Big Breaking Iran shows favoritism to China amid war opens Strait of Hormuz for oil जंग के बीच चीन पर मेहरबान हुआ ईरान, तेल के लिए खोल दिया हॉर्मूज स्ट्रेट; भारत को झटका, Middle-east Hindi News - Hindustan
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जंग के बीच चीन पर मेहरबान हुआ ईरान, तेल के लिए खोल दिया हॉर्मूज स्ट्रेट; भारत को झटका

मध्य पूर्व में जारी युद्ध और तनाव के बीच एक चौंकाने वाली खबर सामने आई है। ईरान ने होर्मुज जलडमरूमध्य को लेकर बड़ा फैसला लिया है। तेहरान ने घोषणा की है कि अब केवल चीनी जहाजों को ही इस महत्वपूर्ण जलमार्ग से गुजरने की अनुमति दी जाएगी।

Wed, 4 March 2026 04:29 PMDevendra Kasyap लाइव हिन्दुस्तान
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जंग के बीच चीन पर मेहरबान हुआ ईरान, तेल के लिए खोल दिया हॉर्मूज स्ट्रेट; भारत को झटका

मध्य पूर्व में जारी युद्ध और तनाव के बीच एक चौंकाने वाली खबर सामने आई है। ईरान ने होर्मुज जलडमरूमध्य (स्ट्रेट ऑफ होर्मुज) को लेकर बड़ा फैसला लिया है। तेहरान ने घोषणा की है कि अब केवल चीनी जहाजों को ही इस महत्वपूर्ण जलमार्ग से गुजरने की अनुमति दी जाएगी। ईरान ने बीजिंग के मजबूत समर्थन और युद्ध के दौरान उसके साथ खड़े रहने के लिए आभार जताते हुए यह कदम उठाया है।

ईरानी रिवोल्यूशनरी गार्ड्स (IRGC) के अधिकारियों ने स्पष्ट किया है कि अन्य देशों के जहाजों, खासकर पश्चिमी और उनके सहयोगी देशों के टैंकरों को इस रास्ते से गुजरने नहीं दिया जाएगा। उल्लंघन करने वाले जहाजों को निशाना बनाया जा सकता है। ईरान के इस फैसले से भारत को बड़ा झटका लगा है, क्योंकि भारत अपनी काफी तेल जरूरतें खाड़ी देशों से होर्मुज स्ट्रेट के रास्ते ही पूरी करता है। वैश्विक स्तर पर तेल की आपूर्ति में 20 प्रतिशत से ज्यादा हिस्सा इसी संकरे जलडमरूमध्य से गुजरता है।

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इससे पहले ईरान के आईआरजीसी ने सामरिक रूप से बेहद महत्वपूर्ण होर्मुज जलडमरूमध्य पर अपना 'पूर्ण नियंत्रण' होने का दावा किया था। ईरान की समाचार एजेंसी 'फार्स' के अनुसार, आईआरजीसी की नौसेना के अधिकारी मोहम्मद अकबरजादेह ने एक आधिकारिक बयान में कहा कि वर्तमान में होर्मुज जलडमरूमध्य पूरी तरह से इस्लामिक गणराज्य की नौसेना के नियंत्रण में है। ईरान का यह बयान ऐसे समय में आया है जब क्षेत्र में तनाव चरम पर है और कच्चे तेल एवं गैस की कीमतें बढ़ने लगी हैं।

वहीं, अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कहा है कि मध्य पूर्व में जहाजों की सुरक्षा के लिए जरूरत पड़ने पर अमेरिकी नौसेना तैनात की जाएगी और ऊर्जा आपूर्ति बनाए रखने के लिए जहाजरानी कंपनियों को 'उचित कीमत पर' जोखिम बीमा भी उपलब्ध कराया जाएगा। ट्रंप का यह बयान ऐसे समय आया है जब अमेरिका-इजरायल और ईरान के बीच तनाव के कारण वैश्विक ऊर्जा आपूर्ति को लेकर चिंता बढ़ गयी है।

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ट्रंप ने सोशल मीडिया पर कहा कि अमेरिकी सरकार क्षेत्र में काम कर रही जहाजरानी कंपनियों को 'बहुत ही उचित कीमत' पर जोखिम बीमा उपलब्ध कराएगी, ताकि दुनिया में ऊर्जा की निर्बाध आपूर्ति सुनिश्चित की जा सके। विशेषज्ञों का कहना है कि इन आश्वासनों के बावजूद कंपनियों की चिंताएं पूरी तरह दूर होना मुश्किल है।

एक ईरानी अधिकारी ने सोमवार को होर्मुज जलडमरूमध्य से गुजरने की कोशिश करने वाले जहाजों को निशाना बनाने की चेतावनी दी थी और रिपोर्टों के अनुसार ईरानी सैन्य बलों ने क्षेत्र में कई जहाजों पर गोलीबारी भी की है। ताजा स्थिति के चलते कुछ बीमा कंपनियों ने क्षेत्र में जहाजों के लिए बीमा प्रीमियम बढ़ा दिए हैं। लॉयड्स लिस्ट इंटेलिजेंस के आंकड़ों के अनुसार खाड़ी क्षेत्र में लगभग 200 कच्चे तेल और उत्पाद टैंकर फंसे हुए हैं।

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