Report reveals increased closeness between Hamas and Pakistani terrorists after Pahalgam attack पहलगाम हमले के बाद हमास और पाकिस्तानी आतंकियों के बीच बढ़ गईं नजदीकियां, रिपोर्ट में बड़े खुलासे, India News in Hindi - Hindustan
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पहलगाम हमले के बाद हमास और पाकिस्तानी आतंकियों के बीच बढ़ गईं नजदीकियां, रिपोर्ट में बड़े खुलासे

अप्रैल 2025 से अब तक हमास और पाक के आतंकियों के बीच कम से कम चार बैठक हुई हैं। जानकारी के मुताबिक कुछ बैठकें गुप्त रूप से अलग-अलग जगहों पर की गई हैं जो चिंता बढ़ा रहा है।

Wed, 22 April 2026 09:25 AMJagriti Kumari लाइव हिन्दुस्तान
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पहलगाम हमले के बाद हमास और पाकिस्तानी आतंकियों के बीच बढ़ गईं नजदीकियां, रिपोर्ट में बड़े खुलासे

जम्मू-कश्मीर के पहलगाम में हुए बर्बर आतंकी हमले को एक साल पूरे हो गए हैं। यहां पिछले साल 22 अप्रैल को पाकिस्तान के पाले हुए आतंकियों ने 26 लोगों की धर्म पूछ कर हत्या कर दी थी, जिसके बाद भारत ने ऑपरेशन सिंदूर चलाकर मुंहतोड़ जवाब दिया था। अब इस घटना के एक साल बाद एक रिपोर्ट में यह बात सामने आई है कि पहलगाम हमले के बाद पाकिस्तान के आतंकियों और हमास के बीच नजदीकियां तेजी से बढ़ी हैं।

न्यूज 18 ने अपनी एक रिपोर्ट में मामले से जुड़े अधिकारियों का हवाला देते हुए बताया कि बीते एक साल में यह नेटवर्क काफी मजबूत हुआ है। सूत्रों के मुताबिक, एजेंसियों ने जांच में यह भी पाया है कि पहलगाम हमले में हमास जैसी रणनीति और तरीके का इस्तेमाल किया गया। यही नहीं हमले को हमास स्टाइल में अंजाम भी दिया गया। पहलगाम हमले और इजरायल पर हमास द्वारा 7 अक्टूबर 2023 को किए गए हमले में काफी समानताएं दिखी हैं।

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कई बार हुई सीक्रेट मीटिंग

जानकारी के मुताबिक हमास और पाक समर्थित आतंकी गुटों के बीच अप्रैल 2025 से अब तक कम से कम चार बैठकें हो चुकी हैं। ये मीटिंग अलग अलग जगहों पर हुई हैं। वहीं इनमें से दो बैठकें बेहद कम अंतराल में हुईं, जिसे अधिकारी कोई संयोग नहीं, बल्कि एक सुनियोजित प्लान का हिस्सा मान रहे हैं।

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कहां-कहां हुईं बैठकें

ये बैठकें भारत की सीमा से सटे इलाकों में हुई हैं। जानकारी के मुताबिक बैठकों का दायरा पाकिस्तान अधिकृत कश्मीर (PoK), पाकिस्तान के दो शहरों और यहां तक कि बांग्लादेश के दो ठिकानों तक फैला हुआ है। इससे इस नेटवर्क की पहुंच का इशारा मिलता है। इन गतिविधियों में लश्कर-ए-तैयबा (LeT) और जैश-ए-मोहम्मद (JeM) जैसे आतंकी संगठनों के शामिल होने की बात सामने आई है।

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ऑपरेशनल सहयोग की आशंका

खुफिया अधिकारियों के अनुसार, यह पैटर्न इस बात की ओर इशारा करता है कि अब यह मिलीभगत सिर्फ वैचारिक स्तर तक सीमित नहीं रहा, बल्कि लॉजिस्टिक और ऑपरेशनल सहयोग भी बढ़ रहा है। कुछ अधिकारियों ने यह भी संकेत दिया कि क्षेत्रीय नेटवर्क इन नेटवर्क को मजबूत बनाने में बड़ी भूमिका निभा रहे हैं और संभवतः एक सेकेंडरी बेस तैयार करने की योजना भी हो सकती है।