Mojtaba has no status of his own Khamenei did not want his son to become Iran Supreme Leader मुजतबा की अपनी कोई हैसियत नहीं; खामेनेई नहीं चाहते थे बेटे को ईरान का सुप्रीम लीडर बनाना, Middle-east Hindi News - Hindustan
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मुजतबा की अपनी कोई हैसियत नहीं; खामेनेई नहीं चाहते थे बेटे को ईरान का सुप्रीम लीडर बनाना

मुजतबा ने कभी कोई चुनाव नहीं लड़ा है और न ही कभी सार्वजनिक रूप से जनता का सामना किया है। उनकी पूरी शक्ति उनके पिता के इनर सर्कल में रहने तक सीमित रही है।

Wed, 11 March 2026 11:16 AMHimanshu Jha लाइव हिन्दुस्तान
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मुजतबा की अपनी कोई हैसियत नहीं; खामेनेई नहीं चाहते थे बेटे को ईरान का सुप्रीम लीडर बनाना

Iran War: अयातुल्ला अली खामेनेई की हत्या के बाद ईरान की सत्ता की कमान उनके 56 साल के बेटे मुजतबा खामेनेई के हाथों में आ गई है। 8 मार्च को हुए इस राज्याभिषेक ने न केवल ईरान के भीतर बल्कि अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी खलबली मचा दी है। ताजा रिपोर्ट्स के अनुसार, मुजतबा का चयन उनके पिता की इच्छा के विरुद्ध था। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने भी इसे नहीं स्वीकारा है। उन्होंने तो गंभीर परिणाम भुगतने की चेतावनी तक दे दी है।

ईरान के विपक्षी समूह 'नेशनल यूनियन फॉर डेमोक्रेसी' के शोध निदेशक खुसरो इस्फहानी ने न्यूयॉर्क पोस्ट के हवाले से दावा किया है कि अयातुल्ला अली खामेनेई अपनी वसीयत में मुजतबा को उत्तराधिकारी बनाने के पक्ष में नहीं थे। इस्फहानी के अनुसार, "खामेनेई ने अपनी वसीयत में स्पष्ट रूप से कहा था कि मुजतबा को उत्तराधिकारी के रूप में नॉमिनेट नहीं किया जाए। अपने पिता के नाम के बिना मुजतबा का अपना कोई राजनीतिक वजूद नहीं है।"

IRGC की कठपुतली या कट्टरपंथी चेहरा?

मुजतबा खामेनेई का चयन घंटों की देरी और भारी आंतरिक विरोध के बाद हुआ। रॉयटर्स की रिपोर्ट के मुताबिक, कई वरिष्ठ मौलवी और राजनीतिक हस्तियां इस वंशवादी राजनीति के खिलाफ थीं। हालांकि ईरान की सबसे शक्तिशाली सैन्य और आर्थिक संस्था इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (IRGC) ने मुजतबा के नाम पर मुहर लगवाई। IRGC मुजतबा को अपने पिता की तुलना में अधिक लचीला मानती है, जो उनके कट्टरपंथी एजेंडे और सैन्य नीतियों को बिना किसी सवाल के समर्थन देंगे।

मुजतबा ने कभी कोई चुनाव नहीं लड़ा है और न ही कभी सार्वजनिक रूप से जनता का सामना किया है। उनकी पूरी शक्ति उनके पिता के इनर सर्कल में रहने तक सीमित रही है।

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मुजतबा के चयन पर अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने तीखी प्रतिक्रिया दी है। फॉक्स न्यूज को दिए एक साक्षात्कार में ट्रंप ने कहा कि वह ईरान के इस फैसले से बिल्कुल खुश नहीं हैं। ट्रंप ने चेतावनी दी कि मुजतबा शांति से नहीं रह पाएंगे। ट्रंप ने एक्सियोस से कहा कि यदि ईरान पुरानी नीतियों को ही आगे बढ़ाता है, तो अमेरिका को अगले पांच वर्षों में फिर से युद्ध की स्थिति में लौटना पड़ेगा। ट्रंप ने इच्छा जताई कि ईरान को ऐसा नेता मिलना चाहिए जो देश में सौहार्द और शांति लाए, न कि अयातुल्ला की कट्टरपंथी विरासत को आगे बढ़ाए।

मुजतबा के नेतृत्व में ईरान के भीतर विरोधियों का दमन और तेज हो सकता है। साथ ही विदेशों में ईरान का रुख और अधिक आक्रामक होने की संभावना है। IRGC ने पहले ही नए सर्वोच्च नेता के प्रति पूर्ण आज्ञाकारिता की शपथ ली है, जो भविष्य में और अधिक सैन्य संघर्षों का संकेत है।

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