Uproar over open merit rule in Maharashtra NCP Sharad Pawar Claims unconstitutional and anti-reservation क्या है महाराष्ट्र का ओपन मेरिट रूल? जिसे NCP ने दिया आरक्षण विरोधी करार, दलित-पिछड़े कैसे होंगे प्रभावित, Maharashtra Hindi News - Hindustan
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क्या है महाराष्ट्र का ओपन मेरिट रूल? जिसे NCP ने दिया आरक्षण विरोधी करार, दलित-पिछड़े कैसे होंगे प्रभावित

राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (SP) ने कहा कि आरक्षित श्रेणी के जो छात्र मेरिट के आधार पर 'ओपन श्रेणी' में उत्तीर्ण होते हैं, उन्हें महाराष्ट्र में 'ओपन मेरिट' प्रणाली के तहत ही नौकरियां और प्रवेश मिलने चाहिए।

Thu, 21 May 2026 10:41 PMPramod Praveen पीटीआई, मुंबई
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क्या है महाराष्ट्र का ओपन मेरिट रूल? जिसे NCP ने दिया आरक्षण विरोधी करार, दलित-पिछड़े कैसे होंगे प्रभावित

महाराष्ट्र की देवेंद्र फडणवीस सरकार पर शरद पवार के नेतृत्व वाली राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (NCP-SP) ने आरक्षण विरोधी होने का आरोप लगाया है। NCP ने फडणवीस सरकार पर एक ऐसे असंवैधानिक नियम लाने का आरोप लगाया है, जो कथित तौर पर पिछड़े वर्गों, आदिवासी समुदायों, ओबीसी और अल्पसंख्यक समुदाय के उम्मीदवारों को शिक्षा और सरकारी नौकरियों में उनके उचित अवसरों से वंचित कर देगा। NCP का आरोप है कि फडणवीस सरकार आरक्षण और संविधान विरोधी है, इसीलिए ऐसे नियम लाई है।

क्या है नया ओपन मेरिट रूल?

NCP (शरद गुट) के प्रवक्ता महेश तापसे ने एक प्रेस वार्ता को संबोधित करते हुए कहा कि संविधान में पिछड़े वर्गों एवं आदिवासियों के लिए शिक्षा और सरकारी नौकरियों में आरक्षण का प्रावधान होने के बावजूद, राज्य सरकार ने एक 'अजीब नियम' बनाया है, जिसके तहत आरक्षित श्रेणी के उम्मीदवारों को आरक्षण से संबंधित किसी भी छूट का लाभ उठाने पर 'ओपन मेरिट' श्रेणी में नहीं माना जाएगा, भले ही उन्होंने सामान्य श्रेणी के कट-ऑफ से अधिक अंक प्राप्त किए हों।

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यह पूरी तरह से असंवैधानिक

उन्होंने कहा, ''भले ही ऐसे छात्र या उम्मीदवार योग्यता के आधार पर अंक प्राप्त कर 'ओपन मेरिट' में अर्हता प्राप्त कर लें, फिर भी उन्हें आरक्षित वर्ग के कोटे के तहत ही प्रवेश या नौकरी लेने के लिए मजबूर होना पड़ेगा। उन्हें 'ओपन मेरिट' की योग्यता का लाभ नहीं मिलेगा। यह पूरी तरह से असंवैधानिक निर्णय है।''

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आरक्षण विरोधी एजेंडा चला रही भाजपा

तापसे ने जस्टिस नरसिम्हा और जस्टिस पारदीवाला द्वारा दिए गए उच्चतम न्यायालय के एक फैसले का हवाला दिया, जिसमें कहा गया था कि आरक्षित श्रेणियों के मेधावी छात्र जिनके अंक 'ओपन मेरिट' के कट-ऑफ से ऊपर हैं, उन्हें सामान्य मेधावी उम्मीदवारों के रूप में माना जाना चाहिए, भले ही उन्होंने आरक्षण का लाभ उठाया हो। पिछड़े वर्गों, आदिवासियों, अल्पसंख्यकों और अन्य वंचित वर्गों को शिक्षा और रोजगार के अवसरों से वंचित करने की साजिश का आरोप लगाते हुए, तापसे ने भारतीय जनता पार्टी पर आरक्षण विरोधी एजेंडा चलाने का आरोप लगाया।

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महाराष्ट्र सरकार ने 14 मई को अपनी मंत्रिमंडल बैठक में एक प्रस्ताव को मंजूरी दी, जिसके अनुसार आयु, शैक्षणिक योग्यता, अनुभव और प्रतियोगी परीक्षाओं में प्रयासों की संख्या में छूट का लाभ उठाने वाले आरक्षित श्रेणी के उम्मीदवार केवल आरक्षित श्रेणी के पदों के लिए ही पात्र होंगे, न कि 'ओपन मेरिट' की सीटों के लिये।