अमेरिका की महाविनाशक तैयारी! दर्जनों युद्धपोतों ने समंदर से घेरा ईरान, पलटवार से दहला मिडिल ईस्ट
अमेरिका और इजरायल ने ईरान पर अब तक का सबसे बड़ा संयुक्त सैन्य हमला कर दिया है। जवाब में ईरान ने भी मिसाइलें दागी हैं, जिससे मिडिल ईस्ट में भीषण जंग छिड़ गई है। जानिए इस महायुद्ध की पूरी खबर और दुनिया पर इसका असर।

शनिवार 28 फरवरी 2026 की तारीख दुनिया के लिए एक नए और विनाशकारी युद्ध की शुरुआत बन गई है। अमेरिका और इजरायल ने ईरान के खिलाफ एक बहुत बड़ा संयुक्त सैन्य अभियान छेड़ दिया है। विमानवाहक पोत, फाइटर जेट्स समेत मिडिल ईस्ट में अमेरिका की जिस भारी सैन्य तैनाती ने इस हमले की नींव रखी थी, अब वह पूरी तरह से एक्शन में हैं। इसके जवाब में ईरान ने भी अपनी मिसाइलों का मुंह इजरायल और अमेरिकी सैन्य ठिकानों की तरफ खोल दिया है।
ऑपरेशन 'रोअरिंग लायन' और 'एपिक फ्यूरी'
इजरायल ने इस हमले को 'ऑपरेशन रोअरिंग लायन' और अमेरिका ने इसे 'ऑपरेशन एपिक फ्यूरी' कोडनेम दिया है। ईरान की राजधानी तेहरान, कोम, इस्फहान और करज समेत कई शहरों में भीषण धमाके हुए हैं। ईरान के सुप्रीम लीडर अयातुल्ला अली खामेनेई के कार्यालय के पास भी स्ट्राइक की गई है। हालांकि, रिपोर्ट्स के मुताबिक खामेनेई को किसी सुरक्षित स्थान पर ले जाया गया है।
युद्ध में उतरी अमेरिका की महाविनाशकारी ताकत
इस बड़े अभियान में अमेरिका ने मिडिल ईस्ट में तैनात अपने उन सभी प्रमुख सैन्य हथियारों का इस्तेमाल किया है। अमेरिका के पास अभी मिडिल ईस्ट में एक दर्जन से ज्यादा वॉरशिप तैनात हैं, जिसमें एक एयरक्राफ्ट कैरियर- USS अब्राहम लिंकन अरब सागर में काम कर रहा है। इसके अलावा, नौ डिस्ट्रॉयर और तीन लिटोरल कॉम्बैट शिप भी शामिल हैं। दुनिया का सबसे बड़ा कैरियर 'यूएसएस गेराल्ड आर. फोर्ड' (भूमध्य सागर से) इस हमले का नेतृत्व कर रहे हैं।
इस कैरियर ने इस हफ्ते की शुरुआत में क्रीट आइलैंड पर सौडा बे में खाना, फ्यूल और एम्युनिशन लिया फिर गुरुवार को पोर्ट छोड़ दिया। सैटेलाइट इमेजरी में अगले दिन यह इजरायली पोर्ट हाइफा से कई सौ मील पश्चिम में दिखा। इन दोनों एयरक्राफ्ट कैरियर में हजारों नाविक हैं और उनके एयर विंग में दर्जनों वॉरप्लेन हैं। मिडिल ईस्ट में एक ही समय में दो बड़े वॉरशिप का होना बहुत कम होता है।
घातक लड़ाकू विमान
दर्जनों F-22 रैप्टर और F-35 लाइटनिंग स्टील्थ जेट्स ने ईरान के एयर डिफेंस को भेदकर उसके सैन्य ठिकानों को तबाह किया है। X पर ओपन-सोर्स इंटेलिजेंस अकाउंट्स, फ्लाइट-ट्रैकिंग वेबसाइट Flightradar24 और मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, कैरियर्स पर मौजूद एयरक्राफ्ट के अलावा, यूनाइटेड स्टेट्स ने मिडिल ईस्ट में दर्जनों दूसरे वॉरप्लेन भेजे हैं। इनमें F-22 रैप्टर और F-35 लाइटनिंग स्टील्थ फाइटर जेट, F-15 और F-16 वॉरप्लेन, और KC-135 एरियल रीफ्यूलिंग एयरक्राफ्ट शामिल हैं, जिनकी जरूरत उनके ऑपरेशन्स को बनाए रखने के लिए है।
