दुश्मन के जहाजों को होर्मुज में रोकने का पूरा अधिकार, ईरान ने यूएन को बताया
अमेरिका के साथ जारी युद्ध के बीच ईरान के विदेश मंत्री ने यूएन को बताया है कि उसके पास दुश्मन के जहाजों को होर्मुज स्ट्रेट में रोकने का पूरा अधिकार है। उधर डोनाल्ड ट्रंप ने कहा है कि वह 10 दिन ईरान के ढांचों पर हमला नहीं करेगा।
ईरान से जारी युद्ध में अमेरिका की तरफ से 10 दिनों की ढील दिए जाने की खबरों के बीच ईरानी विदेश मंत्री अरागची ने संयुक्त राष्ट्र महासचिव एंतोनियो गुतेरस से कहा है कि उसके पास होर्मुज में उन जहाजों को रोकने का अधिकार है जो कि किसी भी तरह से उसके दुश्मन या फिर दुश्मन के सहयोगियों से संबंध रखते हैं। इधर डोनाल्ड ट्रंप ने कहा है कि अमेरिका ने ईरान की सेना और नौसेना को बुरी तरह तबाह कर दिया है और ऐसे में उसने पांच दिनों की मोहलत मांगी थी। ट्रंप ने दावा किया कि उन्होंने ईरान को 10 दिन का समय दे दिया है।
अमेरिकी सेना की बड़ी तैयारी
पाकिस्तान, मिस्र और तुर्की के जरिए अमेरिका ने तनाव कम करने पर चर्चा करने के लिए उच्च स्तरीय बैठक का प्रस्ताव दिया है। अमेरिकी अधिकारियों ने कहा कि आकस्मिक योजना पर काम चल रहा है और 'अंतिम प्रहार' के विकल्पों की तलाश की जा रही है। इसमें हवाई अभियानों के विस्तार से लेकर संभावित जमीनी सैन्य अभियानों तक के कई विकल्प शामिल हैं। यदि कूटनीति विफल रहती है तो पेंटागन बड़े पैमाने पर हमलों से जुड़ी स्थितियों के लिए तैयारी कर रहा है। इस बीच ईरान ने 15-सूत्रीय अमेरिकी प्रस्ताव को खारिज कर दिया है।
ईरान ने ट्रंप के प्रस्तावों का मजाक उड़ाया
ईरानी सरकारी मीडिया के मुताबिक एक वरिष्ठ अधिकारी ने इन शर्तों को 'बहुत ज्यादा' के साथ 'चाल' बताया है। अधिकारी ने कहा कि किसी भी समाधान का निर्णय 'ईरान की अपनी शर्तों और समय सीमा' पर होगा। इसके साथ ही उन्होंने डोनाल्ड ट्रंप के राजनयिक संपर्क के प्रस्तावों का उपहास उड़ाया। विदेश मंत्री अब्बास अराघची ने पुष्टि की है कि अमेरिका से कोई सीधी बातचीत नहीं हो रही है, हालांकि तीसरे देशों के माध्यम से संदेशों के आदान-प्रदान के रूप में सीमित परोक्ष संचार जारी है और अमेरिकी प्रस्ताव अभी विचाराधीन है।
दूसरी ओर अमेरिकी राष्ट्रपति कार्यालय मुख्यालय ह्वाइट हाउस का कहना है कि राजनयिक संपर्क जारी है। प्रेस सचिव कैरोलिन लेविट ने ईरान की बयानबाजी को कमतर बताते हुए चर्चाओं को 'सकारात्मक' बताया है। 'ट्रुथ सोशल' पर एक पोस्ट में, ट्रंप ने दावा किया कि ईरानी वार्ताकार 'सौदा करने के लिए हमसे भीख मांग रहे हैं'। उन्होंने जोड़ा, "वे जल्द ही गंभीर हो जाएं तो बेहतर है, इससे पहले कि बहुत देर हो जाए... एक बार ऐसा होने पर, पीछे हटने का कोई रास्ता नहीं होगा।"
मध्यस्थों के बारे में एक स्रोत ने कहा, "उन्होंने हार नहीं मानी है," हालांकि यह भी उल्लेख किया कि ईरान के सैन्य नेतृत्व के बीच संदेह ने दोनों पक्षों को मेज पर लाने के प्रयासों को जटिल बना रखा है।
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