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हम नहीं पार करेंगे तो कोई नहीं गुजरेगा; होर्मुज स्ट्रेट पर ईरान की खुली चेतावनी

ईरान के संसदीय अध्यक्ष बागेर गालिबाफ ने शनिवार देर रात सरकारी टीवी चैनल से बात करते हुए साफ कहा कि जब हम होर्मुज से नहीं गुजर सकते, तो दूसरों के लिए इसे पार करना असंभव है। उन्होंने अमेरिकी नाकाबंदी को अज्ञानता में लिया गया नासमझी भरा फैसला बताते हुए तीखी आलोचना की।

Sun, 19 April 2026 04:51 PMDevendra Kasyap लाइव हिन्दुस्तान
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हम नहीं पार करेंगे तो कोई नहीं गुजरेगा; होर्मुज स्ट्रेट पर ईरान की खुली चेतावनी

ईरान ने होर्मुज स्ट्रेट को पूरी तरह बंद रखने का सख्त रुख अपनाते हुए कहा है कि जब तक अमेरिका उसके बंदरगाहों पर नाकाबंदी नहीं हटाता, तब तक कोई भी जहाज इस महत्वपूर्ण जलमार्ग से नहीं गुजर सकेगा। ईरानी संसदीय अध्यक्ष और मुख्य वार्ताकार मोहम्मद बागेर गालिबाफ ने शनिवार देर रात कहा कि जब हम खुद होर्मुज से पार नहीं कर सकते, तो दूसरों के लिए इसे पार करना असंभव है। ईरान की ओर से यह बयान ऐसे समय आया है जब पाकिस्तान के मध्यस्थता प्रयासों के बावजूद अमेरिका-ईरान युद्धविराम को बढ़ाने की संभावना पर गहरा संशय बना हुआ है।

क्या बोले गालिबाफ?

ईरान के संसदीय अध्यक्ष बागेर गालिबाफ ने शनिवार देर रात सरकारी टीवी चैनल से बात करते हुए साफ कहा कि जब हम होर्मुज से नहीं गुजर सकते, तो दूसरों के लिए इसे पार करना असंभव है। उन्होंने अमेरिकी नाकाबंदी को 'अज्ञानता में लिया गया नासमझी भरा फैसला' बताते हुए तीखी आलोचना की। गालिबाफ ने कहा कि अमेरिका के प्रति गहरे अविश्वास के बावजूद ईरान शांति की तलाश में है। हालांकि, उन्होंने माना कि दोनों पक्षों के बीच अभी भी काफी अंतर हैं और कुछ बुनियादी मुद्दे अनसुलझे पड़े हैं।

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बता दें कि ईरान ने शुक्रवार को इजरायल और लेबनान में ईरान समर्थित हिजबुल्लाह के बीच 10 दिन के युद्धविराम लागू होने के बाद समुद्री रास्ता फिर से खोलने की घोषणा की थी। लेकिन अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के यह कहने के बाद कि ईरानी बंदरगाहों पर नाकाबंदी तब तक 'पूरी तरह लागू' रहेगी, जब तक तेहरान अमेरिका से कोई समझौता नहीं कर लेता, ईरान ने होर्मुज में अपने प्रतिबंध जारी रखने का ऐलान कर दिया।

शनिवार को दो जहाजों पर गोलीबारी

शनिवार को पारगमन की कुछ कोशिशों में तेजी आने के बाद भी फारस की खाड़ी में जहाज अपनी स्थिति पर अड़े रहे। दो भारतीय ध्वज वाले जहाजों पर बीच रास्ते में गोलीबारी की गई, जिससे उन्हें वापस लौटना पड़ा। इस घटना से युद्धविराम से पहले वाली स्थिति बहाल हो गई है, जिससे वैश्विक ऊर्जा संकट और गहराने तथा युद्ध के आठवें सप्ताह में नए सिरे से संघर्ष भड़कने का खतरा पैदा हो गया है।

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बता दें कि ईरान के लिए होर्मुज स्ट्रेट की नाकाबंदी, उसका सबसे मजबूत हथियार साबित हो रहा है। यह विश्व अर्थव्यवस्था को खतरे में डाल रहा है और ट्रंप प्रशासन को राजनीतिक रूप से परेशान कर रहा है। वहीं, अमेरिका के लिए यह ईरान की पहले से कमजोर अर्थव्यवस्था को और दबाव में डाल रहा है तथा लंबे समय तक नकदी प्रवाह रोककर तेहरान की सरकार पर असर डाल रहा है।

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गौरतलब है कि अमेरिका-ईरान युद्धविराम की अवधि समाप्त होने में अब कुछ ही दिन बचे हैं। ईरान ने शनिवार को कहा कि उसे अमेरिका से नए प्रस्ताव मिले हैं और पाकिस्तानी मध्यस्थ प्रत्यक्ष वार्ता के दूसरे दौर की व्यवस्था करने में जुटे हैं।

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