ईरान का पलटवार जारी, खाड़ी में दहशत; दुबई और दोहा में सुने गए जोरदार धमाके
मिडिल ईस्ट में जारी तनाव के बीच ईरान लगातार जवाबी कार्रवाई कर रहा है। मंगलवार रात दुबई और दोहा में जोरदार धमाकों की आवाजें सुनाई दीं, क्योंकि ईरान ने उन मध्य पूर्वी देशों पर ड्रोन और मिसाइल हमले जारी रखे जहां अमेरिकी सैनिक मौजूद हैं।

मिडिल ईस्ट में जारी तनाव के बीच ईरान लगातार जवाबी कार्रवाई कर रहा है। मंगलवार रात दुबई और दोहा में जोरदार धमाकों की आवाजें सुनाई दीं, क्योंकि ईरान ने उन मध्य पूर्वी देशों पर ड्रोन और मिसाइल हमले जारी रखे जहां अमेरिकी सैनिक मौजूद हैं। रिपोर्ट के अनुसार, पत्रकारों ने कतर की राजधानी दोहा और संयुक्त अरब अमीरात के दुबई में तेज धमाके सुने। स्थानीय लोगों ने एएफपी को बताया कि उन्होंने यूएई की राजधानी अबू धाबी में भी धमाकों की आवाजें सुनीं। गौरतलब है कि शनिवार से अमेरिका और इजरायल द्वारा ईरान पर शुरू किए गए हमलों और उसके बाद खाड़ी देशों तथा इजरायल पर ईरान के जवाबी हमलों के कारण कई देशों ने अपना हवाई क्षेत्र बंद कर दिया है।
इससे पहले ईरान ने हमले तेज करते हुए मंगलवार को सऊदी अरब में अमेरिकी दूतावास को निशाना बनाया। सऊदी अरब ने ईरानी ड्रोन हमले की पुष्टि की और अमेरिकियों से फिलहाल दूतावास से दूर रहने की अपील की। सऊदी रक्षा मंत्रालय ने कहा कि रियाद में अमेरिकी दूतावास पर दो ड्रोनों से हुए हमले में मामूली नुकसान हुआ। दूतावास ने 'एक्स' पर पोस्ट में कहा कि हमले के कारण अगली सूचना तक दूतावास न आएं। इसमें उन लोगों को भी आने से मना किया गया जिन्हें वीजा संबंधी काम के लिए समय दिया गया था।
इसी बीच, कुवैत में अमेरिकी दूतावास पर हमले के बाद मंगलवार को उसे अगले आदेश तक बंद रखने की घोषणा की गई। अमेरिकी विदेश मंत्रालय ने बहरीन, जॉर्डन, संयुक्त अरब अमीरात समेत छह देशों में अपने उन कर्मचारियों और उनके परिवारों को निकालने का आदेश दिया है जिनकी वहां तत्काल जरूरत नहीं है। दुबई और अबू धाबी जैसे शहरों वाला संयुक्त अरब अमीरात लंबे समय से पश्चिम एशिया का सुरक्षित क्षेत्र माना जाता रहा है, लेकिन अब हमलों के कारण इसे भी ईरान युद्ध में खींच लिया गया है।
मंत्रालय ने अपने बयान में कहा कि यह फैसला 'सुरक्षा जोखिमों' के कारण लिया गया है। विदेश मंत्रालय ने ईरान के साथ जारी युद्ध को देखते हुए बहरीन, इराक, जॉर्डन, कुवैत, कतर और संयुक्त अरब अमीरात में रहने वाले अमेरिकियों से देश छोड़ने की अपील की है। युद्ध शुरू होने के बाद हवाई क्षेत्र बंद होने से बड़ी संख्या में लोग पश्चिम एशिया में फंसे हुए हैं। ईरानी रेड क्रेसेंट सोसाइटी के अनुसार, अमेरिका और इजरायल के हमलों में कम से कम 787 लोग मारे गए हैं।
वहीं, ईरानी मिसाइल हमलों में इजरायल में 11 लोग मारे गए। ईरान समर्थित आतंकवादी समूह हिज्बुल्लाह ने भी इजरायल पर हमला किया है, जिसके जवाबी हमलों में लेबनान में 52 लोग मारे गए। संयुक्त राष्ट्र की परमाणु निगरानी संस्था ने मंगलवार को कहा कि अमेरिका और इजरायल के हवाई हमलों के बीच ईरान के नतांज परमाणु स्थल को 'हाल में कुछ नुकसान' हुआ है, लेकिन इससे 'कोई विकिरण फैलने की आशंका नहीं है।
दूसरी ओर मंगलवार सुबह ही इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड के एक जनरल ने चेतावनी दी कि अमेरिका और इजरायल द्वारा लगातार हमलों के परिणामस्वरूप ईरान मध्य पूर्व के 'सभी आर्थिक केंद्रों' के खिलाफ जवाबी कार्रवाई करेगा। इब्राहिम जब्बारी ने कहा कि हम दुश्मन से कह रहे हैं कि अगर वह हमारे मुख्य केंद्रों पर हमला करने का फैसला करता है, तो हम इस क्षेत्र के सभी आर्थिक केंद्रों पर हमला करेंगे।
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