7 Officials Gheraoed for 8 Hours in Bengal NH-12 Blocked Uproar Over Deletion of Votes in SIR बंगाल में 7 अधिकारियों का 8 घंटे तक घेराव, NH-12 भी जाम; SIR में वोट कटने पर बवाल, India News in Hindi - Hindustan
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बंगाल में 7 अधिकारियों का 8 घंटे तक घेराव, NH-12 भी जाम; SIR में वोट कटने पर बवाल

आपको बता दें कि चुनाव आयोग द्वारा चलाए जा रहे विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) अभियान के तहत 60 लाख से अधिक मतदाताओं के नामों की जांच की जा रही है, जिसमें अब तक करीब 49 लाख मामलों का निपटारा किया जा चुका है।

Thu, 2 April 2026 10:22 AMHimanshu Jha लाइव हिन्दुस्तान
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बंगाल में 7 अधिकारियों का 8 घंटे तक घेराव, NH-12 भी जाम; SIR में वोट कटने पर बवाल

Bengal SIR Updates: पश्चिम बंगाल में विधानसभा चुनाव (Bengal Elections 2026) से पहले मतदाता सूची को लेकर हंगामा मचा हुआ है। मालदा जिले के कालियाचक इलाके में बुधवार शाम सात न्यायिक अधिकारियों को करीब आठ घंटे तक एक बीडीओ कार्यालय के भीतर घेरकर रखा गया। बाद में पुलिस ने उन्हें सुरक्षित बाहर निकाला, हालांकि इस दौरान भीड़ ने पुलिस वाहन पर पथराव किया। राहत की बात यह है कि इसमें किसी के घायल होने की खबर नहीं है। जानकारी के अनुसार, ये सभी अधिकारी मतदाता सूची में नामों की जांच से जुड़े मामलों की सुनवाई के लिए पहुंचे थे।

आपको बता दें कि चुनाव आयोग द्वारा चलाए जा रहे विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) अभियान के तहत 60 लाख से अधिक मतदाताओं के नामों की जांच की जा रही है, जिसमें अब तक करीब 49 लाख मामलों का निपटारा किया जा चुका है।

ऑफिस से निकलते समय की घटना

यह घटना उस समय हुई जब अधिकारी शाम करीब 4 बजे कार्यालय से निकलने लगे। बड़ी संख्या में ग्रामीणों ने गेट के बाहर धरना दे दिया और आरोप लगाया कि मतदाता सूची से बड़ी संख्या में नाम हटा दिए गए हैं। प्रदर्शनकारियों ने अधिकारियों को तब तक बाहर नहीं जाने देने की बात कही जब तक उनकी समस्याओं का समाधान नहीं हो जाता।

नेशनल हाईवे भी किया जाम

इस विरोध के दौरान एनएच-12 को भी कई स्थानों पर जाम कर दिया गया। प्रदर्शनकारियों ने सड़कों पर बांस, टूटे कांच, फर्नीचर आदि रखकर रास्ता बंद किया और टायर जलाकर विरोध जताया। कुछ जगहों पर लोग सड़क पर ही खाना बनाते भी नजर आए। प्रशासन के मुताबिक, विरोध की शुरुआत सुबह सुजापुर इलाके से हुई थी, जो तेजी से जलालपुर, मोथाबाड़ी, जोदुपुर और कालियाचक तक फैल गई। स्थानीय लोगों का दावा है कि क्षेत्र में एक लाख से अधिक मतदाताओं के नाम सूची से हटा दिए गए हैं, जबकि कई लोगों ने आवश्यक दस्तावेज भी जमा किए थे।

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स्थानीय निवासियों ने यह भी आरोप लगाया कि अपील के लिए बनाए जाने वाले ट्रिब्यूनल अभी तक शुरू नहीं हुए हैं, जिससे उन्हें न्याय पाने का कोई रास्ता नजर नहीं आ रहा। इस मामले में सुप्रीम कोर्ट ने पहले राज्य में 19 ट्रिब्यूनल स्थापित करने का निर्देश दिया था, जहां प्रभावित लोग अपील कर सकें।

जिला प्रशासन से मांगी रिपोर्ट

स्थिति की गंभीरता को देखते हुए राज्य के मुख्य निर्वाचन अधिकारी मनोज अग्रवाल ने जिला प्रशासन से रिपोर्ट मांगी है। वहीं, पुलिस महानिदेशक सिद्ध नाथ गुप्ता के निर्देश पर मालदा पुलिस ने तत्काल कार्रवाई करते हुए अधिकारियों को सुरक्षित निकाला।

इस घटना पर राजनीतिक बयानबाजी भी तेज हो गई है। तृणमूल कांग्रेस के प्रवक्ता कुणाल घोष ने कहा कि पूरी प्रक्रिया चुनाव आयोग के तहत हो रही है और आयोग को ही स्थिति संभालनी चाहिए। वहीं, भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष समिक भट्टाचार्य ने राज्य सरकार पर कानून-व्यवस्था बिगड़ने का आरोप लगाया।

आपको बता दें कि पश्चिम बंगाल में विधानसभा चुनाव 23 और 29 अप्रैल को दो चरणों में होंगे, जबकि मतगणना 4 मई को होगी।