Our uranium isnt going anywhere Iran categorically rejects Donald Trump's claim कहीं नहीं जाएगा हमारा यूरेनियम, ईरान ने सिरे से खारिज कर दिया डोनाल्ड ट्रंप का दावा, Middle-east Hindi News - Hindustan
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कहीं नहीं जाएगा हमारा यूरेनियम, ईरान ने सिरे से खारिज कर दिया डोनाल्ड ट्रंप का दावा

ईरान ने अमेरिका का दावा खारिज करते हुए कहा है कि वह अपना यूरेनियम का भंडार किसी को सौंपने नहीं जा रहा है। बता दें कि परमाणु संवर्धन का मामला ही अमेरिका और ईरान की बातचीत में रोड़ा बन रहा है। इस मुद्दे को लेकर ईरान भी सख्त है। 

Sat, 18 April 2026 08:23 AMAnkit Ojha लाइव हिन्दुस्तान
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कहीं नहीं जाएगा हमारा यूरेनियम, ईरान ने सिरे से खारिज कर दिया डोनाल्ड ट्रंप का दावा

ईरान युद्ध के बीच अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप कई बार ऐसे दावे करते हैं कि एक ही दिन बाद उन्हें यूटर्न लेना पड़ता है। डोनाल्ड ट्रंप ने एक दिन पहले ही दावा किया कि ईरान उन्हें अपने यूरेनियम भंडार सौंपने को तैयार है। शुक्रवार को ईरान के विदेश मंत्रालय ने ट्रंप के दावे को सिरे से खारिज कर दिया। ईरान ने कहा, हमरे यूरेनियम के भंडार कहीं नहीं जा रहे हैं।

जल्द हो सकती है दूसरे दौर की वार्ता

डोनाल्ड ट्रंप ने शुक्रवार को संकेत दिया कि अमेरिका और ईरान के बीच प्रत्यक्ष वार्ता का दूसरा दौर इस हो सकता है। उन्होंने समाचार पोर्टल 'एक्सियोस' को टेलीफोन पर दिए एक संक्षिप्त साक्षात्कार में कहा, "ईरान वार्ता करना चाहता है। वे समझौता करना चाहते हैं। मुझे लगता है कि बैठक संभवतः इस सप्ताहांत हो सकती है।'

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ट्रंप ने होर्मुज को लेकर भी किया है दावा

ट्रंप ने शुक्रवार को यह दावा किया कि ईरान होर्मुज जलडमरूमध्य को स्थायी रूप से खुला रखने पर सहमत हो गया है। उन्होंने इसे वैश्विक ऊर्जा प्रवाह को स्थिर करने की दिशा में एक बड़ा कदम बताया दो सप्ताह के युद्धविराम के नौवें दिन ट्रंप ने 'ट्रुथ सोशल' पर लिखा, "ईरान होर्मुज जलडमरूमध्य को फिर कभी बंद न करने पर सहमत हो गया है। अब इसे दुनिया के खिलाफ हथियार के रूप में इस्तेमाल नहीं किया जायेगा।'

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गौरतलब है कि यह संकरा जलमार्ग वैश्विक ऊर्जा व्यापार की सबसे महत्वपूर्ण धमनियों में से एक है। इससे दुनिया के कुल कच्चे तेल का लगभग 20 फीसदी हिस्सा गुजरता है। अमेरिका और इजरायल ने 28 फरवरी को ईरान पर हमला किया, तो ईरान ने इस मार्ग को पूरी तरह से बंद कर दिया था। इस कारण ऊर्जा बाजारों में भारी उथल-पुथल मच गया और तेल तथा गैस की कीमतों में भारी उछाल आया। स्थिति इतनी गंभीर हो गयी कि कई देशों को अपनी ऊर्जा आपूर्ति की राशनिंग करनी पड़ी और पावर आपातकाल तक घोषित करना पड़ा।

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ईरान ने हाल ही में सभी वाणिज्यिक जहाजों के लिए अस्थायी रूप से इस जलडमरूमध्य को फिर से खोल दिया है। ईरान ने कहा था कि कम से कम इजरायल और लेबनान में हिजबुल्लाह के बीच हुए अलग 10 दिवसीय युद्धविराम की अवधि तक सभी व्यापारिक जहाजों को सुरक्षित रूप से गुजरने की अनुमति दी जायेगी। जहाजों को विशिष्ट समन्वित मार्ग से निकाला जा रहा है, ताकि वे जलमार्ग में बिछी बारूदी सुरंगों से बच सकें। इससे ऊर्जा बाजार पर पड़ा दबाव कुछ समय के लिए कम हुआ है।हालांकि ईरान ने अभी तक श्री ट्रंप के उन दावों की पुष्टि नहीं की है कि उसने इस जलमार्ग को फिर कभी अवरुद्ध न करने का संकल्प लिया है। ईरानी अधिकारियों ने फिलहाल कोई भी दीर्घकालिक गारंटी देने से परहेज किया है। इससे यह अनिश्चितता बनी हुई है कि क्या इस जलडमरूमध्य में मौजूदा शांति इस नाजुक युद्धविराम की अवधि के बाद भी कायम रहेगी या नहीं। (वार्ता से इनपुट्स के साथ)

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