड़ा

दल बदल कानून का सहारा लेना चाहती है AAP

उन्होंने कहा, 'दलबदल विरोधी कानून के अनुसार राज्यसभा और लोकसभा में किसी तरह का अलग गुट मान्य नहीं होता, चाहे उसमें दो-तिहाई सदस्य ही क्यों न हों।' उन्होंने यह भी कहा कि इन सात सांसदों का भाजपा में जाना पूरी तरह "असंवैधानिक" और "गैरकानूनी" है।

read moreये भी पढ़ें:
ये भी पढ़ें:मैं दाऊद को ज्वाइन कर रहा, राघव चड्ढा के आप पार्टी छोड़ने पर प्रकाश ने ली चुटकी

संवैधानिक स्तर पर मामला उठाना चाहती है AAP

आम आदमी पार्टी इस पूरे मामले को संवैधानिक स्तर पर आगे बढ़ाना चाहती है। पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान ने भी राष्ट्रपति से मुलाकात करने के लिए अपॉइनमेंट मांगा है। जानकारों का कहना है कि आम आदमी पार्टी चाहती है कि इन सभी सांसदों से राज्यसभा की सदस्यता वापस ले ली जाए। इसके लिए वह ‘राइट टु रीकॉल’ का इस्तेमाल करना चाहती है। हालांकि जानकारों का कहना है कि संविधान में इस तरह का प्रावधान नहीं है। अगर जनता चाहे तो चुने गए प्रतिनिधि को कार्यकाल खत्म होने से पहले हटा सकती है। इसे 'राइट टु रिकॉल' कहते हैं।

read moreये भी पढ़ें:
ये भी पढ़ें:BJP बकासुरों की पार्टी बन गई, जो सब कुछ निगल जाती है; संजय राउत ने खूब सुनाया

शुक्रवार को एक चौंकाने वाले घटनाक्रम में, आम आदमी पार्टी के सात राज्यसभा सदस्य भाजपा में शामिल हो गए, जिनमें से छह पंजाब से हैं। ये सात सांसद राघव चड्ढा, संदीप पाठक, अशोक मित्तल, हरभजन सिंह, राजिंदर गुप्ता, स्वाति मालीवाल और विक्रमजीत साहनी हैं। आम आदमी पार्टी (आप) के सूत्रों के अनुसार, मान ने शनिवार को राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू से मुलाकात के लिए समय मांगा, ताकि वे सांसदों की ''सदस्यता समाप्त करने'' के मुद्दे पर अपनी पार्टी का पक्ष रख सकें।