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नतीजे भुगतने होंगे, भारतीय जहाजों पर फायरिंग के बाद ईरान को नई दिल्ली का कड़ा संदेश

2 भारतीय जहाजों (जग अर्णव और सन्मार हेराल्ड) पर ईरानी नौसेना की ओर से गोलीबारी की यह घटना तब हुई है, जब ईरानी युद्धपोत IRIS लवान अभी भी कोच्चि बंदरगाह पर खड़ा है। यह भारत से शरण मांगकर आया था।

Sun, 19 April 2026 02:54 PMNiteesh Kumar लाइव हिन्दुस्तान
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नतीजे भुगतने होंगे, भारतीय जहाजों पर फायरिंग के बाद ईरान को नई दिल्ली का कड़ा संदेश

दो भारतीय क्रूड ऑयल जहाजों पर ईरानी नौसेना की गोलीबारी में कोई हताहत नहीं हुआ है। भारतीय अधिकारियों ने रविवार को इसकी पुष्टि की। हालांकि, उन्होंने बताया कि जहाजों के एक केबिन की खिड़की का शीशा टूट गया। भारतीय अधिकारियों ने तेहरान को साफ संदेश दिया कि ऐसी किसी भी हरकत के नतीजे भुगतने पड़ेंगे। समझा जाता है कि भारत में ईरानी दूतावास और इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (IRGC) के बीच इस घटना को लेकर मतभेद है। सूत्रों ने बताया कि IRGC अमेरिका और इजरायल के साथ संघर्ष के बीच स्ट्रेट ऑफ होर्मुज से गुजरने वाले सभी जहाजों पर टोल वसूलना चाहता है, जबकि भारतीय अधिकारी ऐसी मांग मानने को तैयार नहीं हैं।

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2 भारतीय जहाजों (जग अर्णव और सन्मार हेराल्ड) पर ईरानी नौसेना की ओर से गोलीबारी की यह घटना तब हुई है, जब ईरानी युद्धपोत IRIS लवान अभी भी कोच्चि बंदरगाह पर खड़ा है। यह भारत से शरण मांगकर आया था। इस युद्धपोत के 183 चालक दल सदस्यों में से लगभग 120 को पहले ही स्वदेश भेज दिया गया है, जबकि कुछ जरूरी कर्मी जहाज की देखभाल के लिए केरल के बंदरगाह पर रुके हुए हैं। इस ईरानी जहाज की ओर से भारत से शरण इसलिए मांगी गई क्योंकि उसका दूसरा युद्धपोत IRIS डेना 4 मार्च को श्रीलंका के पास अमेरिकी पनडुब्बी से हमला कर डुबो दिया गया था।

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कुछ रिपोर्ट्स में दावा किया गया है कि IRGC स्ट्रेट ऑफ होर्मुज से गुजरने वाले जहाजों से टोल वसूल रहा है, लेकिन एक भारतीय अधिकारी ने कहा कि भारत किसी भी तरह का टोल देने की कोई संभावना नहीं है। उन्होंने बताया कि ईरानी गोलीबारी की इस घटना के नतीजे सामने होंगे। दोनों भारतीय जहाज बड़े क्रूड ऑयल टैंकर हैं और लाखों बैरल तेल ले जा रहे थे, जो शनिवार को ओमान के उत्तर में ईरानी नौसेना की गोलीबारी का शिकार हुए और उन्हें स्ट्रेट ऑफ होर्मुज से वापस मुड़ना पड़ा।

नई दिल्ली ने ईरानी राजदूत को किया तलब

ईरान ने पहले कहा था कि अमेरिका और इजरायल के साथ चल रहे संघर्ष में शामिल न होने वाले देशों के जहाजों को निशाना नहीं बनाया जाएगा। ताजा घटनाक्रम के बाद भारत के विदेश मंत्रालय की ओर से कड़ी आपत्ति जताई गई है। नई दिल्ली ने ईरानी राजदूत को तलब किया और घटना पर गहरी नाराजगी व्यक्त की। मरीन ट्रैफिक के अनुसार, भारतीय झंडे वाला बल्क कैरियर जग अर्णव सऊदी अरब के अल जुबैल से भारत की ओर आ रहा था। वहीं, दूसरा जहाज सन्मार हेराल्ड इराक से क्रूड ऑयल लेकर भारत जा रहा था।

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अधिकारियों ने कहा कि भारत इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स की गोलीबारी को बहुत गंभीरता से ले रहा है और देश स्ट्रेट ऑफ होर्मुज में खुली और स्वतंत्र नौवहन का समर्थन करता है। ईरान और ओमान के बीच स्थित होर्मुज स्ट्रेट दुनिया के सबसे अहम तेल पारगमन गलियारों में से एक है, जिसमें वैश्विक क्रूड शिपमेंट का 20% हिस्सा गुजरता है। भारत उन देशों में शामिल है जिनके सबसे अधिक जहाज इस स्ट्रेट से गुजरते हैं, जो खाड़ी क्षेत्र से ऊर्जा आयात पर उसकी निर्भरता को दर्शाता है। ईरान ने अमेरिका के साथ युद्ध के बीच भारत को मित्र राष्ट्रों की सूची में रखा है, जिनके जहाजों को इस स्ट्रेट से गुजरने की इजाजत दी जा रही है, जबकि अन्य देशों के जहाजों को ड्रोन-मिसाइल हमलों की धमकी देकर रोका जा रहा है।