No ceasefire no dialogue with America Iran Big statement amid Middle East tensions अमेरिका से न सीजफायर न डायलॉग, मिडिल ईस्ट तनाव के बीच ईरान की दो टूक, Middle-east Hindi News - Hindustan
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अमेरिका से न सीजफायर न डायलॉग, मिडिल ईस्ट तनाव के बीच ईरान की दो टूक

ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अराघची ने गुरुवार को एनबीसी न्यूज को दिए इंटरव्यू में साफ कहा कि इस्लामिक गणराज्य न तो युद्धविराम की मांग कर रहा है और न ही अमेरिका के साथ किसी बातचीत में रुचि रखता है।

Fri, 6 March 2026 12:57 AMDevendra Kasyap लाइव हिन्दुस्तान
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अमेरिका से न सीजफायर न डायलॉग, मिडिल ईस्ट तनाव के बीच ईरान की दो टूक

मध्य पूर्व में अमेरिका और इजरायल के साथ ईरान के बीच चल रहे युद्ध ने नया मोड़ ले लिया है। ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अराघची ने गुरुवार को एनबीसी न्यूज को दिए इंटरव्यू में साफ कहा कि इस्लामिक गणराज्य न तो युद्धविराम की मांग कर रहा है और न ही अमेरिका के साथ किसी बातचीत में रुचि रखता है। उन्होंने कहा कि हम युद्धविराम नहीं मांग रहे। अमेरिका के साथ बातचीत का कोई कारण नहीं दिखता। हमने पहले भी दो बार बात की, लेकिन हर बार बीच में ही उन पर हमला हुआ। अराघची ने रणनीतिक रूप से महत्वपूर्ण होर्मुज जलडमरूमध्य को बंद करने के सवाल पर कहा कि फिलहाल ऐसा कोई इरादा नहीं है, लेकिन युद्ध जैसे-जैसे लंबा खिंचेगा, हर संभावित परिदृश्य पर विचार किया जाएगा।

ईरान ने गुरुवार को इजरायल और अमेरिकी ठिकानों पर नए सिरे से हमले तेज कर दिए। ईरानी मीडिया ने दावा किया कि अमेरिकी अड्डों को भी निशाना बनाया गया। ईरान ने हिंद महासागर में अपने युद्धपोत 'आईरिस डेना' पर अमेरिकी टॉरपीडो हमले की कड़ी निंदा की, जिसमें कम से कम 87 ईरानी सैनिक मारे गए। विदेश मंत्री अराघची ने सोशल मीडिया पर लिखा कि मेरी बात लिख लो, अमेरिका को अपने किए पर बुरी तरह पछताना पड़ेगा।

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दूसरी ओर, इजरायल ने तेहरान पर व्यापक हमले शुरू करने की घोषणा की। इजरायली सेना ने बताया कि पिछले 24 घंटों में लेबनान में ईरान समर्थित हिजबुल्ला के 80 ठिकानों पर हमले किए गए। ईरान पर हमलों में बैलिस्टिक मिसाइल लॉन्च साइट्स और अन्य सैन्य लक्ष्यों को निशाना बनाया गया। तेल अवीव और यरूशलम में सायरन बजाए गए, जबकि मिसाइल हमलों की सूचना मिली।

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बता दें कि युद्ध की शुरुआत शनिवार को अमेरिका और इजरायल द्वारा ईरान के प्रमुख नेतृत्व, मिसाइल भंडार और परमाणु कार्यक्रम को निशाना बनाकर की गई थी। वहीं, अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रंप ने सेना के 'शानदार प्रदर्शन' की सराहना की है। अमेरिकी सीनेट में रिपब्लिकन सांसदों ने युद्ध रोकने के प्रस्ताव को खारिज कर दिया।

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गौरतलब है कि इस संघर्ष में अब तक ईरान में 1000 से अधिक, लेबनान में 70 से ज्यादा और इजरायल में करीब 12 लोग मारे जा चुके हैं। युद्ध के कारण वैश्विक तेल-गैस आपूर्ति बाधित हो गई है, अंतरराष्ट्रीय नौवहन प्रभावित हुआ है और पश्चिम एशिया में लाखों यात्री फंसे हुए हैं। ईरान के रिवोल्यूशनरी गार्ड्स ने क्षेत्रीय सैन्य और आर्थिक ढांचे को नुकसान पहुंचाने की धमकी दी है, जिससे पड़ोसी देश अलर्ट पर हैं।

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