पहलगाम आतंकी हमले पर यूरोप के 27 देश और EU आए भारत के साथ, बोले- भूलेंगे नहीं
यूरोपियन यूनियन और उसके 27 सदस्य देशों ने आतंकी हमले में मारे गए लोगों को श्रद्धांजलि दी है। बुधवार को यूरोपियन यूनियन की ओर से एक पोस्ट किया गया। इसमें उसने लिखा, 'भारत में एक साल पहले निर्दोष लोगों को मार डाला गया था।' यह हमला आज भी भूला नहीं जा सकता।

जम्मू-कश्मीर के पहलगाम में बीते साल 22 अप्रैल को भीषण आतंकी हमला हुआ था। पाकिस्तान से आए आतंकियों ने चुन-चुन कर उन लोगों को मार डाला था, जो हिंदू थे। उनका धर्म और नाम पूछकर यह कत्लेआम किया गया था। आज इस घटना को एक साल हो गए हैं और दुनिया भर में इसकी निंदा की जा रही है। इस बीच यूरोपियन यूनियन और उसके 27 सदस्य देशों ने आतंकी हमले में मारे गए लोगों को श्रद्धांजलि दी है। बुधवार को यूरोपियन यूनियन की ओर से एक पोस्ट किया गया। इसमें उसने लिखा, 'भारत में एक साल पहले निर्दोष लोगों को मार डाला गया था।'
यूरोपियन यूनियन ने कहा कि हम पीड़ित परिवारों और भारत सरकार के साथ हैं और अपनी संवेदना व्यक्त करते हैं। यूनियन ने आधिकारिक बयान में कहा कि हम उनकी यादों को नमन करते हैं। इस आतंकी हमले की हम आज भी निंदा करते हैं और इसे कभी सही नहीं ठहराया जा सकता। यूरोपियन यूनियन ने यह भी कहा कि इस हमले ने बताया था कि कैसे भारत में सुरक्षा की चुनौती आतंकी हमलों के चलते पैदा होती है। EU ने कहा कि यह पूरी दुनिया के लिए ही अलर्ट है कि हमें कैसे हिंसा से निपटने की जरूरत है।
यूरोपियन यूनियन और उसके 27 सदस्य देशों का यह बयान अहम है। ऐसा इसलिए क्योंकि अमेरिका और यूरोपीय देशों की अकसर राय रही है कि भारत में आतंकी हमले सुरक्षा से जुड़ा मामला हैं। वहीं खुद पर हुए आतंकी हमलों की वे दुनिया भर में चर्चा करते रहे हैं। ऐसे में भारत के पहलगाम में हुए आतंकी हमले को लेकर मृतकों को श्रद्धांजलि देना और संवेदना व्यक्त करना महत्वपूर्ण है। इससे यह भी समझ में आता है कि कैसे इंटरनेशनल कम्युनिटी में आतंकी हमलों को लेकर राय बदल रही है। पहलगाम आतंकी हमले में कुल 26 लोग मारे गए थे।
कई कपल तो हनीमून पर गए थे पहलगाम, फिर लौटे नहीं
इनमें से ज्यादातर लोग ऐसे थे, जो भारत के अलग-अलग प्रांतों से घूमने आए थे। कुछ तो ऐसे थे, जिनकी नई-नई शादी हुई थी और वे हनीमून के लिए कश्मीर पहुंचे थे। इनमें से ही एक विनय नरवाल भी थे, जो हरियाणा के रहने वाले थे और पत्नी के साथ हनीमून पर गए थे। गौरतलब है कि इस हमले के बाद भारतीय सेना ने ऑपरेशन सिंदूर लॉन्च किया था। इसमें जैश-ए-मोहम्मद, लश्कर-ए-तैयबा, हिजबुल मुजाहिदीन समेत कई आतंकी संगठनों के ठिकानों को ध्वस्त किया गया था। पाकिस्तान के अंदर घुसकर हुई इस कार्रवाई के बाद पाकिस्तान ने भी जवाब देने की कोशिश की थी। हालांकि वह सफल नहीं हो सका था।




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