इजरायल की हिट लिस्ट से हटे ईरान के दो नेता, पाकिस्तान का दावा- हमारी मांग पर ऐसा हुआ
पाकिस्तानी अधिकारी ने रॉयटर्स से बातचीत में कहा, 'इजरायलियों की वे हिट लिस्ट में थे। वे उन्हें खत्म करना चाहते थे। हमने अमेरिका से कहा कि यदि इन लोगों को भी खत्म कर दिया गया तो ईरान में आप बात किससे करेंगे। अमेरिका ने इजरायल से कहा और फिर उसने इन नेताओं को अपनी हिट लिस्ट से हटा दिया है।'

पाकिस्तान ने दावा किया है कि उसके अनुरोध के बाद ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अराकची और संसद के स्पीकर मोहम्मद बाकर कालिबाफ का नाम हिट लिस्ट से हट गया है। पाकिस्तान का कहना है कि उसने अमेरिका से इसका अनुरोध किया था और उसके बाद ही इजरायल ने ईरान के इन दो टॉप नेताओं के नाम अपनी हिट लिस्ट से हटा दिए हैं। अब तक इनके नाम इजरायल ने हिट लिस्ट में शामिल कर रखे थे। इसका अर्थ था कि इन्हें कभी भी इजरायल की ओर से कत्ल या गिरफ्तार करने की कोशिश की जा सकती थी। अब ऐसा नहीं होगा। पाकिस्तान ने यह बड़ा दावा किया है क्योंकि इजरायल से उसके सामान्य कूटनीतिक रिश्ते भी नहीं हैं।
ऐसे में उसके अमेरिका से आग्रह करने पर इजरायल की ओर से इन दो नेताओं का नाम लिस्ट से हटा देना महत्वपूर्ण है। पाकिस्तानी अधिकारी ने रॉयटर्स से बातचीत में कहा, 'इजरायलियों की वे हिट लिस्ट में थे। वे उन्हें खत्म करना चाहते थे। हमने अमेरिका से कहा कि यदि इन लोगों को भी खत्म कर दिया गया तो ईरान में आप बात किससे करेंगे। हमारे इस आग्रह के बाद अमेरिका ने इजरायल से कहा और फिर उसने इन नेताओं को अपनी हिट लिस्ट से हटा दिया है।' बता दें कि पाकिस्तान की ओर से यह भी कहा जा रहा है कि हम ईरान और अमेरिका-इजरायल के बीच जंग खत्म कराने के लिए तैयार हैं और मध्यस्थता करेंगे।
पाकिस्तान के पीएम शहबाज शरीफ ने तो इसके लिए बाकायदा यह भी कहा कि पाकिस्तान के ही किसी शहर में सुलह वार्ता आयोजित की जा सकती है। कहा जा रहा है कि अमेरिका की ओर से सुलह का प्रस्ताव भी ईरान को दिया है, जो उसे पाकिस्तान के जरिए ही मिला है। अब तक मिली जानकारी के मुताबिक ईरान ने इन प्रस्तावों को खारिज कर दिया है और अपनी ओर से 6 शर्तें लगाई हैं। यही नहीं ईरानी सुप्रीम लीडर मोजतबा खामेनेई तो यहां तक कह दिया है कि अपनी हार को अमेरिका और इजरायल समझौते का नाम ना दें।
इजरायल को देश के तौर पर मान्यता ही नहीं देता पाकिस्तान
इजरायल और पाकिस्तान के बीच कोई कूटनीतिक संबंध नहीं हैं। यहां तक पाकिस्तान की ओर से तो इजरायल को एक मुल्क के तौर पर मान्यता ही नहीं दी गई है। पाकिस्तान के पासपोर्ट में भी यह लिखा जाता है कि इजरायल छोड़कर दुनिया में सभी जगह के लिए मान्य है। ऐसी स्थिति में यह दिलचस्प है कि पाकिस्तान के आग्रह पर इजरायल ने कोई फैसला मान लिया। बता दें कि अमेरिका ने बोर्ड ऑफ पीस का भी गठन किया गया है। इसमें भी पाकिस्तान को एंट्री दी गई है। हालांकि इजरायल ने इस बोर्ड में पाकिस्तान को शामिल करने पर ऐतराज जताया था।
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