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ईरान युद्ध के बीच UAE की बड़ी कार्रवाई, फेक वार वीडियो मामले में 10 को दबोचा

ईरान युद्ध के कारण पूरे क्षेत्र में बढ़े तनाव के बीच संयुक्त अरब अमीरात ने सोशल मीडिया पर भ्रामक और एआई से निर्मित वीडियो क्लिप्स फैलाने के आरोप में 10 लोगों को गिरफ्तार किया है। हालांकि यह साफ नहीं हो सका है कि गिरफ्तार लोग किस देश के रहने वाले हैं।

Sun, 15 March 2026 08:11 PMDevendra Kasyap लाइव हिन्दुस्तान
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ईरान युद्ध के बीच UAE की बड़ी कार्रवाई, फेक वार वीडियो मामले में 10 को दबोचा

ईरान युद्ध के कारण पूरे क्षेत्र में बढ़े तनाव के बीच संयुक्त अरब अमीरात ने सोशल मीडिया पर भ्रामक और एआई से निर्मित वीडियो क्लिप्स फैलाने के आरोप में 10 लोगों को गिरफ्तार किया है। हालांकि यह साफ नहीं हो सका है कि गिरफ्तार लोग किस देश के रहने वाले हैं, ना ही प्रशासन की ओर से बताया गया है। यूएई के अटॉर्नी जनरल डॉ हमाद सैफ अल शम्सी ने इन आरोपियों के खिलाफ तत्काल (फास्ट-ट्रैक) मुकदमा चलाने का आदेश जारी किया है।

देश की आधिकारिक समाचार एजेंसी WAM के अनुसार, अटॉर्नी जनरल ने बताया कि क्षेत्रीय घटनाक्रमों पर डिजिटल प्लेटफॉर्म्स की लगातार निगरानी के बाद यह कार्रवाई की गई। आरोपियों ने सोशल मीडिया पर ऐसे वीडियो पोस्ट किए, जिनमें हवाई रक्षा प्रणालियों द्वारा हमलों को रोकने के वास्तविक फुटेज के साथ-साथ जमीन पर गिरते गोले या घटनाओं को देखती भीड़ दिखाई गई थी।

डॉ अल शम्सी ने कहा कि कुछ आरोपियों ने कृत्रिम बुद्धिमत्ता (AI) का इस्तेमाल कर पूरी तरह मनगढ़ंत फुटेज तैयार किए, जिनमें यूएई के विभिन्न इलाकों में विस्फोट, प्रमुख स्थलों पर हमले या धुएं के साथ बड़ी आग लगने का झूठा दावा किया गया। इन वीडियो में बच्चों की भावनाओं का फायदा उठाकर सुरक्षा खतरों का गलत संकेत दिया गया, जबकि कुछ क्लिप्स में विदेशी घटनाओं को यूएई से जोड़कर जनता में भय फैलाने की कोशिश की गई।

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उन्होंने स्पष्ट किया कि ऐसे कृत्य राष्ट्रीय सुरक्षा, सार्वजनिक व्यवस्था और स्थिरता को कमजोर करने वाले अपराध हैं। लोक अभियोजन पक्ष ने आरोपियों से पूछताछ शुरू कर दी है और उन्हें हिरासत में रखने का आदेश दिया गया है। अटॉर्नी जनरल ने चेतावनी देते हुए कहा कि यूएई कानून के तहत भ्रामक सूचना या मनगढ़ंत सामग्री फैलाने वालों को कम से कम एक वर्ष की कैद और न्यूनतम 1 लाख दिरहम का जुर्माना हो सकता है।

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उन्होंने जोर देकर कहा कि साइबर स्पेस या आधुनिक तकनीकों का दुरुपयोग कर राष्ट्रीय सुरक्षा को प्रभावित करने या जनता में अफरा-तफरी मचाने के किसी भी प्रयास को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। बता दें कि यह कार्रवाई ऐसे समय में हुई है जब मिडिल ईस्ट संघर्ष के कारण सोशल मीडिया पर फेक न्यूज और AI-जनरेटेड कंटेंट का दुरुपयोग बढ़ गया है, जिससे जनता में अनावश्यक अफवाहें फैल रही हैं।

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