Iran Attacked Russian President Putin Close Associate Angry Says America has Shown its True Face अमेरिका ने असली चेहरा दिखा दिया, ईरान पर हुए हमले से भड़के रूसी राष्ट्रपति पुतिन के करीबी, International Hindi News - Hindustan
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अमेरिका ने असली चेहरा दिखा दिया, ईरान पर हुए हमले से भड़के रूसी राष्ट्रपति पुतिन के करीबी

राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन के करीबी साथी और अभी रूस की सिक्योरिटी काउंसिल के डिप्टी चेयरमैन मेदवेदेव ने टेलीग्राम पर एक पोस्ट में अमेरिका पर निशाना साधते हुए कहा कि शांति बनाने वाले ने एक बार फिर अपना असली चेहरा दिखाया है। 

Sat, 28 Feb 2026 04:08 PMMadan Tiwari लाइव हिन्दुस्तान, मॉस्को
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अमेरिका ने असली चेहरा दिखा दिया, ईरान पर हुए हमले से भड़के रूसी राष्ट्रपति पुतिन के करीबी

इजरायल और अमेरिका ने मिलकर शनिवार को ईरान के कई शहरों पर बड़े मिसाइल हमले किए। इसमें कई ईरानी नेता व कई सीनियर रिवोल्यूशनरी गार्ड्स कमांडर के मारे जाने की आशंका जताई गई है। ईरान पर हुए इस हमले से रूस भड़क गया है। रूस के पूर्व राष्ट्रपति और प्रेसिडेंट पुतिन के करीबी दिमित्री मेदवेदेव ने इन हमलों के लिए अमेरिका की कड़ी आलोचना की है और कहा है कि अमेरिका ने एक बार फिर से अपना असली चेहरा दिखा दिया है।

रूसी नेता और पूर्व राष्ट्रपति दिमित्री मेदवेदेव ने इस बात पर शक जताया कि क्या वॉशिंगटन ने अच्छी नीयत से लड़ाई टालने के लिए बातचीत शुरू की थी। राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन के करीबी साथी और अभी रूस की सिक्योरिटी काउंसिल के डिप्टी चेयरमैन मेदवेदेव ने टेलीग्राम पर एक पोस्ट में कहा, “शांति बनाने वाले ने एक बार फिर अपना असली चेहरा दिखाया है। ईरान के साथ सारी बातचीत सिर्फ एक बहाना थी। इस पर कभी किसी को शक नहीं हुआ। किसी को भी किसी खास चीज पर बातचीत करने में कोई दिलचस्पी नहीं थी।”

वहीं, तेहरान में मॉस्को की एम्बेसी ने ईरान के प्रति 'अमेरिका और इजरायल के आक्रामक व्यवहार की निंदा की और रूसियों से कहा कि अगर हो सके तो वे इस्लामिक रिपब्लिक छोड़ दें। एम्बेसी ने एक बयान में कहा, "हम जोर देकर सलाह देते हैं कि अगर हो सके तो ईरान में रहने वाले रूसी नागरिक और उनके देश के लोग देश छोड़ दें।" साथ ही, जो लोग ईरान में रह रहे हैं उनसे सतर्क रहने और मिलिट्री और सरकारी जगहों के पास न जाने की अपील की जाती है।

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जेनेवा में हुई बैठक के ठीक बाद हमला

ईरान पर अमेरिका और इजरायल के हमले अमेरिका-ईरान के बीच जेनेवा में हाल ही में संपन्न हुए अप्रत्यक्ष परमाणु वार्ता के तीसरे दौर के एक दिन बाद हुए हैं। इन वार्ताओं से अमेरिकी हित के लिहाज से वांछित परिणाम नहीं निकले थे लेकिन दोनों पक्षों ने अगले सप्ताह वियना में तकनीकी स्तर की बैठक की अगली सीरीज की योजना बनायी थी। ईरानी सरकारी मीडिया ने तुरंत इस बात पर ध्यान दिया कि अमेरिका के साथ बातचीत के बीच ईरान पर यह दूसरी बार हमला हुआ है। इससे पहले पिछले साल जून में इजरायल के साथ 12 दिवसीय संघर्ष हुआ था। इसका समापन ईरानी परमाणु स्थलों पर अमेरिकी हमलों के साथ हुआ था। शुक्रवार को जेनेवा में हुई बातचीत के बाद ईरान ने सकारात्मक रुख अपनाया था, जिसमें ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अराघची ने कहा था, "समझौता पहुंच के भीतर है, लेकिन केवल तभी जब कूटनीति को प्राथमिकता दी जाए।"

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