बहरीन की प्रमुख तेल रिफाइनरी पर ईरान ने दागे मिसाइल, लगी आग... जानें क्या है हालात
बहरीन के अधिकारियों ने बताया कि गुरुवार रात लगी आग पर काबू पा लिया गया है और रिफाइनरी अब सामान्य रूप से संचालित हो रही है। किसी भी व्यक्ति के हताहत होने की कोई सूचना नहीं है।
मध्य पूर्व में युद्ध की आग भड़क रही है। एक दूसरे पर ताबड़तोड़ हमले किए जा रहा है। ईरान की जवाबी कार्रवाई में बहरीन की एक सरकारी तेल रिफाइनरी पर मिसाइल हमला हुआ है। बहरीन के अधिकारियों ने बताया कि गुरुवार रात लगी आग पर काबू पा लिया गया है और रिफाइनरी अब सामान्य रूप से संचालित हो रही है। किसी भी व्यक्ति के हताहत होने की कोई सूचना नहीं है। यह हमला खाड़ी देशों के तेल उद्योग पर ईरान के लगातार टार्गेटेड हमलों की श्रृंखला में एक और कड़ी है, जो इन अरब राज्यों की आर्थिक जीवनरेखा है।
ईरान ने गुरुवार को इजरायल, अमेरिकी ठिकानों और क्षेत्रीय देशों पर मिसाइलों व ड्रोनों की नई लहर छोड़ी। तेहरान ने चेतावनी दी है कि यदि किसी ईरानी युद्धपोत को निशाना बनाया गया तो अमेरिका को 'बहुत पछतावा' होगा। ये हमले ऐसे समय में हुए जब इजरायल और अमेरिका लगातार छठे दिन ईरान पर हमले कर रहे हैं। युद्ध दिन-प्रतिदिन विस्तार ले रहा है, जिससे मध्य पूर्व के अलावा 14 अन्य देश प्रभावित हो रहे हैं। अजरबैजान ने ईरान पर ड्रोन हमले का आरोप लगाया, हालांकि तेहरान ने इनकार किया। एक दिन पहले अमेरिका ने श्रीलंका के तट पर एक ईरानी फ्रिगेट को डुबो दिया था।
लेबनान में ईरान समर्थित हिजबुल्लाह के साथ संघर्ष बढ़ने पर इजरायल ने बेरूत के सभी दक्षिणी उपनगरों के लिए बड़े पैमाने पर निकासी की चेतावनी जारी की। संयुक्त राष्ट्र शांति सैनिकों ने दक्षिणी लेबनान में जमीनी लड़ाई की पुष्टि की, जहां अधिक इजरायली सैनिक सीमा पार कर गए हैं। दूसरी ओर अमेरिका और इजरायल ने ईरान पर व्यापक हमले किए, जिसमें उसकी सैन्य क्षमता, नेतृत्व और परमाणु कार्यक्रम को निशाना बनाया गया। दोनों देशों के नेताओं ने ईरानी सरकार को गिराने का संकेत दिया था। युद्ध शुरू होने पर ही ईरानी सर्वोच्च नेता आयातुल्ला अली खामेनेई मारे गए थे। हालांकि, लक्ष्य और समयसीमा में बार-बार बदलाव आया है और संघर्ष अनिश्चितकाल तक चलता दिख रहा है।
ईरान के हमलों से अरब पड़ोसियों को नुकसान पहुंचा है, तेल आपूर्ति बाधित हुई है और वैश्विक हवाई यात्रा ठप हो गई है। अधिकारियों के अनुसार, ईरान में कम से कम 1230 लोग मारे गए हैं, लेबनान में 100 से अधिक और इजरायल में करीब एक दर्जन। छह अमेरिकी सैनिक भी मारे गए हैं। ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अराघची ने अमेरिकी नौसेना पर हिंद महासागर में ईरानी फ्रिगेट 'आईरिस डेना' को डुबोने का आरोप लगाया, जिसमें कम से कम 87 लोग मारे गए। उन्होंने इसे 'समुद्र में अत्याचार' करार दिया और कहा कि अमेरिका को अपनी इस हरकत का पछतावा होगा। दूसरी ओर एक ईरानी धर्मगुरु ने सरकारी टीवी पर इजरायल और 'ट्रंप' के खून बहाने का आह्वान किया।
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