खबर है कि अमेरिका ने मिडिल ईस्ट में अपनी जमीन पर बनी एयर डिफेंस को भी बढ़ाया है, जबकि इस इलाके में कई गाइडेड-मिसाइल डिस्ट्रॉयर समुद्र में एयर डिफेंस की क्षमता देते हैं। यानी समुद्र में तैनात कई गाइडेड-मिसाइल डिस्ट्रॉयर्स (विध्वंसक पोत) इस हमले में मिसाइलें दागने के साथ-साथ ईरान के संभावित पलटवार से बचाव का काम कर रहे हैं।
ईरान का पलटवार: खाड़ी देशों तक फैली आग
हमले के तुरंत बाद ईरान ने 'क्रशिंग रिस्पॉन्स' (कुचलने वाला जवाब) देते हुए पलटवार शुरू कर दिया है। ईरान ने इजरायल के तेल अवीव और अन्य शहरों पर दर्जनों मिसाइलें दागी हैं। पूरे इजरायल में सायरन बज रहे हैं और लोगों को बंकरों में छिपने के निर्देश दिए गए हैं। इजरायल के अस्पताल अंडरग्राउंड कर दिए गए हैं। ईरान ने खाड़ी देशों में मौजूद अमेरिकी बेस को भी निशाना बनाया है। कतर के अल-उदेद एयरबेस, बहरीन में अमेरिकी नौसेना के 5वें बेड़े के मुख्यालय और यूएई (अबू धाबी) में धमाकों और मिसाइल हमलों की पुष्टि हुई है।
डोनाल्ड ट्रंप का ऐलान
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने एक वीडियो संदेश जारी कर 'मेजर कॉम्बैट ऑपरेशन्स' (प्रमुख युद्ध अभियानों) की घोषणा की है। उन्होंने कहा कि अमेरिका का लक्ष्य ईरान के परमाणु और मिसाइल कार्यक्रमों को पूरी तरह नष्ट करना है। ट्रंप ने ईरान की सेना (IRGC) को सीधी चेतावनी दी है कि हथियार डाल दें या निश्चित मौत का सामना करें।
इजरायल का बयान
इजरायल के रक्षा मंत्री इसराइल काट्ज़ और प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने इसे अपने देश पर मंडरा रहे खतरे को खत्म करने के लिए की गई एक 'प्रीमेप्टिव स्ट्राइक' (निवारक हमला) करार दिया है।
वैश्विक प्रभाव और भारत की एडवाइजरी
एयरस्पेस बंद: इस जंग के कारण ईरान, इजरायल और इराक समेत कई देशों ने अपना एयरस्पेस पूरी तरह से बंद कर दिया है। एयर इंडिया समेत दुनिया भर की एयरलाइंस अपनी उड़ानें डायवर्ट कर रही हैं।
भारतीयों के लिए चेतावनी: भारत सरकार और तेहरान स्थित भारतीय दूतावास ने ईरान और इजरायल में मौजूद अपने नागरिकों के लिए आपातकालीन एडवाइजरी जारी की है। सभी भारतीयों को घरों के अंदर रहने और अतिरिक्त सावधानी बरतने को कहा गया है।
अमेरिका, इजरायल और ईरान के बीच की यह तनातनी अब एक पूर्णकालिक क्षेत्रीय युद्ध में बदल चुकी है। दुनिया की निगाहें अब इस बात पर टिकी हैं कि क्या ईरान की जवाबी कार्रवाई इस युद्ध को और अधिक विनाशकारी बनाएगी या अमेरिका का यह बड़ा दांव मध्य पूर्व का नक्शा बदल देगा।
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